28 जून 2026
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तुमकुरु कार बम विस्फोट: युवती का अपहरण कर NH-48 पर खुद को उड़ाया, प्रेमी की मौत

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तुमकुरु कार बम विस्फोट: युवती का अपहरण कर NH-48 पर खुद को उड़ाया, प्रेमी की मौत

सारांश

प्रेम प्रसंग का दर्दनाक अंत — तुमकुरु में 30 वर्षीय नागेंद्र ने विवाह प्रस्ताव ठुकराने वाली प्रेमिका का अपहरण किया, NH-48 पर चाकू से हमला किया, और फिर कार में खुद को बम से उड़ा लिया। राम्या चलती गाड़ी से कूदकर बचीं; पुलिस बम की आपूर्ति की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

27 जून 2026 को कर्नाटक के तुमकुरु जिले में NH-48 पर कल्लाम्बेला के पास कार में बम विस्फोट हुआ।
मृतक की पहचान कारवार जिले के अंकोला निवासी 30 वर्षीय नागेंद्र के रूप में हुई है।
पीड़िता राम्या , जो बेंगलुरु के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में लैब तकनीशियन हैं, चलती गाड़ी से कूदकर बच निकलीं।
टैक्सी चालक प्रवीण ने एक बम छीनकर फेंका; नागेंद्र ने दूसरे बम से खुद को उड़ाया।
पुलिस ने घटनास्थल से एक बिना फटा देसी बम बरामद किया; बम की आपूर्ति की जाँच जारी।
तुमकुरु पुलिस अधीक्षक अशोक वेंकट ने घटनास्थल का दौरा किया।

कर्नाटक के तुमकुरु जिले में 27 जून 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर कल्लाम्बेला के निकट एक दिल दहला देने वाली घटना में 30 वर्षीय नागेंद्र ने कथित तौर पर अपनी पूर्व प्रेमिका का अपहरण करने के बाद चलती कार में देसी बम विस्फोट कर जान दे दी। पीड़िता राम्या और टैक्सी चालक प्रवीण बाल-बाल बच निकले।

घटनाक्रम: कैसे हुई यह वारदात

पुलिस के अनुसार, कारवार जिले के अंकोला निवासी नागेंद्र और राम्या लगभग आठ वर्षों से संबंध में थे। बेंगलुरु के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर कार्यरत राम्या ने कथित तौर पर आपसी मतभेदों के चलते नागेंद्र का विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

नागेंद्र ने कथित तौर पर उबर के माध्यम से अपने नाम पर एक टैक्सी बुक की और बेंगलुरु स्थित उस पेइंग गेस्ट हाउस में पहुँचा जहाँ राम्या रह रही थीं। इसके बाद उसने राम्या को जबरन अपने साथ ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही राम्या की एक सहेली ने बेंगलुरु के सिद्धापुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

चलती गाड़ी में हमला, राम्या ने कूदकर बचाई जान

NH-48 पर यात्रा के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई। टैक्सी चालक प्रवीण के बयान के अनुसार, नागेंद्र ने राम्या पर चाकू से हमला किया। राम्या ने चलती गाड़ी से कूदकर जान बचाई, जिसके बाद प्रवीण ने गाड़ी रोककर उन्हें एक गुजरती मोटरसाइकिल पर सुरक्षित भिजवाया। राम्या ने कथित तौर पर पहले ही चेतावनी दी थी कि नागेंद्र के पास बम हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रवीण ने नागेंद्र के हाथ से एक देसी बम छीनकर फेंक दिया। इसके बाद नागेंद्र ने खुद को कार के अंदर बंद कर लिया और दूसरे देसी बम में विस्फोट कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

पुलिस की जाँच और बरामदगी

तुमकुरु के पुलिस अधीक्षक अशोक वेंकट ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक बिना फटा देसी बम भी बरामद किया है। टैक्सी चालक प्रवीण का बयान आंशिक रूप से अलग है और पुलिस उसके बयानों की पुष्टि कर रही है।

जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि नागेंद्र ने ये देसी बम कहाँ से और कैसे हासिल किए। यह पहलू जाँच का सबसे अहम बिंदु बना हुआ है।

आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर

यह घटना ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में महिलाओं के विरुद्ध अपराध और स्टॉकिंग के मामलों को लेकर पहले से ही चिंता व्यक्त की जा रही है। राम्या के सिर पर चोट आई है और वह उपचाराधीन बताई जा रही हैं। पुलिस उनका बयान दर्ज कर रही है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने मामले में अपहरण और विस्फोटक सामग्री के अवैध कब्जे से जुड़ी धाराओं के तहत जाँच शुरू कर दी है। बम की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाना जाँच की प्राथमिकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निगरानी कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुमकुरु कार बम विस्फोट में क्या हुआ?
27 जून 2026 को कर्नाटक के तुमकुरु जिले में NH-48 पर 30 वर्षीय नागेंद्र ने अपनी पूर्व प्रेमिका राम्या का अपहरण करने के बाद कार के अंदर देसी बम विस्फोट कर जान दे दी। राम्या चलती गाड़ी से कूदकर और टैक्सी चालक प्रवीण की मदद से सुरक्षित बच निकलीं।
नागेंद्र ने यह कदम क्यों उठाया?
पुलिस के अनुसार, नागेंद्र और राम्या लगभग आठ वर्षों से संबंध में थे। राम्या द्वारा कथित तौर पर विवाह प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद नागेंद्र ने यह कदम उठाया। घटना के पीछे की पूरी मानसिक स्थिति की जाँच अभी जारी है।
पीड़िता राम्या कौन हैं और वे कैसे बचीं?
राम्या बेंगलुरु के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में प्रयोगशाला तकनीशियन हैं और अंकोला क्षेत्र की निवासी हैं। NH-48 पर चलती गाड़ी में नागेंद्र द्वारा हमला किए जाने के बाद वे गाड़ी से कूद गईं और टैक्सी चालक प्रवीण ने उन्हें एक गुजरती मोटरसाइकिल पर बिठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
पुलिस अब किन पहलुओं की जाँच कर रही है?
तुमकुरु पुलिस अपहरण और विस्फोटक सामग्री के अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की जाँच कर रही है। सबसे अहम जाँच यह है कि नागेंद्र ने देसी बम कहाँ से और कैसे हासिल किए। घटनास्थल से एक बिना फटा बम भी बरामद किया गया है।
टैक्सी चालक प्रवीण की भूमिका क्या रही?
टैक्सी चालक प्रवीण ने राम्या को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नागेंद्र के हाथ से एक देसी बम छीनकर फेंक दिया और राम्या को एक मोटरसाइकिल पर बिठाकर भागने में मदद की। उनका बयान पुलिस के मुख्य बयान से कुछ बिंदुओं पर अलग है और जाँचकर्ता इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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