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तुमकुरु कार बम विस्फोट: ठुकराए प्रेमी नागेंद्र की जुनूनी सनक, राम्या और ड्राइवर बाल-बाल बचे

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तुमकुरु कार बम विस्फोट: ठुकराए प्रेमी नागेंद्र की जुनूनी सनक, राम्या और ड्राइवर बाल-बाल बचे

सारांश

तुमकुरु में एक ठुकराए प्रेमी ने अपहरण के बाद कैब में ही देसी बम फोड़ लिया — जुनून और शक की इस दर्दनाक परिणति में सिर्फ वही मारा गया। राम्या और ड्राइवर बचे, लेकिन असली सवाल यह है: एक आम आदमी को इतना घातक विस्फोटक कहाँ से मिला?

मुख्य बातें

27 जून 2025 को तुमकुरु के शिरा तालुक में नेशनल हाईवे-48 पर नागेंद्र गौड़ा ने कैब में देसी बम फोड़ा, मौके पर ही मौत हो गई।
पीड़िता राम्या चलती गाड़ी से कूदकर बची; कैब चालक प्रवीण ने भी जान बचाई।
नागेंद्र और राम्या के बीच छह से आठ साल पुराना रिश्ता था; राम्या के विवाह प्रस्ताव ठुकराने के बाद नागेंद्र की जुनूनी हरकतें बढ़ गई थीं।
घटनास्थल से एक अविस्फोटित देसी बम भी बरामद; नागेंद्र का मोबाइल पूरी तरह जला, डिजिटल साक्ष्य जुटाना मुश्किल।
सेंट्रल रेंज आईजी गिरीश के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें विस्फोटक के स्रोत की जांच में लगी हैं; उत्तर कन्नड़ के जंगली इलाकों से संबंध की जाँच हो रही है।
कल्लांबेला पुलिस ने मामला दर्ज किया; बेंगलुरु के सिद्धापुरा थाने में भी अपहरण की शिकायत दर्ज है।

तुमकुरु (कर्नाटक) के शिरा तालुक में 27 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब अंकोला निवासी नागेंद्र गौड़ा ने एक युवती राम्या का अपहरण कर नेशनल हाईवे-48 पर चलती कैब के भीतर देसी बम फोड़ लिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राम्या और कैब चालक प्रवीण किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि नागेंद्र को यह विस्फोटक कहाँ से मिला।

घटनाक्रम: कैसे हुई यह वारदात

जांच के अनुसार, नागेंद्र ने बेंगलुरु में उबर के जरिए अपने नाम पर एक कैब बुक की और उस पेइंग गेस्ट आवास पर पहुँचा जहाँ राम्या रह रही थी। वहाँ से उसने जबरदस्ती राम्या को गाड़ी में बिठाया और रवाना हो गया। राम्या की एक सहेली ने इस घटना को देखकर बेंगलुरु के सिद्धापुरा पुलिस स्टेशन में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।

नेशनल हाईवे-48 पर यात्रा के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। कैब चालक प्रवीण के बयान के अनुसार, नागेंद्र ने राम्या पर चाकू से भी हमला किया। राम्या ने चलती गाड़ी से कूदकर जान बचाई और एक गुजरती मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहाँ से निकल गई। इसके बाद नागेंद्र ने खुद को कार के भीतर बंद कर लिया और देसी बम में विस्फोट कर दिया, जिससे गाड़ी पूरी तरह तबाह हो गई।

ड्राइवर प्रवीण का बयान

कैब चालक प्रवीण ने जांचकर्ताओं को बताया कि कल्लांबेला पहुँचने तक सफर सामान्य रहा, लेकिन तभी अंकोला से एक फोन आया जिसमें अपहरण की सूचना मिली। प्रवीण ने दावा किया कि जब वह कार के पास पहुँचा तो नागेंद्र के हाथ में देसी बम था। उसने एक बम छीनकर दूर फेंका, लेकिन नागेंद्र ने दूसरा बम जला दिया जिससे जानलेवा धमाका हुआ। पुलिस प्रवीण के बयानों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है।

छह साल का रिश्ता, टूटते विश्वास की कहानी

जांच के अनुसार, नागेंद्र और राम्या के बीच करीब छह से आठ साल पुराना रिश्ता था। दोनों पहली बार एक पारिवारिक समारोह में मिले थे। जब राम्या पहले कारवार जिले में और फिर बेंगलुरु चली गई, तब नागेंद्र को शक होने लगा कि उसके किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध हैं। इस शक के चलते दोनों के बीच झगड़े बढ़ते गए।

राम्या ने जांचकर्ताओं को बताया कि नागेंद्र बेहद पजेसिव हो गया था, अक्सर मारपीट करता था और शादी के लिए लगातार दबाव डालता था। हर झगड़े के बाद राम्या उसे शादी का आश्वासन देकर शांत कर देती थी। करीब दो साल पहले रिश्ते में गहरी दरार आ गई और राम्या ने उसका विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया। पुलिस के अनुसार, नागेंद्र ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि इनकार पर वह अपनी जान दे देगा।

विस्फोटक के स्रोत की जांच

सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गिरीश के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें विस्फोटक के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। जांचकर्ताओं को मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर कन्नड़ जिले के जंगली इलाकों — कारवार, येल्लापुरा, हालियाल, जोइडा और डंडेली — में कभी-कभी देसी बमों का इस्तेमाल होता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या विस्फोटक इन्हीं क्षेत्रों से लाया गया था।

विस्फोट में नागेंद्र का मोबाइल फोन पूरी तरह जल गया, जिससे डिजिटल साक्ष्य जुटाना मुश्किल हो गया है। घटनास्थल से पुलिस ने एक अविस्फोटित देसी बम भी बरामद किया है, जिसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।

गाँव वालों की प्रतिक्रिया और आगे की जांच

नागेंद्र के पैतृक गाँव के लोगों ने इस घटना पर हैरानी जताई। ग्रामीणों ने उसे एक अंतर्मुखी और शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया जो अधिकतर अपने में ही रहता था। कल्लांबेला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों ने चिंता जताई है कि एक आम नागरिक तक इस तरह का विस्फोटक उपकरण कैसे पहुँचा — यह सवाल इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मारपीट, शादी के लिए दबाव, जान देने की धमकी — घरेलू हिंसा के चेतावनी संकेत थे जो स्पष्ट रूप से पहले से मौजूद थे। उतना ही गंभीर सवाल यह है कि एक आम नागरिक के हाथ में इतना घातक विस्फोटक कैसे पहुँचा — यह खामी कानून-व्यवस्था और विस्फोटक नियंत्रण तंत्र दोनों पर सवाल उठाती है। राम्या की जान बची, लेकिन इस तरह की घटनाओं में हमेशा ऐसा नहीं होता — और यही वह असुविधाजनक सच है जिसे इस मामले की कवरेज में केंद्र में रहना चाहिए।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुमकुरु कार बम विस्फोट की घटना क्या है?
27 जून 2025 को कर्नाटक के तुमकुरु जिले में नागेंद्र गौड़ा नामक व्यक्ति ने युवती राम्या का अपहरण कर नेशनल हाईवे-48 पर चलती कैब में देसी बम फोड़ लिया। धमाके में नागेंद्र की मौत हो गई जबकि राम्या और कैब चालक प्रवीण बच गए।
नागेंद्र गौड़ा ने यह कदम क्यों उठाया?
जांच के अनुसार, नागेंद्र और राम्या के बीच करीब छह से आठ साल का रिश्ता था। राम्या के विवाह प्रस्ताव ठुकराने और बेंगलुरु चले जाने के बाद नागेंद्र अत्यधिक पजेसिव और हिंसक हो गया था। पुलिस का मानना है कि इसी जुनूनी व्यवहार और रिश्ते के टूटने की वजह से उसने यह कदम उठाया।
राम्या और कैब ड्राइवर कैसे बचे?
राम्या नागेंद्र से बहस के दौरान चलती गाड़ी से कूदकर भागी और एक गुजरती मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकल गई। कैब चालक प्रवीण ने नागेंद्र के हाथ से एक बम छीनकर दूर फेंका, लेकिन नागेंद्र ने दूसरा बम जला दिया जिससे धमाका हुआ।
पुलिस विस्फोटक के स्रोत की जांच कैसे कर रही है?
सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गिरीश के निर्देश पर कई टीमें लगाई गई हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि विस्फोटक उत्तर कन्नड़ जिले के जंगली इलाकों — कारवार, येल्लापुरा, हालियाल, जोइडा या डंडेली — से लाया गया हो सकता है। घटनास्थल से एक अविस्फोटित बम भी बरामद किया गया है।
इस मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
कल्लांबेला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। बेंगलुरु के सिद्धापुरा पुलिस स्टेशन में भी अपहरण की शिकायत दर्ज है। नागेंद्र का मोबाइल फोन विस्फोट में जल जाने से डिजिटल साक्ष्य जुटाने में कठिनाई आ रही है।
राष्ट्र प्रेस
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