कर्नाटक: प्रेमी ने विवाहित महिला को जिंदा जलाया, फिर ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या

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कर्नाटक: प्रेमी ने विवाहित महिला को जिंदा जलाया, फिर ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या

सारांश

कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में एक शख्स ने विवाहित प्रेमिका के पति न छोड़ने पर उसे कार में जिंदा जला दिया और फिर पुलिस से बचने के लिए बिदादी के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। यह मामला प्रेम प्रसंग में हिंसा की बढ़ती घटनाओं की एक और कड़ी है।

मुख्य बातें

2 अप्रैल को जिंके बच्चाहल्ली , चिक्काबल्लापुर में रमनजिनप्पा ने सुजाता (35) को कार में बंद कर जिंदा जलाया।
सुजाता देवनाहल्ली की निवासी थीं; रमनजिनप्पा मरासंद्रा का रहने वाला था और अपनी पत्नी से 4 महीने पहले अलग हो चुका था।
सुजाता द्वारा पति छोड़ने से इनकार करने पर रमनजिनप्पा ने यह वारदात अंजाम दी।
वारदात में इस्तेमाल कार मरासंद्रा के सुरेश की थी, जिसे आरोपी ने उनसे लिया था।
गिरफ्तारी के डर से रमनजिनप्पा ने बिदादी (बेंगलुरु बाहरी इलाका) के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
मामला डोड्डाबल्लापुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज; जांच जारी।

चिक्काबल्लापुर जिले के जिंके बच्चाहल्ली (कर्नाटक) में 2 अप्रैल को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी विवाहित प्रेमिका को जिंदा जला दिया और बाद में गिरफ्तारी के डर से बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, इस घटना में दोनों की मौत हो गई और मामला डोड्डाबल्लापुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस जांच के अनुसार, 35 वर्षीया सुजाता देवनाहल्ली की निवासी थीं और उनका कथित तौर पर मरासंद्रा निवासी रमनजिनप्पा के साथ संबंध था। रमनजिनप्पा अपनी पत्नी से चार महीने पहले ही अलग हो चुका था और वह सुजाता पर भी उनके पति को छोड़ने का दबाव डाल रहा था।

पुलिस के अनुसार, सुजाता अपने प्रेमी के प्रभाव में आकर उसके साथ रहने लगी थीं। जब उन्होंने अपने पति को हमेशा के लिए छोड़ने से इनकार कर दिया, तो स्थिति बिगड़ गई।

वारदात का तरीका

2 अप्रैल को रमनजिनप्पा ने कथित तौर पर उस कार में आग लगा दी जिसमें सुजाता बैठी थीं, जिससे वह जिंदा जल गईं। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया। जांच में सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार मरासंद्रा के ही सुरेश नामक व्यक्ति की थी, जिसे रमनजिनप्पा ने उनसे लिया था।

आरोपी का अंत

पुलिस जब रमनजिनप्पा की तलाश कर रही थी, तब वह छिपा हुआ था। बताया जाता है कि गिरफ्तारी के डर से उसने बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी के पास एक ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इस प्रकार दोनों की मृत्यु के साथ यह मामला और भी त्रासद हो गया।

कर्नाटक में ऐसे मामलों का संदर्भ

गौरतलब है कि यह ऐसी पहली घटना नहीं है। मार्च 2025 में मैसूर की एक अदालत ने कवलंदे थाना क्षेत्र के हलेपुरा गांव के महादेवनयका को जुलाई 2022 में अपनी प्रेमिका की हत्या करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। महादेवनयका का उस महिला के साथ करीब 20 वर्षों से संबंध था और हत्या से तीन महीने पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था।

उस मामले में कवलंदे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बावजूद विवाद सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन महादेवनयका के मन में नाराजगी बनी रही और उसने महिला की हत्या कर दी। अदालत ने उसे आजीवन कारावास — यानी पूरी उम्र जेल में रहने — की सजा सुनाई।

आगे की जांच

डोड्डाबल्लापुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है। अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाती हैं कि क्या दंड का भय पर्याप्त निवारक है। पुलिस की प्रतिक्रिया और सामाजिक हस्तक्षेप तंत्र — जैसा महादेवनयका मामले में थाने पर हुई सुलह की असफल कोशिश से स्पष्ट है — पर गहन पुनर्विचार की जरूरत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिक्काबल्लापुर में सुजाता की हत्या कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, 2 अप्रैल को रमनजिनप्पा ने उस कार में आग लगा दी जिसमें सुजाता बैठी थीं, जिससे वह जिंदा जल गईं। घटना जिंके बच्चाहल्ली, डोड्डाबल्लापुरा के पास हुई।
रमनजिनप्पा ने आत्महत्या क्यों की?
बताया जाता है कि सुजाता की हत्या के बाद पुलिस द्वारा तलाश किए जाने पर रमनजिनप्पा छिप गया था। गिरफ्तारी के डर से उसने बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
इस मामले में हत्या की वजह क्या बताई जा रही है?
पुलिस के अनुसार, रमनजिनप्पा सुजाता पर उनके पति को छोड़ने का दबाव डाल रहा था। जब सुजाता ने इनकार कर दिया, तो उसने यह वारदात की। रमनजिनप्पा अपनी खुद की पत्नी से भी चार महीने पहले अलग हो चुका था।
मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज है?
यह मामला डोड्डाबल्लापुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
कर्नाटक में इससे पहले ऐसे मामलों में क्या सजा हुई है?
मार्च 2025 में मैसूर की एक अदालत ने महादेवनयका को जुलाई 2022 में अपनी प्रेमिका की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उस मामले में आरोपी का महिला के साथ करीब 20 वर्षों से संबंध था।
राष्ट्र प्रेस
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