कर्नाटक SSLC परिणाम 2025: 94.1% पास दर, लड़कियों ने फिर मारी बाजी — 14% की ऐतिहासिक छलांग
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु, 23 अप्रैल। कर्नाटक एसएसएलसी (कक्षा 10) परीक्षा-1, 2025 के परिणाम घोषित हो गए हैं और इस बार राज्य ने 94.1 प्रतिशत की शानदार पास दर के साथ एक नया मुकाम हासिल किया है। यह बीते साल के 80.04 प्रतिशत की तुलना में करीब 14 प्रतिशत अंकों की ऐतिहासिक बढ़ोतरी है। शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयास का नतीजा बताते हुए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी।
परीक्षा में उपस्थिति और सफलता के आंकड़े
इस वर्ष 7,75,999 नियमित नए छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 7,70,209 परीक्षा में शामिल हुए। मात्र 5,790 छात्र अनुपस्थित रहे और उपस्थिति दर 99.2 प्रतिशत दर्ज की गई।
कुल 7,24,794 छात्र परीक्षा में सफल घोषित किए गए। यह आंकड़ा राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पछाड़ा
इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.18% रहा, जबकि लड़कों का 91.94% दर्ज किया गया।
परीक्षा में 3,77,922 लड़कियां और 3,46,872 लड़के शामिल हुए थे। लगातार कई वर्षों से लड़कियों का बेहतर प्रदर्शन राज्य में बालिका शिक्षा की मजबूत होती नींव का प्रमाण है।
न्यूनतम पासिंग मार्क्स में बदलाव और ग्रामीण-शहरी प्रदर्शन
राज्य सरकार ने इस साल न्यूनतम पासिंग मार्क्स 35 प्रतिशत से घटाकर 33 प्रतिशत कर दिए, जिसका सीधा फायदा 1,532 छात्रों को मिला।
ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने 94.80% पास दर के साथ शहरी छात्रों (93.2%) को पीछे छोड़ दिया। सरकारी स्कूलों में पास प्रतिशत में 16.8 प्रतिशत अंकों का उल्लेखनीय सुधार देखा गया। करीब 66.5 प्रतिशत छात्रों ने 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए।
जिलेवार प्रदर्शन — मंगलुरु शीर्ष पर, कलबुर्गी सबसे नीचे
मंगलुरु जिला 98.40% के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। उडुपी (98.18%) दूसरे और कारवार (98.08%) तीसरे स्थान पर रहे।
बेंगलुरु रूरल (95.83%), बेंगलुरु नॉर्थ (95.33%) और बेंगलुरु साउथ (91.64%) का प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा। वहीं, कलबुर्गी जिला 85.06% के साथ सूची में सबसे निचले पायदान पर रहा।
पूर्ण अंक पाने वाले होनहार छात्र और तकनीकी नवाचार
इस वर्ष कई मेधावी छात्रों ने 625 में से 625 अंक हासिल कर पूर्ण स्कोर का कारनामा किया। इनमें प्रार्थना नागप्पा बिरादार पाटिल (बेलगावी), भरत जी (दावणगेरे), ब्रुंदा एम तापसे (चिक्कमगलुरु), धनुष सुधीर मैसूर (बेंगलुरु), प्रीतम जी पूजारी (उडुपी), सौजन्या बसवराज कंदाकुर (विजयपुरा) और सुखदेव (रायचूर) शामिल हैं।
इस बार 35 जिलों में 237 केंद्रों पर 16 अप्रैल तक कॉपी जांच पूरी कर ली गई थी। परिणाम एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए और पहली बार डीजीलॉकर पर भी मार्क्स कार्ड उपलब्ध कराए गए, जो डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष के परिणाम राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में हो रहे व्यापक सुधार के संकेत हैं। आगे पूरक परीक्षा की तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी, जिससे असफल छात्रों को दोबारा अवसर मिलेगा।