14 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद: बोम्मई ने सीबीआई जांच की मांग की, शिवकुमार पर उठाए सवाल

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कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद: बोम्मई ने सीबीआई जांच की मांग की, शिवकुमार पर उठाए सवाल

सारांश

कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। पूर्व CM बोम्मई ने CBI जांच की माँग करते हुए CM शिवकुमार पर ही पलटवार किया — अगर आपको पता था, तो जांच का आदेश क्यों नहीं दिया? तीन साल में 25 SIT और फिर भी न्याय नहीं — यही BJP का मुख्य हथियार है।

मुख्य बातें

BJP सांसद बसवराज बोम्मई ने 14 अक्टूबर 2026 को हावेरी में CBI जांच की माँग की।
CM डीके शिवकुमार पर आरोप — कैबिनेट में पाँच मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन की चेतावनी देने के बाद भी जांच का आदेश नहीं दिया।
बोम्मई ने राज्य सरकार द्वारा तीन साल में बनाई गई लगभग 25 SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर पूर्व CM सिद्दारमैया से जुड़ी कथित जानकारी फैलने का भी ज़िक्र।
बोम्मई ने कहा — शिवकुमार ने खुद स्वीकार किया था कि वे भी स्टिंग ऑपरेशन का निशाना बने थे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 14 अक्टूबर 2026 को हावेरी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के मंत्रियों को कथित तौर पर निशाना बनाने वाले स्टिंग ऑपरेशन की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य की राजनीति से स्वतंत्र किसी एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जांच ही सच्चाई उजागर कर सकती है।

मुख्य घटनाक्रम

बोम्मई ने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद स्वीकार किया था कि राज्य के मंत्रियों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किए जा रहे हैं और उन्होंने कैबिनेट बैठक में पाँच मंत्रियों को इस संबंध में चेतावनी भी दी थी। बोम्मई ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री को इन ऑपरेशनों की जानकारी नहीं थी, तो उन्होंने कैबिनेट में यह चेतावनी कैसे दी।

उन्होंने कहा, 'पहले स्टिंग ऑपरेशन सिर्फ कुछ खास हालात में ही किए जाते थे, लेकिन हाल के समय में ऐसा लगता है कि इनका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए या राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए ज्यादा किया जा रहा है।'

शिवकुमार पर सीधे सवाल

बोम्मई ने यह भी उल्लेख किया कि सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़ी कथित जानकारी प्रसारित हो रही थी। उन्होंने पूछा कि इन घटनाओं के बावजूद राज्य सरकार ने जांच का आदेश क्यों नहीं दिया। उनके अनुसार, 'अगर मुख्यमंत्री कहते हैं कि स्टिंग ऑपरेशन हो रहे हैं और फिर बिना जांच का आदेश दिए चुप रहते हैं, तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं — क्या इन ऑपरेशनों का मकसद कन्फ्यूजन पैदा करना था या कैबिनेट मंत्रियों को डराना-धमकाना था?'

बोम्मई ने यह भी जोड़ा कि शिवकुमार ऐसे नेता नहीं हैं जो बिना आधार के बयान दें, और इसीलिए उनके पास निश्चित रूप से कोई जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि शिवकुमार ने खुद भी कहा था कि वे जांच एजेंसी को सारी जानकारी सौंपने को तैयार हैं — इसलिए उन्हें जांच के आदेश देने में देरी नहीं करनी चाहिए।

एसआईटी पर आलोचना

बोम्मई ने राज्य सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) पर निर्भरता की तीखी आलोचना की। उनके अनुसार, पिछले तीन वर्षों में लगभग 25 SIT गठित की जा चुकी हैं, फिर भी कई मामलों में न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष दोनों के सदस्य शिकायतें कर रहे हों, तो विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी की जांच अनिवार्य हो जाती है।

कुमारस्वामी-शाह मुलाकात पर बोम्मई का रुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कुमारस्वामी की प्रस्तावित मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर बोम्मई ने कहा कि यह फैसला कुमारस्वामी का अपना है और उन्होंने इस विषय पर आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपना ध्यान जांच की माँग पर केंद्रित रखा।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में और गहरा हो रहा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से कई मोर्चों पर दबाव में है। गौरतलब है कि स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े आरोप राज्य की राजनीति में नए नहीं हैं, लेकिन इस बार कथित तौर पर खुद सत्ता पक्ष के भीतर से चेतावनियाँ आने की बात सामने आई है। BJP द्वारा CBI जांच की माँग के बाद राज्य सरकार का अगला कदम यह तय करेगा कि यह मामला किस दिशा में जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जांच न करवाना या तो लापरवाही है या राजनीतिक सुविधा। तीन साल में 25 SIT का आँकड़ा — अगर सही है — यह राज्य की जांच संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। हालांकि यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि BJP केंद्र में CBI को नियंत्रित करती है, इसलिए 'स्वतंत्र जांच' की माँग राजनीतिक संदर्भ से पूरी तरह मुक्त नहीं है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन विवाद क्या है?
कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशनों को लेकर विवाद उठा है, जिनमें राज्य के मंत्रियों को निशाना बनाया गया बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कथित तौर पर कैबिनेट बैठक में पाँच मंत्रियों को इस बारे में चेतावनी दी थी, जिसके बाद BJP ने CBI जांच की माँग उठाई है।
बसवराज बोम्मई ने CBI जांच की माँग क्यों की?
बोम्मई का तर्क है कि राज्य सरकार की SIT पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि तीन साल में करीब 25 SIT बनाई जा चुकी हैं और कई मामलों में न्याय नहीं मिला। उनके अनुसार राज्य की राजनीति से स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी ही निष्पक्ष जांच कर सकती है।
CM शिवकुमार पर बोम्मई ने क्या आरोप लगाए?
बोम्मई ने कहा कि शिवकुमार ने खुद कैबिनेट में पाँच मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन की चेतावनी दी थी और दावा किया था कि वे खुद भी ऐसे ऑपरेशन का निशाना बने। इसके बावजूद सरकार ने जांच का आदेश नहीं दिया, जो बोम्मई के अनुसार गंभीर सवाल खड़े करता है।
कुमारस्वामी और अमित शाह की मुलाकात से इस मामले का क्या संबंध है?
जब बोम्मई से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कुमारस्वामी की प्रस्तावित मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे कुमारस्वामी का व्यक्तिगत फैसला बताया और इस पर आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पहले से कई मोर्चों पर दबाव में है। BJP का CBI जांच की माँग को लेकर आक्रामक रुख सत्ता पक्ष पर राजनीतिक दबाव बढ़ाएगा। राज्य सरकार का अगला कदम यह तय करेगा कि मामला जांच की दिशा में जाता है या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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