तुमकुरु में 47% बारिश की कमी से जल संकट, सभी तालुक सूखाग्रस्त घोषित; ₹15 करोड़ जारी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के तुमकुरु जिले में इस वर्ष दक्षिण पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान बारिश में 47 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है, जिसके चलते जिले के सभी तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। जून से सितंबर 2026 के बीच जिले में सामान्य 347 मिमी बारिश की जगह मात्र 183 मिमी वर्षा हुई है। जिला प्रशासन ने पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले ही ₹15 करोड़ जारी कर दिए हैं।
बारिश की कमी का विस्तृत आकलन
डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने बताया कि अकेले सितंबर महीने में बारिश में लगभग 77 प्रतिशत की कमी रही, जो पूरे मॉनसून सीजन की सबसे गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि बारिश की कमी और अन्य निर्धारित पैमानों को ध्यान में रखते हुए तुमकुरु जिले के सभी तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने का निर्णय लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे कर्नाटक के कई जिले मॉनसून की अनियमितता से जूझ रहे हैं।
पेयजल आपूर्ति के लिए सरकारी कदम
जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार ने ₹15 करोड़ की राशि जारी की है। पहले चरण में जारी ₹5 करोड़ से 310 कार्य चल रहे हैं, जिनमें विभिन्न तालुकों में नए बोरवेल खोदना और पाइपलाइन बिछाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹1 करोड़ जारी किए गए हैं, जिसके तहत लगभग 390 कार्य जारी हैं।
इन 390 कार्यों में से 119 में नए बोरवेल खोदना, 21 पुराने बंद बोरवेलों को पुनः खोदना और 164 कार्यों में पाइपलाइन बिछाना शामिल है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया, "मैंने पाँच तालुकों का दौरा और निरीक्षण किया है। जिन कार्यों के लिए फंड जारी किया गया है, वे तुमकुरु रूरल, मधुगिरी और चिक्कनायकनहल्ली तालुकों में शुरू हो चुके हैं।"
हेमावती जलाशय से पानी की आपूर्ति
गौरतलब है कि पेयजल की माँग पूरी करने के लिए गोरूर स्थित हेमावती जलाशय से तुमकुरु जिले के लिए लगभग 4.2 टीएमसी पानी छोड़ा गया है और इस पानी का उपयोग विशेष रूप से पीने के प्रयोजन से किया जा रहा है। यह कदम तब उठाया गया जब जिले के स्थानीय जल स्रोत सूखने की कगार पर पहुँच गए।
कृषि पर असर और केंद्रीय दल का दौरा
कृषि की स्थिति पर बात करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि तय क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में बुआई हो चुकी है, परंतु कम बारिश के कारण रागी की खेती अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सकी है। बुआई की यह स्थिति सरकार को सौंप दी गई है। सूखे की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की एक विशेष टीम के 2 या 3 अक्टूबर 2026 को जिले का दौरा करने की संभावना है।
यह टीम ज़मीन पर जाकर पेयजल की उपलब्धता और फसलों की हालत का व्यापक आकलन करेगी, जिसके आधार पर आगे की राहत और मुआवज़े की योजना बनाई जाएगी। विभिन्न विभागों के बीच तालमेल के लिए अधिकारियों की अगुवाई में नियमित बैठकें भी की जा रही हैं।