21 सितंबर 2026
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कर्नाटक 'अर्बन नक्सलियों' का गढ़ बन रहा है, बेंगलुरु में विदेशी फंडिंग: BJP नेता आर. अशोक का बड़ा आरोप

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कर्नाटक 'अर्बन नक्सलियों' का गढ़ बन रहा है, बेंगलुरु में विदेशी फंडिंग: BJP नेता आर. अशोक का बड़ा आरोप

सारांश

BJP के आर. अशोक ने बेंगलुरु में ₹92 करोड़ की विदेशी फंडिंग का आरोप लगाते हुए कर्नाटक को 'अर्बन नक्सलियों का गढ़' बताया। गृह मंत्री खड़गे और मुख्यमंत्री शिवकुमार पर सीधा हमला — साथ में गदग तालुक को सूखाग्रस्त घोषित करने और ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजे की माँग।

मुख्य बातें

अशोक ने 21 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि कर्नाटक 'अर्बन नक्सलियों' का पसंदीदा ठिकाना बन रहा है।
एक अमेरिकी ईसाई संगठन ने बेंगलुरु की दो शेल कंपनियों को कथित तौर पर ₹92 करोड़ ट्रांसफर किए — यह दावा ED जाँच पर आधारित बताया गया।
अशोक ने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर इन गतिविधियों के प्रति नरम रवैये का आरोप लगाया।
गदग तालुक में इस वर्ष 49 प्रतिशत कम वर्षा; अशोक ने तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने और ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजे की माँग की।
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एचके पाटिल ने 10 अक्टूबर तक गदग को सूखाग्रस्त न घोषित करने पर विधायक पद से इस्तीफे की चेतावनी दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने 21 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि कर्नाटक नक्सलियों के लिए पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है और बेंगलुरु में विदेशी संस्थाएँ वामपंथी उग्रवाद की गतिविधियों को वित्तपोषित कर रही हैं। यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब राज्य में कांग्रेस सरकार और केंद्रीय जाँच एजेंसियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

मुख्य आरोप और दावे

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में आर. अशोक ने दावा किया कि एक अमेरिकी ईसाई संगठन ने बेंगलुरु की दो शेल कंपनियों को ₹92 करोड़ ट्रांसफर किए हैं। उन्होंने कहा कि ये तथ्य प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच के दौरान सामने आए हैं। अशोक का कथित आरोप है कि विदेशी ताकतें बेंगलुरु को वामपंथी उग्रवाद फैलाने के लिए आधार के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं।

अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद 'अर्बन नक्सलियों' और वामपंथी उग्रवादियों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि ED जैसी केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ वह काम कर रही हैं जो राज्य के गृह विभाग की जिम्मेदारी होनी चाहिए थी।

खड़गे और शिवकुमार पर निशाना

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को सीधे निशाने पर लेते हुए अशोक ने सवाल उठाया कि यदि विदेशों से करोड़ों रुपए कथित तौर पर नक्सलियों तक पहुँच रहे हैं और गृह विभाग को इसकी खबर नहीं है, तो क्या 'अर्बन नक्सल' विभाग को संरक्षण दे रहे हैं। अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से कथित संबंधों के चलते राज्य सरकार इन गतिविधियों पर नरम रवैया अपना रही है — हालाँकि यह सरोकार सरकार की ओर से अभी तक न स्वीकार किया गया है और न खंडित।

अशोक ने कांग्रेस पर 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट' (FCRA) में केंद्र के प्रस्तावित संशोधनों का विरोध करने का भी आरोप लगाया, और दावा किया कि ये संशोधन विदेशी धन को उग्रवादी गतिविधियों में जाने से रोकने के लिए ज़रूरी थे। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान पर यह भी आरोप लगाया कि उसने कर्नाटक को 'एटीएम' बनाया है और अब राज्य को 'अर्बन नक्सलियों' का सुरक्षित पनाहगाह बनने दे रहा है।

बेंगलुरु की ब्रांड छवि पर चोट

अशोक ने कहा कि बेंगलुरु, जिसे राज्य सरकार 'ब्रांड बेंगलुरु' अभियान के तहत बढ़ावा देती है, उग्रवादी गतिविधियों के चलते एक अलग और नकारात्मक पहचान बना रहा है। उन्होंने शहर में नागरिक सुविधाओं की खराब स्थिति पर भी सरकार की आलोचना की और मुख्यमंत्री से बेंगलुरु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की माँग की।

गदग सूखे पर अलग माँग

इसी प्रेस वार्ता में अशोक ने गदग तालुक को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने की भी माँग की। उन्होंने बताया कि गदग में इस वर्ष वर्षा में 49 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और किसानों को भारी फसल नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री एचके पाटिल ने चेतावनी दी है कि 10 अक्टूबर तक यदि गदग तालुक को सूखाग्रस्त नहीं घोषित किया गया, तो वे अपना विधायक पद छोड़ देंगे।

अशोक ने माँग की कि सरकार सभी सूखा-प्रभावित तालुकों को सूची में शामिल करे और प्रत्येक प्रभावित किसान को ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार से दिखावे की राजनीति के बजाय किसानों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि BJP के ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब ED की जाँच पहले से चल रही है और FCRA संशोधन केंद्र-राज्य विवाद का नया मोर्चा बन सकते हैं। कर्नाटक सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सियासी जानकारों का मानना है कि 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह मुद्दा BJP की राज्य इकाई के लिए एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका आधार अभी तक केवल ED जाँच के कथित निष्कर्षों पर टिका है — जो सार्वजनिक नहीं हुए हैं। 'अर्बन नक्सल' शब्द का राजनीतिक इस्तेमाल पहले भी विरोधियों को चुप कराने के लिए किया गया है, और इस बार भी इसकी परिभाषा और दायरा स्पष्ट नहीं है। गदग सूखे का मुद्दा ज़्यादा तात्कालिक और सत्यापन-योग्य है — कांग्रेस के ही विधायक एचके पाटिल का इस्तीफे की धमकी देना सरकार की आंतरिक दरारें उजागर करता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है। असली सवाल यह है: क्या ED अपनी जाँच के निष्कर्ष सार्वजनिक करेगी, या यह मामला भी राजनीतिक बयानबाजी तक सिमटकर रह जाएगा?
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. अशोक ने कर्नाटक में विदेशी फंडिंग को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP नेता आर. अशोक ने 21 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि एक अमेरिकी ईसाई संगठन ने बेंगलुरु की दो शेल कंपनियों को ₹92 करोड़ ट्रांसफर किए हैं। उनका दावा है कि यह जानकारी ED की जाँच में सामने आई है और इस धन का उपयोग वामपंथी उग्रवाद को बढ़ावा देने में हो रहा है।
'अर्बन नक्सल' से कर्नाटक के संदर्भ में क्या आशय है?
अशोक के अनुसार, 'अर्बन नक्सल' वे व्यक्ति या समूह हैं जो शहरी क्षेत्रों में रहकर वामपंथी उग्रवाद को वैचारिक और वित्तीय समर्थन देते हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद कर्नाटक में ऐसी गतिविधियाँ बढ़ी हैं।
कर्नाटक सरकार की इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया है?
21 सितंबर 2026 तक कर्नाटक सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है।
गदग तालुक सूखे के मुद्दे पर BJP की क्या माँग है?
BJP नेता अशोक ने माँग की है कि गदग तालुक — जहाँ इस वर्ष 49 प्रतिशत कम वर्षा हुई है — को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और प्रत्येक प्रभावित किसान को ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। कांग्रेस विधायक एचके पाटिल ने भी 10 अक्टूबर तक ऐसा न होने पर इस्तीफे की चेतावनी दी है।
FCRA संशोधन पर BJP और कांग्रेस के बीच विवाद क्या है?
अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट' में केंद्र सरकार के प्रस्तावित संशोधनों का विरोध किया, जिनका उद्देश्य विदेशी धन को उग्रवादी गतिविधियों में जाने से रोकना था। कांग्रेस की ओर से इस दावे पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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