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कर्नाटक BJP ने ₹39,000 करोड़ सॉलिड वेस्ट टेंडर में CBI जांच की मांग की, CM शिवकुमार पर निशाना

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कर्नाटक BJP ने ₹39,000 करोड़ सॉलिड वेस्ट टेंडर में CBI जांच की मांग की, CM शिवकुमार पर निशाना

सारांश

बेंगलुरु की ₹39,000 करोड़ की सॉलिड वेस्ट टेंडर विवाद ने कर्नाटक की राजनीति को गरमा दिया है। BJP ने CBI जांच की माँग की, CM शिवकुमार ने विपक्ष को 'कचरा माफिया का एजेंट' कहा — यह टकराव अब सीधी जवाबदेही की परीक्षा बन गया है।

मुख्य बातें

BJP नेता और विपक्ष के नेता आर.
अशोक ने 13 जून को ₹39,000 करोड़ की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निविदा में CBI जांच की माँग की।
अशोक ने CM डीके शिवकुमार को 'मुख्य आयोग मंत्री' कहा और स्वयं शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसे कर्नाटक के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया।
शुरुआती आरोपों में निविदा में ₹10,000 करोड़ की रिश्वतखोरी का उल्लेख था।
CM शिवकुमार ने पलटवार करते हुए अशोक पर 'कचरा माफिया के एजेंट' होने का आरोप लगाया।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने शनिवार, 13 जून को बेंगलुरु की कथित ₹39,000 करोड़ की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निविदा में अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर इसे कर्नाटक के सबसे बड़े भ्रष्टाचार घोटालों में से एक करार देते हुए व्यापक जांच से बचने का आरोप लगाया।

मुख्य आरोप और चुनौती

अशोक ने मुख्यमंत्री शिवकुमार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें वाकई विश्वास है कि इस कथित घोटाले में उनकी या उनकी सरकार की कोई भूमिका नहीं है, तो वे इस मामले को तत्काल CBI को सौंप दें। उन्होंने शिवकुमार को 'मुख्य आयोग मंत्री' की संज्ञा दी और कहा कि पारदर्शिता का दावा केवल मीडिया बयानों से नहीं, बल्कि स्वतंत्र जांच के आदेश से साबित होता है।

अशोक ने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं कथित अनियमितताओं के संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। उनका आरोप है कि इस निविदा प्रक्रिया में कमीशन लिया गया और एक संगठित भ्रष्टाचार रैकेट चलाया गया।

कुमारस्वामी का बड़ा आरोप

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को, आरोप लगाया था कि लगभग ₹39,000 करोड़ की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निविदा में भारी अनियमितता हुई है। उन्होंने इसे कर्नाटक के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया। गौरतलब है कि यह आरोप तब आया जब बेंगलुरु कचरा प्रबंधन निविदा में ₹10,000 करोड़ की रिश्वतखोरी के शुरुआती आरोप पहले से ही सुर्खियों में थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को इन आरोपों पर पलटवार करते हुए विपक्ष के नेता आर. अशोक पर 'कचरा माफिया के एजेंट' के रूप में काम करने और ईर्ष्या से प्रेरित राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया। शिवकुमार ने यह भी कहा कि वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं — जिसे अशोक ने CBI जांच की मांग के लिए आधार बनाया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार कई मोर्चों पर विपक्षी दबाव झेल रही है। BJP और जनता दल (सेक्युलर) मिलकर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश में हैं। यह पहली बार नहीं है कि बेंगलुरु की नागरिक निकाय परियोजनाओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों — शहर के बुनियादी ढाँचे से जुड़े ठेकों पर विवाद पहले भी कई बार सामने आए हैं।

अशोक ने कहा कि कर्नाटक की जनता को इस कथित भ्रष्टाचार के पीछे की सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है। अब सभी की नज़रें इस पर हैं कि सरकार CBI जांच की माँग पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ के इस कथित घोटाले में दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप यह साफ़ दिखाते हैं कि असली लड़ाई जांच के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक बढ़त के लिए है। CM शिवकुमार का 'जांच के लिए तैयार हूँ' वाला बयान और CBI को मामला न सौंपना — यह विरोधाभास ही विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। दूसरी ओर, BJP और JD(S) का गठबंधन इस मुद्दे को 2028 के चुनावों तक जीवित रखना चाहता है। जब तक कोई स्वतंत्र एजेंसी तथ्य सामने नहीं रखती, यह विवाद आरोपों और खंडनों के बीच ही घूमता रहेगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडर विवाद क्या है?
यह कर्नाटक सरकार की कथित ₹39,000 करोड़ की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निविदा से जुड़ा विवाद है, जिसमें BJP और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भारी अनियमितताओं और ₹10,000 करोड़ की रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। BJP इसे कर्नाटक के सबसे बड़े घोटालों में से एक बता रही है।
आर. अशोक ने CBI जांच की मांग क्यों की?
BJP नेता आर. अशोक का कहना है कि राज्य सरकार इस मामले की स्वतंत्र जांच से बच रही है और CM शिवकुमार का 'जांच के लिए तैयार हूँ' वाला बयान खोखला है। उनके अनुसार, केवल CBI जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है, और वे स्वयं इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
CM डीके शिवकुमार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
CM शिवकुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष के नेता आर. अशोक पर 'कचरा माफिया के एजेंट' के रूप में काम करने और ईर्ष्या से प्रेरित राजनीति में लिप्त होने का पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की क्या भूमिका है?
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ₹39,000 करोड़ की इस निविदा में भारी अनियमितता हुई है। उन्होंने इसे कर्नाटक के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया, जिससे इस विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक राजनीतिक वज़न मिला।
क्या इस मामले में अब तक कोई जांच शुरू हुई है?
अभी तक कोई औपचारिक CBI जांच शुरू नहीं हुई है। BJP नेता आर. अशोक ने शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है, लेकिन राज्य सरकार ने CBI को मामला सौंपने का कोई संकेत नहीं दिया है। यह मामला अभी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है।
राष्ट्र प्रेस
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