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केआरआईडीएल भ्रष्टाचार: भाजपा ने दो मंत्रियों की बर्खास्तगी और सीबीआई जांच की मांग की

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केआरआईडीएल भ्रष्टाचार: भाजपा ने दो मंत्रियों की बर्खास्तगी और सीबीआई जांच की मांग की

सारांश

कर्नाटक में अब भ्रष्टाचार के आरोप सत्ता के भीतर से उठ रहे हैं — खुद एक कांग्रेस विधायक ने केआरआईडीएल में 7% कमीशन वसूली का आरोप लगाया है। भाजपा नेता आर. अशोक ने इसे आधार बनाकर दो मंत्रियों की बर्खास्तगी और सीबीआई जांच की माँग की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक विपक्ष के नेता आर.
अशोक ने 3 सितंबर को केआरआईडीएल में कथित 7% कमीशन रैकेट में शामिल दो मंत्रियों की तत्काल बर्खास्तगी की माँग की।
यह आरोप स्वयं कांग्रेस विधायक अशोक कुमार राय (पुत्तूर) ने मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार को लिखे आधिकारिक पत्र में लगाए हैं।
भाजपा ने मामले की जांच लोकायुक्त या सीबीआई को सौंपने की माँग की; कमीशन से कथित तौर पर लगभग ₹800 करोड़ जमा होने का दावा।
अशोक ने कांग्रेस के अन्य नेताओं — बी.आर.
पाटिल और बसवराज रायरेड्डी — द्वारा भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने का हवाला दिया।
भाजपा 5 और 6 सितंबर को बेंगलुरु के पार्कों में 'पार्क बचाओ, बेंगलुरु बचाओ' अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन करेगी।

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार, 3 सितंबर को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग की कि राज्य की कांग्रेस सरकार कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड (केआरआईडीएल) में कथित 7 प्रतिशत कमीशन रैकेट में शामिल दो मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त करे और इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपे। उल्लेखनीय यह है कि ये आरोप स्वयं सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक ने लगाए हैं, जिससे मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

पुत्तूर से कांग्रेस विधायक अशोक कुमार राय ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को आधिकारिक पत्र लिखकर मंगलुरु में केआरआईडीएल के दो अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच का आदेश देने की माँग की थी। उनके आरोपों के अनुसार, ठेकेदारों को वरिष्ठ मंत्रियों के नाम पर परियोजना लागत का सात प्रतिशत तक 'केआरआईडीएल शुल्क' के रूप में चुकाने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया जाता था और इनकार करने पर उन्हें धमकाया जाता था।

भाजपा का रुख और आरोप

आर. अशोक ने इस मामले को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा था कि जो कोई रिश्वत ले, तो उन्हें फोन कर बताया जाए। अब खुद एक कांग्रेस विधायक ने आधिकारिक तौर पर पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि केआरआईडीएल में अतिरिक्त सात प्रतिशत की वसूली की जा रही है और जो ठेकेदार इस पर सवाल उठाते हैं, उन्हें धमकाया जाता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री हर महीने कमीशन वसूल रहे हैं। भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि इस कमीशन प्रणाली के माध्यम से लगभग ₹800 करोड़ जमा किए जा सकते थे।

कांग्रेस के भीतर से उठे भ्रष्टाचार के आरोप

आर. अशोक ने कांग्रेस के अन्य नेताओं द्वारा पहले लगाए गए आरोपों का भी हवाला दिया। उनके अनुसार, बी.आर. पाटिल ने आवास विभाग में कमीशन के बारे में बात की थी, जबकि बसवराज रायरेड्डी ने कल्याण कर्नाटक क्षेत्र विकास बोर्ड (केकेआरडीबी) में कथित भ्रष्टाचार के संदर्भ में पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि आर.बी. थिम्मापुर से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में ऑडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज़ भी उन्होंने स्वयं सौंपे थे। आलोचकों का कहना है कि ये घटनाएँ मिलकर एक व्यापक पैटर्न की ओर संकेत करती हैं।

पार्क विवाद और 'पार्क बचाओ' अभियान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर. अशोक ने पार्क की ज़मीन के उपयोग से जुड़े प्रस्तावित कानून का भी विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार रियल एस्टेट लॉबी के दबाव में इस विधेयक के ज़रिए पार्कों पर कब्ज़े की अनुमति दे रहे हैं और लालबाग की ज़मीन पर मॉल बनाने की योजना है। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 5 और 6 सितंबर को बेंगलुरु के पार्कों में विरोध प्रदर्शन करेगी और 'पार्क बचाओ, बेंगलुरु बचाओ' अभियान के तहत नागरिकों से हस्ताक्षर एकत्र कर राज्यपाल को सौंपे जाएँगे।

आगे क्या होगा

भाजपा ने राज्य सरकार से माँग की है कि केआरआईडीएल मामले की जांच लोकायुक्त या सीबीआई को सौंपी जाए। कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लग रहे हैं और विधानसभा सत्र नज़दीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्ताधारी कांग्रेस के अपने विधायक ने लगाया है — जो किसी भी सरकार के लिए आंतरिक विश्वसनीयता का संकट है। कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार नहीं है जब पार्टी के भीतर से ही कमीशन के आरोप उठे हों; बी.आर. पाटिल और बसवराज रायरेड्डी के मामले इसी श्रृंखला की कड़ियाँ हैं। असली सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री शिवकुमार इन आरोपों पर पारदर्शी जांच की अनुमति देंगे, या पार्टी अनुशासन के नाम पर मामले को दबाया जाएगा — क्योंकि दोनों विकल्पों के राजनीतिक परिणाम गंभीर हैं।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केआरआईडीएल भ्रष्टाचार मामला क्या है?
केआरआईडीएल (कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड) में कथित तौर पर ठेकेदारों से परियोजना लागत का 7 प्रतिशत 'केआरआईडीएल शुल्क' के नाम पर वसूला जाता था। यह आरोप कांग्रेस विधायक अशोक कुमार राय ने मुख्यमंत्री को लिखे आधिकारिक पत्र में लगाए हैं।
भाजपा ने किन मंत्रियों को हटाने की मांग की है?
भाजपा नेता आर. अशोक ने जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री — दो मंत्रियों — को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने इन दोनों पर हर महीने कमीशन वसूलने का आरोप लगाया है, हालांकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाम सार्वजनिक नहीं किए।
इस मामले में सीबीआई जांच की मांग क्यों की जा रही है?
भाजपा का तर्क है कि चूंकि आरोप खुद सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक ने लगाए हैं, इसलिए राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। इसीलिए मामले को केंद्रीय एजेंसी सीबीआई या लोकायुक्त को सौंपने की मांग की जा रही है।
पार्क विवाद का केआरआईडीएल मामले से क्या संबंध है?
दोनों मुद्दे अलग हैं, लेकिन आर. अशोक ने एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों उठाए। पार्क विवाद में भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार एक नए विधेयक के ज़रिए पार्क की ज़मीन रियल एस्टेट लॉबी को देने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने 5 और 6 सितंबर को 'पार्क बचाओ, बेंगलुरु बचाओ' अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर इससे पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं?
हाँ, आर. अशोक के अनुसार कांग्रेस के अपने नेताओं — बी.आर. पाटिल (आवास विभाग) और बसवराज रायरेड्डी (केकेआरडीबी) — ने भी कमीशन और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि आर.बी. थिम्मापुर से जुड़ी कथित अनियमितताओं के ऑडियो और दस्तावेज़ भी उनके पास हैं।
राष्ट्र प्रेस
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