13 जुलाई 2026
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ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हमला: वृंदा करात बोलीं — विरोध अपने आप उभरा, छापा राजनीतिक था

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ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हमला: वृंदा करात बोलीं — विरोध अपने आप उभरा, छापा राजनीतिक था

सारांश

सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हुए कथित हमले को सुनियोजित साजिश मानने से इनकार किया। उनका कहना है कि पिनाराई विजयन के घर पर राजनीतिक रूप से प्रेरित छापेमारी के खिलाफ यह युवाओं का स्वतःस्फूर्त गुस्सा था — और ईडी व भाजपा मिलकर सीपीएम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने 28 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हुए कथित हमले पर प्रतिक्रिया दी।
करात ने कहा कि पिनाराई विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित थी — इसे सीपीएम और अन्य दलों के नेताओं ने भी माना।
उन्होंने तर्क दिया कि यदि हमला सुनियोजित होता, तो पूरे केरल में ईडी टीमों को एक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता।
करात ने आरोप लगाया कि ईडी और भाजपा मिलकर कांग्रेस के कुछ नेताओं के ज़रिए सीपीएम की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीपीआई (एम) ने कहा कि वह किसी भी दबाव के सामने नहीं झुकेगी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) — की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने 28 मई 2026 को केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की गाड़ी पर हुए कथित हमले को लेकर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम में पिनाराई विजयन के आवास के बाहर हुई यह घटना किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि ईडी की राजनीतिक रूप से प्रेरित छापेमारी के खिलाफ युवाओं का स्वतःस्फूर्त विरोध था।

छापेमारी पर करात का आरोप

करात ने कहा कि सीपीएम नेता पिनाराई विजयन के घरों और दफ्तरों पर ईडी की छापेमारी को अधिकांश लोगों ने राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम माना है। उनके अनुसार, इस छापे का उद्देश्य विपक्ष के एक बड़े नेता को धमकाना, डराना और अपमानित करना था। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ सीपीएम नेताओं ने नहीं, बल्कि अन्य दलों के नेताओं ने भी इसे राजनीतिक हमला करार दिया है।

हमला सुनियोजित नहीं था: करात का तर्क

करात ने तर्क दिया कि यदि यह पूर्वनियोजित हमला होता, तो पूरे केरल में ईडी की टीमों को एक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता। उन्होंने कहा, 'यह बात साफ तौर पर दिखाती है कि यह युवाओं की ओर से विरोध जताने का एक अपने आप उभरा हुआ तरीका था।' करात के मुताबिक, ईडी इसे सोची-समझी साजिश बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा और ईडी पर सीधा निशाना

करात ने आरोप लगाया कि ईडी, भाजपा के साथ मिलकर काम कर रही है। उनका कहना था कि भाजपा केरल में कांग्रेस के कुछ नेताओं के माध्यम से सीपीआई (एम) के नेतृत्व को कमज़ोर करने और उसकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह रणनीति कामयाब नहीं होगी, क्योंकि सीपीआई (एम) ने अतीत में भी कई चुनौतियों का सामना किया है।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की जाँच एजेंसियों और विपक्ष-शासित राज्यों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अब केरल में ईडी की कार्रवाइयों को विपक्षी दलों ने बार-बार राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। करात का यह बयान उसी व्यापक विमर्श का हिस्सा है जिसमें विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है।

आगे क्या होगा

ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हमले को लेकर कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। सीपीआई (एम) का कहना है कि वह इस पूरे मामले में कानूनी और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर अपना पक्ष रखेगी। करात ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी दबाव के सामने नहीं झुकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे स्वतःस्फूर्त हो या नहीं, कानूनी रूप से अस्वीकार्य है। विपक्ष का 'राजनीतिक छापे' का आख्यान जितना भी वैध हो, वह हिंसा को उचित नहीं ठहराता। दूसरी ओर, केंद्रीय एजेंसियों के विपक्ष-शासित राज्यों में बढ़ते हस्तक्षेप का पैटर्न भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — यह बहस संघीय ढाँचे की जड़ों को छूती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस द्वंद्व को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हमले का मामला क्या है?
तिरुवनंतपुरम में पिनाराई विजयन के आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर ईडी के एक अधिकारी की गाड़ी पर हमला किया। यह घटना ईडी की उस छापेमारी के बाद हुई जो सीपीएम नेता पिनाराई विजयन के घरों और दफ्तरों पर की गई थी।
वृंदा करात ने इस हमले पर क्या कहा?
वृंदा करात ने कहा कि यह हमला सुनियोजित साजिश नहीं बल्कि युवाओं का स्वतःस्फूर्त विरोध था। उनका तर्क था कि यदि यह पूर्वनियोजित होता, तो पूरे केरल में ईडी टीमों को एक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता।
सीपीआई (एम) ने ईडी की छापेमारी को राजनीतिक क्यों बताया?
सीपीआई (एम) और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि पिनाराई विजयन जैसे वरिष्ठ नेता के घर पर छापेमारी का उद्देश्य उन्हें धमकाना और अपमानित करना था। करात के अनुसार, इसे सिर्फ सीपीएम नहीं बल्कि दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम माना है।
वृंदा करात ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
करात ने आरोप लगाया कि ईडी और भाजपा मिलकर केरल में कांग्रेस के कुछ नेताओं के ज़रिए सीपीआई (एम) के नेतृत्व को कमज़ोर करने और उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रणनीति कामयाब नहीं होगी।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
ईडी अधिकारी की गाड़ी पर हमले को लेकर कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। सीपीआई (एम) ने कहा है कि वह कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर अपना पक्ष रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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