केरल चुनाव: राजीव चंद्रशेखर का नामांकन स्वीकृत, कांग्रेस को दी चुनौती

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केरल चुनाव: राजीव चंद्रशेखर का नामांकन स्वीकृत, कांग्रेस को दी चुनौती

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का नामांकन स्वीकृत हो गया है, जिससे कांग्रेस के आरोपों को झटका लगा है। चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए जवाब दिया है। यह निर्णय भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Key Takeaways

  • राजीव चंद्रशेखर का नामांकन स्वीकृत हुआ।
  • कांग्रेस के आरोपों पर विराम लगा।
  • भाजपा के लिए चुनावी स्थिति मजबूत हुई।
  • चंद्रशेखर ने कांग्रेस को दी चुनौती।
  • नेमोम विधानसभा में चंद्रशेखर को बढ़त मिली है।

तिरुवनंतपुरम, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के नामांकन पत्र को मंगलवार को स्वीकृति मिल गई है, जिससे उनके चुनावी हलफनामे में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर विराम लग गया है। यह निर्णय भाजपा के लिए चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण बढ़त माना जा रहा है।

नामांकन की जांच प्रक्रिया बिना किसी आपत्ति के पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारियों ने चंद्रशेखर की उम्मीदवारी को हरी झंडी दे दी। इससे ये स्पष्ट होता है कि लगाए गए आरोप अयोग्यता के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए।

यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब कांग्रेस ने हाल ही में उन पर बेंगलुरु में एक महंगी रिहायशी संपत्ति छिपाने का आरोप लगाते हुए हमला तेज किया था।

इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर ने कांग्रेस को चुनौती दी है कि यदि उसके पास ठोस सबूत हैं, तो वह कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने कांग्रेस पर झूठ फैलाकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

भाजपा नेता ने केरल के मंत्री वी. शिवनकुट्टी पर भी निशाना साधा, जो नेमोम सीट से उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं और लगातार उनकी आलोचना कर रहे हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि बार-बार आरोप लगाना राजनीतिक असंतुलन को दर्शाता है।

कांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि चंद्रशेखर ने लगभग २०० करोड़ रुपये मूल्य की बेंगलुरु संपत्ति का खुलासा नहीं किया और अपने हलफनामे में खुद को घर का मालिक नहीं बताया। पार्टी ने टैक्स भुगतान रसीदों सहित दस्तावेज पेश कर उनकी अयोग्यता की मांग की थी।

हालांकि, अब नामांकन स्वीकृत होने के बाद इस मामले के तत्काल कानूनी और चुनावी असर कमजोर पड़ते दिख रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विवाद भले ही चुनावी मुद्दा बना रहे, लेकिन प्रशासनिक मंजूरी से भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है और अब मुकाबला फिर से मुख्य चुनावी मुद्दों पर केंद्रित हो सकता है।

गौरतलब है कि मई २०२४ के लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर को शशि थरूर से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन नेमोम विधानसभा क्षेत्र में उन्हें बढ़त मिली थी, जिससे उनके समर्थक उत्साहित हैं।

Point of View

लेकिन चुनावी माहौल में अभी भी कई चुनौतियाँ बनी रहेंगी।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

राजीव चंद्रशेखर का नामांकन क्यों मंजूर हुआ?
उनका नामांकन बिना किसी आपत्ति के स्वीकृत हुआ, जिससे कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया गया।
कांग्रेस ने किस प्रकार के आरोप लगाए थे?
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि चंद्रशेखर ने 200 करोड़ रुपये की एक संपत्ति का खुलासा नहीं किया।
चंद्रशेखर ने कांग्रेस को क्या चुनौती दी?
उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि यदि उनके पास ठोस सबूत हैं, तो वह कानूनी कार्रवाई करें।
इस घटनाक्रम का भाजपा पर क्या असर होगा?
यह निर्णय भाजपा की स्थिति को मजबूत करेगा और चुनावी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा।
चंद्रशेखर की पिछली चुनावी स्थिति क्या थी?
चंद्रशेखर ने मई 2024 के लोकसभा चुनाव में शशि थरूर से हार का सामना किया था, लेकिन नेमोम विधानसभा क्षेत्र में उन्हें बढ़त मिली थी।
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