7 अक्टूबर 2026
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केरल बिजली संकट: सतीशन सरकार ने एनटीपीसी से 300 MW आपूर्ति व 2,000 MWh बैटरी स्टोरेज का प्रस्ताव रखा

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केरल बिजली संकट: सतीशन सरकार ने एनटीपीसी से 300 MW आपूर्ति व 2,000 MWh बैटरी स्टोरेज का प्रस्ताव रखा

सारांश

केरल में बिजली कटौती से घिरी सतीशन सरकार ने एनटीपीसी के साथ बड़ी चाल चली — 300 MW तत्काल आपूर्ति, 2,000 MWh बैटरी स्टोरेज और एक समर्पित संयंत्र का प्रस्ताव। यह कदम राजनीतिक दबाव को संरचनात्मक ऊर्जा सुधार में बदलने की कोशिश है।

मुख्य बातें

सतीशन ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एनटीपीसी के साथ केरल की ऊर्जा सुरक्षा पर बैठक की।
कायमकुलम में 2,000 MWh की BESS परियोजना KSEB, एनटीपीसी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की साझेदारी में स्थापित होगी; MOU शीघ्र संभावित।
पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम में 80-80 MWh की दो BESS परियोजनाएँ मार्च 2027 तक चालू होने का लक्ष्य।
सिन्नार परियोजना से 300 MW बिजली ₹5.18 प्रति यूनिट की दर से केरल को मिलेगी।
एनटीपीसी के रामागुंडम संयंत्र से PPA और केरल के लिए समर्पित बिजली संयंत्र स्थापित करने पर विचार।
माकपा नेतृत्व वाले विपक्ष ने बिजली संकट को सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनाया हुआ है।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें केरल की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। बिजली कटौती को लेकर बढ़ती आलोचनाओं के बीच चार महीने पुरानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार ने केंद्रीय ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी से अतिरिक्त बिजली खरीद, बड़े पैमाने पर बैटरी भंडारण और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार की माँग रखी।

बैठक में क्या-क्या तय हुआ

बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव कायमकुलम में 2,000 मेगावाट घंटे (MWh) क्षमता की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) स्थापित करने का रहा। यह परियोजना केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB), एनटीपीसी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की साझेदारी में विकसित की जाएगी। तीनों संस्थाओं के बीच जल्द ही समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम में दो और BESS परियोजनाएँ मार्च 2027 तक चालू किए जाने की योजना है। इन दोनों परियोजनाओं की संयुक्त क्षमता 160 MWh होगी — प्रत्येक की क्षमता 80 MWh रखी गई है।

तत्काल बिजली आपूर्ति का रास्ता

तात्कालिक राहत के लिए बैठक में महाराष्ट्र स्थित एनटीपीसी की सिन्नार परियोजना से केरल को 300 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। यह बिजली ₹5.18 प्रति यूनिट की दर से मिलेगी। साथ ही एनटीपीसी ने अपने रामागुंडम बिजली संयंत्र से केरल को आपूर्ति के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) करने की इच्छा भी जताई।

सरकार ने कायमकुलम में एनटीपीसी की 27 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना को भी तेज़ी से आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है और ज़रूरी प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की रणनीति

बैठक में एनटीपीसी से यह भी कहा गया कि केरल की दीर्घकालिक बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए एक समर्पित बिजली संयंत्र स्थापित करने पर विचार किया जाए। यह प्रस्ताव इस बात का संकेत है कि सतीशन सरकार मौजूदा संकट को केवल तात्कालिक उपायों से नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव से हल करना चाहती है।

KSEB की प्रबंधकीय और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। एनटीपीसी KSEB को पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगी, जिसमें आधुनिक बिजली प्रबंधन प्रणालियों के उपयोग में सहयोग शामिल है।

राजनीतिक दबाव और विपक्ष का रुख

गौरतलब है कि केरल में बिजली की माँग और उपलब्धता के बीच बढ़ते अंतर ने राज्य में बिजली प्रतिबंध और कटौती की स्थिति पैदा कर दी है, जो UDF सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गई है। माकपा के नेतृत्व वाले विपक्ष ने इस संकट को सरकार के विरुद्ध राजनीतिक हथियार बना लिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि खराब बिजली प्रबंधन का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार को सत्ता संभाले मात्र चार महीने हुए हैं और बिजली संकट पहले से ही उसके कार्यकाल की सबसे बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह पहल केवल संकट प्रबंधन नहीं, बल्कि राज्य की समग्र ऊर्जा नीति का हिस्सा है।

आगे क्या होगा

KSEB, एनटीपीसी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के बीच कायमकुलम BESS परियोजना के लिए MOU शीघ्र होने की उम्मीद है। पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम की परियोजनाएँ मार्च 2027 तक चालू होने का लक्ष्य है। सिन्नार परियोजना से बिजली आपूर्ति और रामागुंडम PPA पर औपचारिक प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन की गति में है — MOU से संयंत्र तक का सफर केरल में पहले भी लंबा खिंचता रहा है। कायमकुलम BESS जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए तीन संस्थाओं का समन्वय जटिल है, और ₹5.18 प्रति यूनिट की दर से 300 MW की खरीद का बोझ अंततः KSEB के ऊपर और उसके ज़रिए उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। विपक्ष की आलोचना भले ही राजनीति-प्रेरित हो, लेकिन केरल की बिजली माँग-आपूर्ति की खाई का दीर्घकालिक समाधान सिर्फ खरीद समझौतों से नहीं, बल्कि राज्य के भीतर उत्पादन क्षमता बढ़ाने से भी आएगा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल सरकार ने एनटीपीसी के साथ बैठक में क्या प्रस्ताव रखे?
7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई बैठक में केरल सरकार ने एनटीपीसी से 300 MW तत्काल बिजली आपूर्ति, कायमकुलम में 2,000 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज परियोजना और केरल के लिए एक समर्पित बिजली संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा रामागुंडम संयंत्र से PPA और कायमकुलम में 27 MW सौर परियोजना को तेज़ करने पर भी चर्चा हुई।
कायमकुलम BESS परियोजना क्या है और इसे कौन बनाएगा?
कायमकुलम बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) 2,000 MWh क्षमता की एक बड़े पैमाने की ऊर्जा भंडारण परियोजना है। इसे KSEB, एनटीपीसी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की साझेदारी में विकसित किया जाएगा, और तीनों संस्थाओं के बीच जल्द MOU होने की उम्मीद है।
सिन्नार परियोजना से केरल को कितनी बिजली और किस दर पर मिलेगी?
महाराष्ट्र स्थित एनटीपीसी की सिन्नार परियोजना से केरल को 300 मेगावाट तक बिजली ₹5.18 प्रति यूनिट की दर पर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। यह तत्काल राहत के लिए सबसे अहम कदम माना जा रहा है।
पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम की BESS परियोजनाएँ कब तक पूरी होंगी?
पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम में 80-80 MWh की दो BESS परियोजनाएँ मार्च 2027 तक चालू होने की योजना है, जिनकी कुल क्षमता 160 MWh होगी।
केरल में बिजली संकट पर विपक्ष का क्या रुख है?
माकपा नेतृत्व वाले विपक्ष ने बिजली संकट को UDF सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनाया है। विपक्ष का आरोप है कि खराब बिजली प्रबंधन के कारण आम उपभोक्ताओं को कटौती और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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