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केरल में हीटवेव से बिजली संकट गहराया, KSEB ने की कटौती; पाबंदियों का खतरा

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केरल में हीटवेव से बिजली संकट गहराया, KSEB ने की कटौती; पाबंदियों का खतरा

सारांश

केरल में सितंबर की शुरुआत में असामान्य हीटवेव ने बिजली संकट को जन्म दिया है — तापमान 36.2°C तक पहुँचा, माँग 800 MW बढ़ी और KSEB के पास खरीद के विकल्प सीमित हैं। बुधवार से बारिश की उम्मीद है, लेकिन तब तक पाबंदियों का खतरा बना हुआ है।

मुख्य बातें

केरल में 8 सितंबर 2026 को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज, सामान्य से 3-4°C अधिक।
KSEB के अनुसार बिजली माँग में 800 मेगावाट तक की बढ़ोतरी; पीक आवर्स में एक घंटे की कटौती लागू।
शॉर्ट-टर्म पावर कॉन्ट्रैक्ट न होने और रियल-टाइम बाज़ार में ऊँची कीमतों से अतिरिक्त बिजली खरीद मुश्किल।
IMD ने 7 से 9 सितंबर तक हीटवेव की चेतावनी जारी की; बुधवार से बारिश की संभावना।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लू, थकावट और डिहाइड्रेशन से बचने के एहतियाती उपाय जारी किए।
मंगलवार को भी माँग का पैटर्न बना रहा तो अतिरिक्त पाबंदियाँ लगने का खतरा।

केरल में 8 सितंबर 2026 को भीषण हीटवेव के कारण बिजली संकट तेज़ हो गया है, जहाँ तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है और केरल राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) को कई इलाकों में कटौती लागू करनी पड़ी है। मौसम विभाग ने 7 से 9 सितंबर तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है और आशंका जताई है कि स्थिति बुधवार से पहले सुधरने की संभावना नहीं है।

मौसम की स्थिति और तापमान

सोमवार को राज्य में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया — जो इस मौसम के लिए असाधारण रूप से ऊँचा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार को भी यही स्थिति बने रहने की आशंका है, जबकि बुधवार से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे राहत मिल सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब केरल में सितंबर की शुरुआत में आमतौर पर मानसून सक्रिय रहता है। आलोचकों का कहना है कि बदलते मौसम चक्र के कारण राज्य में इस तरह की असामान्य गर्मी की घटनाएँ बढ़ रही हैं।

बिजली की माँग और KSEB की चुनौती

तापमान में उछाल के साथ ही घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की माँग में 800 मेगावाट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। KSEB के अनुमान के मुताबिक, पीक आवर्स के दौरान राज्य के बाहर से पर्याप्त बिजली उपलब्ध न होने के कारण सोमवार को कई इलाकों में एक घंटे तक की बिजली कटौती लागू की गई।

गौरतलब है कि बोर्ड ने सितंबर माह के लिए बिजली खरीद के टेंडर जारी किए थे, लेकिन पीक आवर्स के दौरान आपूर्ति के लिए कोई भी कंपनी आगे नहीं आई। इसके अतिरिक्त, शॉर्ट-टर्म पावर कॉन्ट्रैक्ट न होने और रियल-टाइम बिजली बाज़ार में ऊँची कीमतों के कारण अतिरिक्त बिजली खरीदना भी कठिन हो रहा है।

पाबंदियों का खतरा

यदि मंगलवार को भी माँग का यही पैटर्न बना रहा, तो स्थिति और बिगड़ सकती है और अतिरिक्त पाबंदियाँ लागू हो सकती हैं। KSEB के पास फिलहाल माँग में अचानक हुई बढ़ोतरी को पूरा करने के सीमित विकल्प बचे हैं। यह केरल की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में दीर्घकालिक संरचनात्मक कमज़ोरियों को भी उजागर करता है।

स्वास्थ्य संबंधी एहतियात

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भीषण गर्मी को देखते हुए कई एहतियाती उपाय जारी किए हैं। लू लगने, थकावट और डिहाइड्रेशन के बढ़ते खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के सबसे गर्म घंटों में सीधे धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएँ और अत्यधिक गर्मी से जुड़े लक्षणों के प्रति सतर्क रहें।

आगे क्या होगा

बुधवार से बारिश की संभावना के साथ तापमान में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे बिजली की माँग में भी कमी आ सकती है। हालाँकि, KSEB को भविष्य में ऐसे संकटों से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान तलाशने होंगे — विशेषकर पीक डिमांड के दौरान आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए। विशेषज्ञों का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण और लचीले पावर कॉन्ट्रैक्ट इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब मानसून सक्रिय रहना चाहिए, हीटवेव का आना और KSEB का पीक डिमांड के लिए कोई आपूर्तिकर्ता न ढूँढ पाना, दोनों मिलकर एक गंभीर नीतिगत चूक की ओर इशारा करते हैं। रियल-टाइम बाज़ार पर निर्भरता और दीर्घकालिक अनुबंधों की अनुपस्थिति एक ऐसी प्रणाली की तस्वीर पेश करती है जो सामान्य परिस्थितियों में तो चलती है, लेकिन असाधारण माँग के सामने लड़खड़ा जाती है। जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएँ बढ़ने की आशंका को देखते हुए, केरल को नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण और लचीले बिजली समझौतों में तत्काल निवेश करना होगा।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में बिजली संकट क्यों आया है?
भीषण हीटवेव के कारण घरों और प्रतिष्ठानों में कूलिंग उपकरणों का उपयोग बढ़ने से बिजली की माँग में 800 मेगावाट तक की बढ़ोतरी हुई है। KSEB के पास शॉर्ट-टर्म पावर कॉन्ट्रैक्ट नहीं हैं और रियल-टाइम बाज़ार में कीमतें ऊँची होने से अतिरिक्त बिजली खरीदना कठिन हो रहा है।
केरल में बिजली कटौती कब तक जारी रहेगी?
IMD के अनुसार बुधवार से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान और बिजली की माँग में कमी आ सकती है। तब तक, यानी मंगलवार तक, पीक आवर्स में कटौती जारी रहने और स्थिति बिगड़ने की आशंका है।
केरल में हीटवेव कितनी गंभीर है?
8 सितंबर को राज्य में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। IMD ने 7 से 9 सितंबर तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
हीटवेव के दौरान लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सलाह दी है कि लोग दिन के सबसे गर्म घंटों में सीधे धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएँ और लू या डिहाइड्रेशन के लक्षणों के प्रति सतर्क रहें।
KSEB ने बिजली खरीद के लिए क्या कदम उठाए थे?
KSEB ने सितंबर माह के लिए बिजली खरीद के टेंडर जारी किए थे, लेकिन पीक आवर्स के दौरान आपूर्ति के लिए कोई भी कंपनी आगे नहीं आई। इससे माँग में अचानक हुई बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए बोर्ड के पास बेहद सीमित विकल्प बचे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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