केरल सरकार ने हीट वेव से निपटने के लिए जिलाधिकारियों को 1 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया
सारांश
Key Takeaways
- हर जिले के जिलाधिकारी को 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष हीट क्लीनिक की स्थापना की जाएगी।
- स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं को हीट एक्शन प्लान बनाने के लिए निर्देशित किया गया है।
- पानी के पवेलियन बनाए जाएंगे ताकि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।
- जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़े सार्वजनिक अभियानों की योजना बनाई गई है।
तिरुवनंतपुरम, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गर्मियों के मौसम में हीट वेव और उससे संबंधित आपदाओं का सामना करने के लिए केरल सरकार ने विशेष उपायों की योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी को हीट वेव से संबंधित बचाव कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गर्मियों में सूखे, पीने के पानी की कमी, बिजली गिरना, जंगली जानवरों के हमले, गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं और आग जैसी आपदाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि हीट वेव से निपटने के लिए जिला स्तर पर तैयारी और बैठकें आयोजित की जाएंगी। कोझिकोड जिले की मूडी ग्राम पंचायत ने इस दिशा में एक स्थानीय हीट एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसे राज्यभर में एक मॉडल के रूप में अपनाने की सिफारिश की गई है। सभी स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं को इसी मॉडल के आधार पर अपने क्षेत्र के लिए हीट एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़े और प्रभावी सार्वजनिक अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में विशेष हीट क्लीनिक प्रारंभ किए जाएंगे, ताकि लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों का त्वरित इलाज संभव हो सके। सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में लू से प्रभावित होने की स्थिति में फर्स्ट एड सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इसके साथ ही, बड़े बाजारों, चौराहों और बस स्टैंड जैसी स्थानों पर पानी के पवेलियन बनाने की योजना है, ताकि लोग गर्मी से राहत पा सकें। स्कूलों और परीक्षा हॉल में वेंटिलेशन और पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने मौजूदा पानी के कियोस्क की मरम्मत और आवश्यकता पड़ने पर नए कियोस्क स्थापित करने की योजना भी बनाई है। पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ खारे पानी के अंदर जाने से रोकने और कृषि फसलों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में मंत्री के राजन, रोशी ऑगस्टीन, के कृष्णनकुट्टी, मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक, जिला कलेक्टर, लैंड रेवेन्यू कमिश्नर जीवन बाबू, डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सदस्य सचिव शेखर कुरियाकोस, और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मियों में लोगों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।