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खान सर-रोशन आनंद विवाद: पप्पू यादव का आरोप — पटना के कोचिंग संस्थानों को बदनाम करने की साजिश

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खान सर-रोशन आनंद विवाद: पप्पू यादव का आरोप — पटना के कोचिंग संस्थानों को बदनाम करने की साजिश

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने खान सर-रोशन आनंद विवाद को पटना के शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि कोटा की प्रतिस्पर्धा और फिसड्डी यूट्यूबर्स ने इसे हवा दी, जबकि प्रशासन ने आग में घी डाला।

मुख्य बातें

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने 6 जून 2026 को खान सर-रोशन आनंद विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पटना के कोचिंग संस्थानों को बदनाम करने की 'गहरी साजिश' चल रही है।
कोटा (राजस्थान) के संस्थानों और छोटे यूट्यूबर्स पर विवाद को तूल देने का आरोप।
पप्पू यादव के अनुसार बिहार के संस्थान कोटा से 30 से 40 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पटना प्रशासन पर 'आग में घी डालने' का आरोप; धारा 302 जैसे गंभीर अपराध की कोई संभावना नहीं — सांसद का तर्क।

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने 6 जून 2026 को पटना के कोचिंग संस्थानों के बीच उभरे विवाद और खान सर पर दर्ज एफआईआर के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद पटना के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को जानबूझकर बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश है। साथ ही उन्होंने पटना प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मामले में 'आग में घी डालने' का काम कर रहा है।

पप्पू यादव ने क्या कहा

सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'पटना के संस्थानों को बदनाम करने की गहरी साजिश हो रही है। छोटे-बड़े यूट्यूबर्स ने मुद्दों को भ्रमित किया। खान सर की वैश्विक स्तर पर पहचान रही है, उसी तरह रोशन आनंद की भी बिहार और झारखंड के छात्रों के बीच सम्मानजनक छवि है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों ही बिहार के सम्मानित व्यक्ति हैं और इस विवाद में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी को लेकर उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

जिम्मेदारी तय करने की माँग

पप्पू यादव ने कहा कि यदि खान सर के किसी गार्ड या सहयोगी ने गलती की है, तो उसकी जिम्मेदारी उसी व्यक्ति पर तय होनी चाहिए — न कि खान सर पर। उन्होंने यही तर्क रोशन आनंद के संदर्भ में भी दिया और सवाल उठाया कि किसी छात्र या रिश्तेदार की गलती के लिए शिक्षक को जेल क्यों भेजा जाए। उनके अनुसार, 'फैसल खान के नाम पर मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है।'

कोटा कनेक्शन और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का आरोप

सांसद ने आरोप लगाया कि बिहार के कोचिंग संस्थान अब कोटा (राजस्थान) के संस्थानों से 30 से 40 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वे प्रतिस्पर्धियों के लिए चुनौती बन गए हैं। उनका कहना था कि जिन संस्थानों की 'दुकान' नहीं चल रही, वे इस विवाद में मजा ले रहे हैं और उसे और तूल दे रहे हैं। उन्होंने 'कोचिंग माफिया' जैसे आरोपों को समाधान के बजाय समस्या बढ़ाने वाला बताया।

प्रशासन पर निशाना

पप्पू यादव ने पटना प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कोई धारा 302 का अपराधी नहीं है — यह एक भूल हो सकती है। उनके अनुसार, पुलिस असली अपराधियों को नहीं पकड़ पाती, लेकिन शिक्षकों या उनसे जुड़े लोगों की छोटी सी गलती पर प्रशासन सक्रिय हो जाता है।

छात्रों और समाज से अपील

सांसद ने कहा कि खान सर और रोशन आनंद दोनों के संस्थानों के छात्र शीर्ष परीक्षाओं में सफलता पा रहे हैं और लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने दोनों शिक्षकों के सम्मान को बराबर बताते हुए समाज और छात्रों से अपील की कि वे खुद फैसला करें। पप्पू यादव ने अंत में कहा, 'सच के रास्ते पर चलिए, झूठ को खत्म करिए।' इस विवाद का अंतिम परिणाम अब इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रशासन निष्पक्ष जाँच करता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एकतरफा भी। असली सवाल यह है कि क्या एफआईआर में नामजद व्यक्तियों की प्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं — यह जाँच का विषय है, न कि राजनीतिक बयानबाजी का। बिहार में कोचिंग उद्योग की बढ़ती साख एक सकारात्मक तथ्य है, लेकिन इसे ढाल बनाकर जवाबदेही से बचना न्यायसंगत नहीं। प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल ज़रूर जाँच के योग्य हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खान सर और रोशन आनंद के बीच विवाद क्या है?
पटना में दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों — खान सर और रोशन आनंद (ज्ञान बिंदु) — के छात्रों और समर्थकों के बीच गाली-गलौज और नफरत की घटनाएँ सामने आईं, जिसके बाद खान सर पर एफआईआर दर्ज की गई। यह विवाद सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेज़ी से फैला।
पप्पू यादव ने इस विवाद में किस पर आरोप लगाया?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कोटा के कोचिंग संस्थानों, छोटे यूट्यूबर्स और पटना प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे इस विवाद को जानबूझकर बढ़ावा दे रहे हैं। उनके अनुसार पटना के संस्थानों को बदनाम करने की साजिश है।
क्या खान सर या रोशन आनंद को इस विवाद में दोषी माना जा सकता है?
पप्पू यादव के अनुसार, किसी गार्ड, छात्र या रिश्तेदार की गलती के लिए शिक्षक को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी उसी व्यक्ति पर तय होनी चाहिए जिसने गलती की।
बिहार के कोचिंग संस्थान कोटा से कितने बेहतर बताए गए?
पप्पू यादव के अनुसार बिहार के कई कोचिंग संस्थान कोटा के संस्थानों से 30 से 40 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यही प्रतिस्पर्धा इस विवाद की असली जड़ है।
इस विवाद में प्रशासन की भूमिका को लेकर क्या कहा गया?
पप्पू यादव ने पटना प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह इस मामले में 'आग में घी डालने' का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस असली अपराधियों को नहीं पकड़ती, लेकिन शिक्षकों की छोटी गलती पर तुरंत सक्रिय हो जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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