कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे 25 अक्टूबर को पटना में 'बिहार केसरी' श्रीकृष्ण सिंह की जयंती समारोह में शामिल होंगे
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 25 अक्टूबर 2026 को पटना के बापू सभागार में आयोजित बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के राज्यस्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। श्रीकृष्ण सिंह को 'बिहार केसरी' और 'श्री बाबू' के नाम से भी जाना जाता है। इस कार्यक्रम के ज़रिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) बिहार के संस्था-निर्माण में श्री बाबू की विरासत को सार्वजनिक विमर्श में केंद्रित करने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम का विवरण
यह घोषणा कांग्रेस राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, खड़गे 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजे IST निजी विमान से पटना हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे और सीधे बापू सभागार के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित करेंगे।
श्रीकृष्ण सिंह की विरासत
श्रीकृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे और राज्य के राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक ढाँचे को आकार देने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि उनका जीवन और जनसेवा समाज के वंचित, शोषित और हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान को समर्पित थी। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में श्रीकृष्ण सिंह की भूमिका और स्वतंत्रता के बाद बिहार को आकार देने में उनके योगदान को रेखांकित किया।
सामाजिक सुधारों की याद
राजेश राम ने जमींदारी प्रथा के उन्मूलन में श्री बाबू की भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया और इसे सामाजिक एवं आर्थिक सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने दलितों को ऐतिहासिक देवघर मंदिर में प्रवेश दिलाने की श्री बाबू की पहल को जाति-आधारित भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष में एक मील का पत्थर करार दिया।
राजनीतिक संदर्भ
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब बिहार में आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस राज्य में अपनी पहचान को ऐतिहासिक विरासत से जोड़कर पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रही है। बिहार कांग्रेस ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को श्री बाबू के आदर्शों और सामाजिक समानता के दृष्टिकोण से परिचित कराना है।
जनता और कार्यकर्ताओं से अपील
राजेश राम ने राज्यभर के नागरिकों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में समारोह में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सामाजिक न्याय, समानता और समावेशी विकास के मूल्यों को पुनर्जीवित करने का एक अवसर है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि खड़गे के संबोधन में कांग्रेस बिहार को लेकर क्या राजनीतिक संदेश देती है।