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गर्मी में खस का शरबत: तन-मन को ठंडक, पूरे दिन ऊर्जा और ताजगी बनाए रखने का आयुर्वेदिक नुस्खा

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गर्मी में खस का शरबत: तन-मन को ठंडक, पूरे दिन ऊर्जा और ताजगी बनाए रखने का आयुर्वेदिक नुस्खा

सारांश

जब बाज़ार के कोल्ड ड्रिंक्स सिर्फ प्यास बुझाते हैं, खस का शरबत शरीर को भीतर से ठंडा करता है। आयुर्वेद में सदियों से मान्य यह पारंपरिक पेय लू, थकान और निर्जलीकरण तीनों से एक साथ लड़ता है — और घर पर बनाना भी बेहद आसान है।

मुख्य बातें

खस का शरबत गर्मियों में शरीर का आंतरिक तापमान संतुलित करने वाला पारंपरिक आयुर्वेदिक पेय है।
उत्तर भारत में यह पेय सदियों से घर-घर में लोकप्रिय रहा है और लू से बचाव में कारगर माना जाता है।
खस की जड़ों को 2-3 घंटे पानी में भिगोकर, छानकर, चीनी/गुड़, नींबू और इलायची मिलाकर आसानी से शरबत तैयार होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्जलीकरण से बचाता है, थकान दूर करता है और पाचन सुधारता है।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए बिना दुष्प्रभाव के सुरक्षित माना जाता है।

भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खस का शरबत एक बार फिर भारतीय घरों की पहली पसंद बनता जा रहा है। बाज़ार के कृत्रिम कोल्ड ड्रिंक्स की जगह यह पारंपरिक और प्राकृतिक पेय न केवल शरीर को भीतर से ठंडक देता है, बल्कि मन की थकान भी दूर करता है। आयुर्वेद में सदियों से खस की जड़ों को गर्मी-नाशक और पाचन-वर्धक माना गया है।

खस शरबत की पारंपरिक अहमियत

उत्तर भारत में खस का शरबत पीढ़ियों से गर्मियों का अटूट हिस्सा रहा है। इसकी मनमोहक सुगंध, हल्की मिठास और तत्काल ठंडक का एहसास इसे बाज़ार के किसी भी पेय से अलग बनाता है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच रहा है और लू की चेतावनियाँ जारी की जा रही हैं।

खस की जड़ों के प्राकृतिक गुण

खस की जड़ें प्राकृतिक रूप से शीतल प्रकृति की होती हैं। इन्हें पानी में भिगोने से पानी में ठंडक घुल जाती है, जो शरीर का आंतरिक तापमान संतुलित करने में सहायक होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पसीने से होने वाली कमज़ोरी और निर्जलीकरण से बचाव करता है तथा मन को शांत रखता है। आयुर्वेद में खस को पाचन सुधारने वाला भी बताया गया है। गौरतलब है कि यह बिना किसी दुष्प्रभाव के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है।

घर पर खस शरबत बनाने का आसान तरीका

खस का शरबत घर पर बनाना बेहद सरल है। खस की जड़ों को अच्छी तरह साफ करके दो से तीन घंटे पानी में भिगोकर रखें। फिर उस पानी को छानकर उसमें चीनी या गुड़, नींबू का रस और थोड़ी-सी इलायची मिला लें। स्वाद बढ़ाने के लिए पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं। गर्मियों में इसे फ्रिज में ठंडा करके पीने से दोहरी ठंडक मिलती है। बाज़ार में उपलब्ध रेडीमेड शरबत की तुलना में घर पर तैयार शरबत अधिक स्वादिष्ट और लाभदायक होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में खस का शरबत नियमित रूप से पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, निर्जलीकरण से बचाव होता है और दिनभर की थकान तेज़ी से दूर होती है। यह केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन है। आलोचकों का कहना है कि बाज़ारू पेय पदार्थों में मौजूद अत्यधिक चीनी और कृत्रिम रंग दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जबकि पारंपरिक पेय इस जोखिम से मुक्त हैं।

आगे क्या करें

जैसे-जैसे गर्मी का मौसम अपने चरम पर पहुँच रहा है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ कृत्रिम पेय पदार्थों की जगह पारंपरिक और प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। खस का शरबत इस दिशा में एक सुलभ, सस्ता और असरदार विकल्प है जिसे हर घर में आसानी से तैयार किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बढ़ती जागरूकता का संकेत है जो कृत्रिम पेय पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर उपभोक्ताओं में पनप रही है। दिलचस्प यह है कि जिन पारंपरिक नुस्खों को आधुनिकता की आँधी में पीछे धकेल दिया गया था, जलवायु परिवर्तन की बढ़ती मार उन्हें फिर से केंद्र में ला रही है। हालाँकि, 'विशेषज्ञों के अनुसार' जैसे सामान्य दावों को नैदानिक प्रमाण से अलग रखना ज़रूरी है — खस के गुणों पर व्यापक शोध अभी भी सीमित है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस फ़र्क को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खस का शरबत गर्मियों में क्यों फायदेमंद है?
खस की जड़ें प्राकृतिक रूप से शीतल प्रकृति की होती हैं और शरीर का आंतरिक तापमान संतुलित करने में मदद करती हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह निर्जलीकरण से बचाव करता है, पसीने से होने वाली कमज़ोरी दूर करता है और पाचन भी सुधारता है।
घर पर खस का शरबत कैसे बनाएँ?
खस की जड़ों को साफ करके 2-3 घंटे पानी में भिगोएँ, फिर पानी छानकर उसमें चीनी या गुड़, नींबू का रस और इलायची मिलाएँ। स्वाद के लिए पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं। फ्रिज में ठंडा करके पीने से दोहरी ठंडक मिलती है।
क्या खस का शरबत बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार खस का शरबत बिना किसी दुष्प्रभाव के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में चिकित्सक की सलाह लेना उचित रहेगा।
खस शरबत और बाज़ारू कोल्ड ड्रिंक में क्या फ़र्क है?
बाज़ारू कोल्ड ड्रिंक में अत्यधिक चीनी और कृत्रिम रंग होते हैं जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। खस का शरबत प्राकृतिक सामग्री से बना होता है और शरीर को भीतर से ठंडक देता है, न कि केवल तात्कालिक राहत।
खस शरबत किन समस्याओं में राहत देता है?
विशेषज्ञों के अनुसार खस का शरबत लू, थकान, निर्जलीकरण और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देता है। यह शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है और मन को शांत रखने में भी सहायक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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