खूंटी सड़क हादसे में 7 की मौत: राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले में गुरुवार रात करीब 10 बजे हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को गहरा दुख व्यक्त किया। दोनों संवैधानिक प्रमुखों ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
हादसे का घटनाक्रम
खूंटी जिले के कर्रा इलाके में पहले एक स्कूटर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसके बाद सवार की मदद के लिए स्थानीय ग्रामीण सड़क किनारे इकट्ठा हो गए। इसी दौरान तोरपा की दिशा से तेज़ रफ़्तार में आ रहे एक 18-पहियों वाले ट्रेलर ट्रक ने वहाँ खड़े लोगों को कुचल दिया।
छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय एक बालक ने खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में एक लड़की भी घायल हुई है।
संवैधानिक प्रमुखों की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'झारखंड के खूंटी जिले में हुई सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूँ। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूँ।'
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी एक्स पर लिखा, 'झारखंड के खूंटी में हुए दुखद सड़क हादसे में लोगों की जान जाने से गहरा दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।'
आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
हादसे के बाद शुक्रवार सुबह खूंटी जिले के ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। गुस्साए लोगों ने कर्रा रेलवे क्रॉसिंग के निकट टायर जलाकर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे इलाके में यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख माँगें रखीं: हादसे के लिए ज़िम्मेदार ट्रेलर ट्रक चालक की तत्काल गिरफ़्तारी, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी, और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा।
व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि झारखंड में सड़क हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है — राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार झारखंड उन राज्यों में शामिल रहा है जहाँ भारी वाहनों से जुड़े सड़क हादसे बार-बार सामने आते हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब झारखंड में विधानसभा चुनाव का माहौल है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही की माँग और तीखी हो गई है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और राज्य सरकार द्वारा मुआवज़े की घोषणा पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।