कोलकाता: मानसिक रूप से दिव्यांग 17 वर्षीय किशोर की पिटाई से मौत, पुनर्वास केंद्र के 4 कर्मचारी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के बंसद्रोनी थाना क्षेत्र में रविवार, 20 जुलाई को एक मानसिक रूप से दिव्यांग 17 वर्षीय किशोर की कथित पिटाई से मौत हो गई, जब उसे हरिदेवपुर स्थित एक पुनर्वास केंद्र ले जाया जा रहा था। परिवार की शिकायत पर कोलकाता पुलिस ने उस पुनर्वास केंद्र के चार कर्मचारियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
घटनाक्रम: कार में क्या हुआ
परिवार के अनुसार, किशोर जटिल मानसिक बीमारी से पीड़ित था और कभी-कभी हिंसक हो जाता था। रविवार को अचानक हिंसक व्यवहार के बाद परिवार ने हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एक पुनर्वास केंद्र से संपर्क किया। केंद्र के चार कर्मचारी किशोर को लेने पहुँचे, उसे कार में बिठाया और रवाना हो गए। किशोर के पिता पीछे एक अलग कार में चल रहे थे।
कुछ दूर जाने के बाद कर्मचारियों ने परिवार को सूचित किया कि किशोर कार के भीतर बेहोश हो गया है। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार का आरोप
किशोर की माँ ने पुलिस को बताया कि कर्मचारियों ने कार के अंदर ही किशोर की पिटाई की, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिवार का कहना है कि दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर में स्थित उस पुनर्वास केंद्र में ले जाते समय उसके साथ मारपीट की गई।
पुलिस की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है और चारों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के ज़रिए यह पता लगाया जाएगा कि कार के भीतर वास्तव में क्या हुआ और किशोर की मौत क्यों हुई।
जाँचकर्ता पुनर्वास केंद्र के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं ताकि पूरी घटना की तस्वीर स्पष्ट हो सके। जाँच जारी है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश भर में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केंद्रों में देखभाल के मानकों और निगरानी तंत्र को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ऐसे संस्थानों पर होती है, और इस मामले में कथित लापरवाही ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आगे क्या
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जाँच की दिशा तय होगी। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली की भी जाँच होने की संभावना है।