कोटा में मठ के अंदर महंत देवानंद महाराज की चाकू मारकर हत्या, चंद्रसाल गांव में दहशत
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कोटा जिले के चंद्रसाल गांव में 6 जून 2025 की देर रात अज्ञात हमलावरों ने एक प्रतिष्ठित मठ के प्रमुख महंत देवानंद महाराज की धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी। बोरखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश की लहर फैला दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीमें साक्ष्य संग्रह में जुटी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, महंत देवानंद महाराज मठ परिसर में अपने कमरे में विश्राम कर रहे थे, तभी हमलावर परिसर में घुस आए। जांचकर्ताओं को संदेह है कि एक आरोपी ने पहले महंत को उनके कमरे में बंद किया, फिर धारदार हथियारों से बार-बार वार किए। मदद की आवाज़ सुनकर सेवक और पड़ोसी मौके पर पहुँचे, जिसके बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जब सेवक कमरे में दाखिल हुए, तो उन्होंने महंत देवानंद महाराज को खून से लथपथ पाया। उन्हें तत्काल कोटा के महाराव भीम सिंह (MBS) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने अत्यधिक रक्तस्राव और कई गहरे घावों के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है।
जांच की दिशा
पुलिस अभी तक हत्या का स्पष्ट मकसद नहीं जान पाई है। जांचकर्ता तीन प्रमुख संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं — व्यक्तिगत दुश्मनी, मठ की भूमि और संपत्ति से जुड़े विवाद, तथा लूटपाट की कोशिश का हिंसक रूप लेना। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम और डॉग स्क्वायड को घटनास्थल पर बुलाया गया। FSL टीम ने महंत के कमरे से रक्त के नमूने, उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। चंद्रसाल गांव और बोरखेड़ा को जोड़ने वाली सड़कों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
कोटा के ASP सुमन चंद ने कहा, "पुलिस और FSL की टीमें घटनास्थल पर हत्या के हर पहलू की जांच कर रही हैं। अपराध स्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।" कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंद्रसाल गांव और MBS अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वस्त किया है कि कई टीमें एक साथ जांच में लगी हैं तथा आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
आम जनता पर असर
स्थानीय निवासियों ने महंत देवानंद महाराज को मृदुभाषी और सहज धार्मिक व्यक्तित्व बताया, जिनका किसी से कोई ज्ञात निजी विवाद नहीं था। मठ के भीतर इस हत्या ने स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में गहरा आक्रोश पैदा किया है। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है और चेतावनी दी है कि यदि मामला अनसुलझा रहा तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों पर हमले की घटनाएँ राजस्थान में पहले भी सामाजिक तनाव का कारण बनती रही हैं। पुलिस 'सेवादारों', ग्रामीणों और मठ में हाल ही में आए लोगों से पूछताछ जारी रखे हुए है। आने वाले दिनों में FSL रिपोर्ट और CCTV विश्लेषण जांच को निर्णायक दिशा दे सकते हैं।