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रांची: जगन्नाथपुर मंदिर में गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या, ₹5 लाख लूट — विपक्ष और आदिवासी संगठन सड़क पर

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रांची: जगन्नाथपुर मंदिर में गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या, ₹5 लाख लूट — विपक्ष और आदिवासी संगठन सड़क पर

सारांश

रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या और ₹5 लाख की लूट ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। विपक्ष और आदिवासी संगठनों ने सड़क पर उतरकर हेमंत सोरेन सरकार को घेरा। एक आरोपी गिरफ्तार, दो संदिग्ध हिरासत में।

मुख्य बातें

गुरुवार रात 11 बजे रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर ₹5 लाख से अधिक की नकदी लूटी गई।
पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई; शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं ने शव देखकर पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार को घेरा।
विभिन्न आदिवासी संगठनों ने टायर जलाकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों को कड़ी सजा की मांग की।
मंदिर झारखंड विधानसभा और हाईकोर्ट के निकट स्थित है, जो इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

मंदिर में रात के अंधेरे में हत्या और लूट

रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार, 24 अप्रैल की देर रात करीब 11 बजे एक अज्ञात हमलावर ने मंदिर परिसर में घुसकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी बिरसा मुंडा की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने दान पेटी का ताला तोड़कर लगभग ₹5 लाख से अधिक की नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गया। पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।

शुक्रवार सुबह जब स्थानीय श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने गार्ड का शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेजा। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या के एक कथित आरोपी को गिरफ्तार किया है और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा और झारखंड हाईकोर्ट जैसे अति संवेदनशील संस्थानों के ठीक समीप स्थित इस मंदिर में हत्या जैसी जघन्य वारदात का होना झारखंड पुलिस की घोर विफलता का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुप्पी तोड़ने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस घटना को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का ज्वलंत उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा कि जब राजधानी रांची के सबसे प्रमुख और सुरक्षित माने जाने वाले धार्मिक स्थल ही असुरक्षित हो गए हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। दास ने हेमंत सोरेन सरकार को पूरी तरह निष्क्रिय बताते हुए राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराध पर गहरी चिंता व्यक्त की।

आदिवासी संगठनों का उग्र विरोध प्रदर्शन

घटना के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न आदिवासी संगठन भी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर रोष प्रकट किया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कठोर दंड की मांग की। संगठनों का कहना है कि अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ चुका है कि अब वे मंदिर जैसे पवित्र और आस्था के केंद्रों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाते।

गहन संदर्भ: राजधानी में बढ़ता अपराध और विडंबना

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था के मजबूत होने का दावा करती रही है। गौरतलब है कि जगन्नाथपुर मंदिर रांची के उस क्षेत्र में स्थित है जहां झारखंड विधानसभा, हाईकोर्ट और कई सरकारी कार्यालय हैं — यानी यह राजधानी का सर्वाधिक सुरक्षित माना जाने वाला इलाका है। ऐसे में इस क्षेत्र में हत्या और लूट जैसी घटना का घटित होना पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आलोचकों का कहना है कि झारखंड में धार्मिक स्थलों पर अपराध की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी राज्य के कई मंदिरों में चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद यदि अपराधी इतनी आसानी से वारदात को अंजाम दे सकते हैं, तो यह तकनीकी निगरानी तंत्र की सीमाओं और पुलिस की सक्रियता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।

इस घटना का सीधा असर आदिवासी समुदाय पर पड़ा है, जो बिरसा मुंडा नाम के गार्ड की मृत्यु को महज एक हत्या नहीं बल्कि अपनी अस्मिता पर हमला मान रहा है। बिरसा मुंडा झारखंड के महान आदिवासी नायक का नाम है और इसी नाम के गार्ड की मंदिर में हत्या ने समुदाय की भावनाओं को और गहरी ठेस पहुंचाई है।

आगे क्या होगा?

पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दो संदिग्ध हिरासत में हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज की जा रही है। विपक्ष और आदिवासी संगठनों के दबाव में झारखंड सरकार को जल्द ही अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो सकता है, खासकर तब जब राज्य में आदिवासी समुदाय की भावनाएं पहले से ही आहत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड में राज्य सत्ता की उस विफलता का प्रतीक है जहां विधानसभा और हाईकोर्ट की छाया में भी अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। विडंबना यह है कि सरकार एक ओर विकास और सुरक्षा के दावे करती है, दूसरी ओर राजधानी के सर्वाधिक संरक्षित माने जाने वाले धार्मिक स्थल पर हत्या और लूट होती है। बिरसा मुंडा नाम के गार्ड की हत्या ने आदिवासी समुदाय की भावनाओं को आहत कर राजनीतिक आग में घी डालने का काम किया है। यह मामला झारखंड में आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है, क्योंकि आदिवासी वोट बैंक किसी भी सरकार के लिए निर्णायक रहा है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में क्या हुआ?
गुरुवार रात करीब 11 बजे एक हमलावर ने जगन्नाथपुर मंदिर में घुसकर ड्यूटी पर तैनात गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी और दान पेटी से ₹5 लाख से अधिक की नकदी लूट ली। पूरी घटना मंदिर के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड में अब तक कितने आरोपी पकड़े गए?
पुलिस ने अब तक एक कथित आरोपी को गिरफ्तार किया है और दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी है।
विपक्ष ने इस घटना पर क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुप्पी तोड़ने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इसे झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया।
आदिवासी संगठनों ने इस घटना पर क्यों विरोध किया?
आदिवासी संगठनों ने मृत गार्ड का नाम बिरसा मुंडा होने और मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर हत्या को अपनी अस्मिता पर हमला माना। उन्होंने टायर जलाकर विरोध किया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
जगन्नाथपुर मंदिर रांची में कहां स्थित है और यह इतना संवेदनशील क्यों है?
जगन्नाथपुर मंदिर रांची के उस क्षेत्र में है जहां झारखंड विधानसभा और हाईकोर्ट स्थित हैं, इसलिए यह इलाका उच्च सुरक्षा वाला माना जाता है। ऐसे में यहां हत्या और लूट की घटना पुलिस प्रशासन की विफलता को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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