कोटिया विवाद: नवीन पटनायक ने CM माझी को घेरा, आंध्र के चुनाव ऐलान पर BJP से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (BJD) के प्रमुख और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने 19 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा चुनाव कराने की घोषणा पर कड़ी आपत्ति जताई। पटनायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोटिया ओडिशा का अभिन्न अंग है और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
क्या है कोटिया विवाद
कोटिया ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित एक विवादित क्षेत्र है, जिस पर दोनों राज्य दशकों से अपना दावा जताते आए हैं। इस क्षेत्र की 21 से अधिक ग्राम पंचायतें विवाद के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि जब भी आंध्र प्रदेश ने इस इलाके में चुनावी गतिविधियाँ बढ़ाई हैं, ओडिशा में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई है।
आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व में अब इस क्षेत्र में चुनाव कराने की घोषणा ने ओडिशा में राजनीतिक तापमान एक बार फिर बढ़ा दिया है।
पटनायक ने BJP के वादे याद दिलाए
पटनायक ने अपने पत्र में भाजपा नेताओं के पुराने बयानों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि BJP नेता स्वयं पहले 'गो बैक आंध्र' के नारे लगाते रहे हैं और कोटिया को ओडिशा का हिस्सा बताते रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा ने अपने घोषणापत्र में 'डबल इंजन सरकार' के ज़रिये कोटिया विवाद का स्थायी समाधान निकालने, ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने और 'ओड़िया स्वाभिमान' को मजबूत करने का वादा किया था। पटनायक ने सीधे सवाल किया कि उन वादों का क्या हुआ।
TDP-BJP गठबंधन पर उठाए सवाल
BJD प्रमुख ने इस मुद्दे को केंद्र की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ TDP, केंद्र में BJP नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महत्वपूर्ण सहयोगी है। उनके अनुसार यही राजनीतिक निर्भरता संभवतः ओडिशा की BJP सरकार की चुप्पी का कारण है।
पटनायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपने राजनीतिक समीकरणों के चलते ओडिशा के हितों और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता कर रही है।
उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट पर भी जवाब माँगा
पत्र में पटनायक ने वर्ष 2025 में गठित 16 सदस्यीय उच्चस्तरीय कोटिया समिति की सिफारिशों और उन्हें लागू करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी माँगी। उन्होंने कहा कि ओडिशा की जनता इन वादों पर स्पष्ट जवाबदेही की हकदार है।
आगे क्या होगा
पटनायक ने मुख्यमंत्री माझी से आग्रह किया कि राज्य सरकार निर्णायक कदम उठाए और कोटिया पर ओडिशा के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करे। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में भाजपा की नई सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अब सबकी नज़रें मुख्यमंत्री माझी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।