कोटिया विवाद: नवीन पटनायक ने CM माझी को पत्र लिखकर केंद्र से हस्तक्षेप की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने 4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया क्षेत्र के सीमा विवाद को केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष तत्काल उच्च स्तर पर उठाने का आग्रह किया। कोरापुट जिले के इस विवादित क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव कराने के प्रयास के बीच जमीनी तनाव तेज़ी से बढ़ा है और राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है।
पत्र में क्या कहा पटनायक ने
पटनायक ने पत्र में उल्लेख किया कि 19 अक्टूबर को कोटिया पर उनके पहले पत्र और मुख्यमंत्री के 27 अक्टूबर के जवाब के बाद से जमीनी स्थिति और अधिक बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बढ़ते टकराव की खबरें चिंताजनक हैं।
पटनायक ने यह भी रेखांकित किया कि आंध्र प्रदेश ओडिशा की आपत्तियों के बावजूद कोटिया में चुनाव करा रहा है। उन्होंने लिखा, 'मौजूदा तनाव और आगामी चुनावों को देखते हुए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इस मामले को केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के साथ उच्च स्तर पर उठाएं।'
BJP के चुनावी वादे का हवाला
पटनायक ने ध्यान दिलाया कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए-संबद्ध दलों की सरकारें हैं। उन्होंने BJP के 2024 के चुनाव घोषणापत्र का हवाला देते हुए कहा कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा करने का समय आ गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री माझी को याद दिलाया कि राज्य के वैध हितों की रक्षा करना उनकी 'नैतिक जिम्मेदारी' है और जमीनी स्थिति को और बिगड़ने देना राज्य की जनता के साथ अन्याय होगा।
मंगलवार की झड़प और हाई अलर्ट
गौरतलब है कि मंगलवार को विवादित क्षेत्र की तीन चौकियों पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच झड़पें और तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की 16 प्लाटून तैनात की हैं ताकि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को चुनाव कराने के लिए जबरन प्रवेश से रोका जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने स्पष्ट किया कि कोटिया ओडिशा का अभिन्न अंग है और स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस आंध्र प्रदेश के किसी भी चुनाव प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
पुजारी ने कहा, 'प्रशासन मौजूद रहेगा, पुलिस मौजूद रहेगी, राजनीतिक दल मौजूद रहेंगे, सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे और ओडिशा से प्यार करने वाले लोग इस लड़ाई को लड़ेंगे।' यह बयान राज्य की दृढ़ता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
यह विवाद अब सीधे केंद्र सरकार के दरवाज़े तक पहुँचने की ओर बढ़ रहा है। दोनों राज्यों में एनडीए सरकारें होने के बावजूद सीमा तनाव का इस स्तर तक पहुँचना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का रुख और मुख्यमंत्री माझी की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।