4 नवंबर 2026
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कोटिया विवाद: नवीन पटनायक ने CM माझी को पत्र लिखकर केंद्र से हस्तक्षेप की माँग की

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कोटिया विवाद: नवीन पटनायक ने CM माझी को पत्र लिखकर केंद्र से हस्तक्षेप की माँग की

सारांश

कोटिया में आंध्र प्रदेश के चुनाव कराने के प्रयास ने ओडिशा की राजनीति में तूफान ला दिया है। नवीन पटनायक ने CM माझी को पत्र लिखकर BJP के 2024 के चुनाव घोषणापत्र की याद दिलाई, 16 पुलिस प्लाटून तैनात हैं और दो राज्यों के अधिकारी आमने-सामने हैं।

मुख्य बातें

नवीन पटनायक ने 4 नवंबर 2026 को CM मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप की माँग की।
आंध्र प्रदेश विवादित कोटिया क्षेत्र में स्थानीय निकाय चुनाव करा रहा है, जिसे ओडिशा ने अवैध बताया है।
मंगलवार को विवादित क्षेत्र की तीन चौकियों पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच झड़पें हुईं।
ओडिशा सरकार ने चुनाव रोकने के लिए 16 पुलिस प्लाटून तैनात की हैं।
पटनायक ने BJP के 2024 चुनाव घोषणापत्र में ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के वादे का हवाला दिया।

बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने 4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया क्षेत्र के सीमा विवाद को केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष तत्काल उच्च स्तर पर उठाने का आग्रह किया। कोरापुट जिले के इस विवादित क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव कराने के प्रयास के बीच जमीनी तनाव तेज़ी से बढ़ा है और राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है।

पत्र में क्या कहा पटनायक ने

पटनायक ने पत्र में उल्लेख किया कि 19 अक्टूबर को कोटिया पर उनके पहले पत्र और मुख्यमंत्री के 27 अक्टूबर के जवाब के बाद से जमीनी स्थिति और अधिक बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बढ़ते टकराव की खबरें चिंताजनक हैं।

पटनायक ने यह भी रेखांकित किया कि आंध्र प्रदेश ओडिशा की आपत्तियों के बावजूद कोटिया में चुनाव करा रहा है। उन्होंने लिखा, 'मौजूदा तनाव और आगामी चुनावों को देखते हुए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इस मामले को केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के साथ उच्च स्तर पर उठाएं।'

BJP के चुनावी वादे का हवाला

पटनायक ने ध्यान दिलाया कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए-संबद्ध दलों की सरकारें हैं। उन्होंने BJP के 2024 के चुनाव घोषणापत्र का हवाला देते हुए कहा कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा करने का समय आ गया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री माझी को याद दिलाया कि राज्य के वैध हितों की रक्षा करना उनकी 'नैतिक जिम्मेदारी' है और जमीनी स्थिति को और बिगड़ने देना राज्य की जनता के साथ अन्याय होगा।

मंगलवार की झड़प और हाई अलर्ट

गौरतलब है कि मंगलवार को विवादित क्षेत्र की तीन चौकियों पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच झड़पें और तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की 16 प्लाटून तैनात की हैं ताकि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को चुनाव कराने के लिए जबरन प्रवेश से रोका जा सके।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने स्पष्ट किया कि कोटिया ओडिशा का अभिन्न अंग है और स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस आंध्र प्रदेश के किसी भी चुनाव प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।

पुजारी ने कहा, 'प्रशासन मौजूद रहेगा, पुलिस मौजूद रहेगी, राजनीतिक दल मौजूद रहेंगे, सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे और ओडिशा से प्यार करने वाले लोग इस लड़ाई को लड़ेंगे।' यह बयान राज्य की दृढ़ता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।

आगे क्या होगा

यह विवाद अब सीधे केंद्र सरकार के दरवाज़े तक पहुँचने की ओर बढ़ रहा है। दोनों राज्यों में एनडीए सरकारें होने के बावजूद सीमा तनाव का इस स्तर तक पहुँचना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का रुख और मुख्यमंत्री माझी की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह BJP के उस राजनीतिक दबाव का परीक्षण है जिसमें दो एनडीए सहयोगी राज्य आमने-सामने हैं। पटनायक का BJP के 2024 घोषणापत्र का हवाला देना राजनीतिक रूप से चतुर दाँव है — इससे माझी सरकार के लिए चुप रहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केंद्र दो सहयोगी राज्यों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने का साहस दिखाएगा, या यह विवाद और लंबा खिंचेगा।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटिया सीमा विवाद क्या है?
कोटिया ओडिशा के कोरापुट जिले का एक क्षेत्र है जिस पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों राज्य अपना दावा करते हैं। यह दशकों पुराना सीमा विवाद है, जो तब और तीव्र हो गया जब आंध्र प्रदेश ने इस क्षेत्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने का प्रयास किया।
नवीन पटनायक ने CM माझी को पत्र क्यों लिखा?
पटनायक ने 4 नवंबर 2026 को पत्र लिखकर CM माझी से केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के साथ इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश द्वारा कोटिया में चुनाव कराने का प्रयास ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला है।
ओडिशा सरकार ने कोटिया में क्या कदम उठाए हैं?
ओडिशा सरकार ने कोटिया क्षेत्र में पुलिस बल की 16 प्लाटून तैनात की हैं। राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने स्पष्ट किया है कि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को चुनाव कराने के लिए जबरन प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
BJP के 2024 चुनाव घोषणापत्र से इस विवाद का क्या संबंध है?
नवीन पटनायक ने अपने पत्र में कहा कि BJP ने 2024 के चुनाव घोषणापत्र में ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का वादा किया था। चूँकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों में एनडीए-संबद्ध सरकारें हैं, इसलिए उन्होंने इस वादे को तत्काल लागू करने की माँग की।
कोटिया में ताज़ा तनाव कब और कैसे बढ़ा?
मंगलवार को विवादित क्षेत्र की तीन चौकियों पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के बीच झड़पें हुईं। इसके बाद से राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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