14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गणेश उत्सव लंदन-अमेरिका तक पहुँचा, कृपाशंकर सिंह बोले — मोदी के नेतृत्व में बढ़ी भारत की वैश्विक साख

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गणेश उत्सव लंदन-अमेरिका तक पहुँचा, कृपाशंकर सिंह बोले — मोदी के नेतृत्व में बढ़ी भारत की वैश्विक साख

सारांश

गणेश चतुर्थी के अवसर पर BJP नेता कृपाशंकर सिंह ने कहा कि गणपति उत्सव अब लंदन और अमेरिका तक पहुँच चुका है। उन्होंने मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक साख की सराहना करते हुए ब्रिक्स, आर्टिकल 370, UCC और राहुल गांधी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

BJP नेता कृपाशंकर सिंह ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुंबई में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि गणपति उत्सव अब लंदन , अमेरिका और जॉर्जिया जैसे देशों में भी मनाया जा रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी को उन्होंने PM मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया।
राहुल गांधी की ब्रिक्स डिनर मेन्यू वाली टिप्पणी पर सिंह ने कहा — विपक्ष को संसद में गंभीर मुद्दे उठाने चाहिए।
आर्टिकल 370 ( 5 अगस्त 2019 ) और UCC के समर्थन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है।
महिला क्रिकेट एशिया कप ट्रॉफी विवाद और वंदे मातरम प्रकरण पर उन्होंने राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह ने मुंबई में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गणपति उत्सव अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा — यह लंदन, अमेरिका और जॉर्जिया तक पहुँच चुका है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया। इस अवसर पर उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन, आर्टिकल 370, समान नागरिक संहिता (UCC) और क्रिकेट से जुड़े राष्ट्रीय विवादों पर भी खुलकर बात की।

गणपति उत्सव और सामाजिक एकता

कृपाशंकर सिंह ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जब सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा शुरू की थी, तब उसके पीछे समाज को एकजुट करने और सामूहिक रूप से बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने की भावना थी। उन्होंने कहा कि आज भी गणपति बप्पा के समक्ष देश की मजबूती, विकास और राष्ट्र की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है। उन्होंने महाराष्ट्र को सामाजिक सुधार की भूमि बताते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. भीमराव आंबेडकर और छत्रपति शाहू महाराज को श्रद्धापूर्वक याद किया।

ब्रिक्स सम्मेलन और भारत की भूमिका

भारत द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी को सिंह ने राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में चीन, रूस, ईरान और अन्य देशों के नेताओं की भागीदारी से स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका अब निर्णायक होती जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण फैसलों में भारत की हिस्सेदारी और बढ़ेगी।

ब्रिक्स समिट के डिनर मेन्यू पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा कि विपक्ष को भोजन सूची पर ध्यान देने के बजाय सम्मेलन के परिणाम और संयुक्त घोषणापत्र पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उसके लिए संसद और विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध हैं।

आर्टिकल 370 और यूसीसी पर रुख

5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि तत्कालीन विपक्षी नेताओं ने गंभीर परिणामों की आशंका जताई थी, लेकिन उनके अनुसार ऐसे अनुमान गलत साबित हुए। उन्होंने इस फैसले को राष्ट्रहित से जोड़ते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, परंतु राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए।

समान नागरिक संहिता (UCC) के समर्थन में सिंह ने कहा कि भारत एक देश है और कानूनों में समानता होनी चाहिए। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर की संविधान निर्माण में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान समग्र भारत के लिए बनाया गया है और इसी भावना के अनुरूप समान कानूनी व्यवस्था पर चर्चा आवश्यक है।

क्रिकेट और राष्ट्रीय गौरव

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर सिंह ने कहा कि इस तरह के मामलों में भावनाएँ अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रहित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों और सभी क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रभावना और देशभक्ति का प्रतीक है और आने वाले समय में यह भावना और व्यापक होगी। उन्होंने महात्मा गांधी के प्रति विदेशों में दिखाई गई श्रद्धा का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति का वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है।

युवाओं और लोकतंत्र पर जोर

सिंह ने युवाओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश के भविष्य को सकारात्मक दिशा देने की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों पर है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बहस ऐसी होनी चाहिए जिससे युवाओं में स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की भावना मजबूत हो। उन्होंने गणपति बप्पा के आशीर्वाद से भारत की प्रतिष्ठा और मजबूत होने की कामना के साथ अपनी बात समाप्त की।

संपादकीय दृष्टिकोण

ब्रिक्स की सफलता और विपक्ष पर हमला। हालाँकि, ब्रिक्स मेजबानी को 'भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा' से सीधे जोड़ना एकांगी विश्लेषण है — वास्तविक कूटनीतिक परिणाम संयुक्त घोषणापत्र की भाषा और क्रियान्वयन पर निर्भर करते हैं। राहुल गांधी को संसदीय मंच तक सीमित करने की अपील उस समय आई है जब स्वयं सत्तापक्ष पर संसद सत्रों को छोटा रखने के आरोप लगते रहे हैं — यह विरोधाभास ध्यान देने योग्य है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृपाशंकर सिंह ने गणेश चतुर्थी पर क्या कहा?
BJP नेता कृपाशंकर सिंह ने कहा कि गणपति उत्सव अब केवल भारत तक सीमित नहीं है बल्कि लंदन, अमेरिका और जॉर्जिया जैसे देशों में भी मनाया जा रहा है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के वैश्विक विस्तार और PM मोदी के नेतृत्व में बढ़ती प्रतिष्ठा से जोड़ा।
कृपाशंकर सिंह ने ब्रिक्स सम्मेलन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने भारत द्वारा ब्रिक्स की मेजबानी को राष्ट्रीय गौरव बताया और कहा कि चीन, रूस व ईरान जैसे देशों की भागीदारी दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका निर्णायक होती जा रही है। राहुल गांधी की डिनर मेन्यू वाली टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को सम्मेलन के परिणामों पर ध्यान देना चाहिए।
कृपाशंकर सिंह का आर्टिकल 370 पर क्या रुख है?
सिंह ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा जताई गई गंभीर परिणामों की आशंकाएँ उनके अनुसार सच नहीं हुईं और राष्ट्रीय हित को हमेशा सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।
BJP नेता ने UCC यानी समान नागरिक संहिता पर क्या कहा?
कृपाशंकर सिंह ने UCC का समर्थन करते हुए कहा कि एक देश में कानूनों में समानता होनी चाहिए। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका का हवाला देते हुए कहा कि संविधान समग्र भारत के लिए बना है और इसी भावना से समान कानूनी व्यवस्था पर चर्चा आगे बढ़नी चाहिए।
महिला क्रिकेट एशिया कप विवाद पर उनकी क्या राय है?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर सिंह ने कहा कि अलग-अलग भावनाएँ हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रहित को हर स्थिति में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों और सभी पक्षों से राष्ट्रीय हित पर समझौता न करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 मिनट पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 14 घंटे पहले
  5. 14 घंटे पहले
  6. कल
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले