कुमारस्वामी का आरोप: कर्नाटक सरकार दिल्ली के 'देशविरोधी' प्रदर्शनों को करदाताओं के पैसे से दे रही मदद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध चल रहे प्रदर्शनों को कथित तौर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन के लिए कर्नाटक के करदाताओं का सार्वजनिक धन भेजा जा रहा है, जो उन्होंने 'राष्ट्रविरोधी गतिविधि' करार दिया।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
कुमारस्वामी बेंगलुरु के विजयनगर स्थित बंट्स एसोसिएशन में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के उम्मीदवारों, बेरोज़गार युवाओं और छात्रों के साथ बातचीत के लिए आए थे। इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर कांग्रेस और सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के बारे में उनकी हालिया टिप्पणियों को लेकर कड़ा हमला बोला।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि गुरुवार को दिए गए खड़गे के बयान में अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार किया गया है कि कांग्रेस दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन कर रही है। उन्होंने खड़गे का वीडियो पत्रकारों को दिखाते हुए सवाल उठाया कि CJP के विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
कानून में 'दोहरे मानदंड' का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या एक ज़िम्मेदार पद पर बैठे मंत्री के लिए अलग कानून है और बाकी नागरिकों के लिए अलग? उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में विपक्षी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों को कथित तौर पर राज्य के सार्वजनिक धन से सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा, 'देश की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह बयान विशेष रूप से गंभीर है।'
सरकार पर वित्तपोषण का सवाल
कुमारस्वामी ने सीधे एआईसीसी अध्यक्ष और कर्नाटक के गृह मंत्री के पुत्र प्रियांक खड़गे से माँग की कि वे स्पष्ट करें — CJP की गतिविधियों के लिए धन कहाँ से आ रहा है और राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शनों को कौन वित्तपोषित कर रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बार-बार कहते हैं कि 'समय सब बता देगा', जबकि कथित तौर पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग जारी है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर कुमारस्वामी और कर्नाटक सरकार के बीच तीखा टकराव देखने को मिला हो।
KPSC अनियमितताओं पर भी उठे सवाल
कुमारस्वामी की यह यात्रा मूल रूप से KPSC भर्ती में कथित अनियमितताओं पर चर्चा के लिए थी। उन्होंने आयोग को 'साफ करने' की ज़रूरत बताते हुए कहा कि बेरोज़गार उम्मीदवारों और युवाओं को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने दावा किया कि 'समय निश्चित रूप से सब कुछ उजागर करेगा — कथित साजिशें और राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ भी।' कर्नाटक सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।