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क्या बिहार को लालटेन युग में रखने वाले बिजली दे पाएंगे? पीएम मोदी का राजद पर तंज

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क्या बिहार को लालटेन युग में रखने वाले बिजली दे पाएंगे? पीएम मोदी का राजद पर तंज

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में चुनावी रैली में विपक्ष पर करारा प्रहार किया। उन्होंने बिहार के विकास के लिए उद्यम, उद्योग और सुशासन की आवश्यकता पर जोर दिया और राजद के शासनकाल के अतीत को याद दिलाया। क्या बिहार की जनता उन ताकतों पर विश्वास कर सकती है जिन्होंने उसे अंधकार में रखा?

मुख्य बातें

विकास के लिए उद्यमिता आवश्यक है।
भ्रष्टाचार का अतीत एक चुनौती है।
महिलाओं का सशक्तीकरण प्राथमिकता है।
एनडीए की योजनाएं भलाई के लिए हैं।
राजनीति में परिवारवाद पर ध्यान देना आवश्यक है।

मुजफ्फरपुर, 30 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए उद्यम, उद्योग और सुशासन की आवश्यकता है, न कि उन शक्तियों की, जिनका अतीत भ्रष्टाचार, अपराध और अराजकता से भरा है।

पीएम मोदी ने कहा, "बिहार को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग चाहिए और उद्योग के लिए जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज अनिवार्य है। सोचिए, जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का रहा है, वो किसी उद्योग को जमीन देंगे क्या? जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा, क्या वो बिजली दे पाएंगे? जिन्होंने रेल को लूटा, क्या वो कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे? जिन्होंने भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड तोड़े, क्या वो कानून का राज ला सकते हैं?"

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार ने भाजपा–एनडीए के सुशासन का अनुभव किया है और आज वही बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने गर्व से बताया कि आज राज्य में रेल के इंजन बन रहे हैं, डेयरी उद्योग फल-फूल रहा है और बिहार का मखाना दुनिया भर में जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में लालू प्रसाद यादव के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि जंगलराज के दिनों में अपराधियों का भय चरम पर था। मुजफ्फरपुर के लोग 2001 के 'गोलू अपहरण कांड' को कभी नहीं भूल सकते। दिन-दहाड़े स्कूल जाते बच्चे का अपहरण हुआ, फिरौती मांगी गई और जब पैसे नहीं मिले तो उस मासूम की हत्या कर दी गई। यही था राजद का असली चेहरा।

उन्होंने कहा कि उस दौर में राजद शासन में करीब 35 से 40 हजार अपहरण हुए थे।

पीएम मोदी ने बिहार सरकार और एनडीए की योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "हमने जब गरीबों को घर दिए, तो रजिस्ट्री बहनों के नाम पर की। मुफ्त गैस कनेक्शन, नल का जल और मुफ्त अनाज सब बहनों के जीवन को आसान बनाने के लिए है।"

उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार सरकार की योजना के तहत 1.30 करोड़ बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपए दिए जा चुके हैं ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। उन्होंने वादा किया कि दोबारा एनडीए की सरकार बनने पर इस योजना को और आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि आज चुनावी मैदान में दो युवराजों की जोड़ी उतरी है। एक भारत के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज, तो दूसरा बिहार के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज है।

पीएम मोदी ने कहा, "दोनों ही हजारों करोड़ के घोटालों में जमानत पर हैं। कल इन दोनों ने मुझे खूब गालियां दीं। लेकिन नामदारों के लिए कामदार को गाली देना जरूरी है। बिना ऐसा किए उनका खाना हजम नहीं होता।"

उन्होंने कहा कि इन लोगों को बर्दाश्त नहीं होता कि एक गरीब घर का, चाय बेचने वाला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन गया। इसलिए वे मुझे लगातार गालियां देते रहते हैं, क्योंकि उनकी राजनीति अहंकार और परिवारवाद पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार का विकास अब उद्यमिता और सुशासन पर निर्भर करता है। प्रधानमंत्री मोदी के हमलों का उद्देश्य न केवल विपक्ष को चुनौती देना है, बल्कि बिहार के लिए एक नई दिशा स्थापित करना भी है। यह महत्वपूर्ण है कि राज्य की जनता को सही विकल्प चुनने का अवसर मिले।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने बिहार में क्या कहा?
पीएम मोदी ने बिहार के विकास के लिए उद्यम, उद्योग और सुशासन की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजद के शासनकाल में बिहार में क्या हुआ?
राजद के शासनकाल में बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला था।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए क्या योजनाएं हैं?
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मुफ्त गैस कनेक्शन और छोटे व्यवसाय के लिए सहायता शामिल है।
बिहार की जनता को क्या करना चाहिए?
बिहार की जनता को सही चुनाव करना चाहिए और उन ताकतों पर विश्वास नहीं करना चाहिए जिन्होंने राज्य को अंधकार में रखा।
क्या बिहार का भविष्य उज्जवल है?
अगर सही निर्णय लिए जाएं तो बिहार का भविष्य उज्जवल हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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