30 जुलाई 2026
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क्या सोनम वांगचुक को लेकर लद्दाख डीजीपी का वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है?

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क्या सोनम वांगचुक को लेकर लद्दाख डीजीपी का वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है?

सारांश

सोशल मीडिया पर लद्दाख के डीजीपी डॉ. एसडी सिंह के नाम से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सोनम वांगचुक के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इसे एआई जनरेटेड बताते हुए इसे फर्जी करार दिया है। जानिए इस पर विस्तार से।

मुख्य बातें

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फर्जी है।
पीआईबी ने इसे एआई जनरेटेड करार दिया है।
डीजीपी लद्दाख ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
ऐसे वीडियो से भ्रम और घबराहट फैल सकती है।
सच्चाई की पुष्टि करके ही जानकारी साझा करें।

लेह, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एसडी सिंह के नाम से सोनम वांगचुक के बारे में एक गंभीर दावा किया गया है। इस वीडियो ने लोगों में भ्रम और गुस्सा उत्पन्न कर दिया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस वीडियो को एआई जनरेटेड करार दिया है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और कहा है कि डॉ. एसडी सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

पीआईबी की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है, "एक डिजिटल रूप से बदला गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि लद्दाख के डीजीपी डॉ. एसडी सिंह ने कहा है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी रक्षा मंत्री के निर्देश पर की गई थी। यह दावा गलत और भ्रामक है।"

पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में बताया गया कि डॉ. एसडी सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल वीडियो का असली वर्जन आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

पीआईबी ने चेतावनी दी है कि डीपफेक वीडियो एआई तकनीक द्वारा तैयार किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता को गुमराह करना और समाज में भ्रम, घबराहट और अस्थिरता फैलाना होता है।

फैक्ट चेक टीम ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या जानकारी को बिना पुष्टि के साझा न करें। यदि किसी को ऐसा भ्रामक या संदिग्ध कंटेंट मिले, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह हमारा कर्तव्य है कि हम जनता को सही और तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करें। ऐसे फर्जी वीडियो के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाना न केवल गलत है, बल्कि यह हमारी संप्रभुता और एकता के लिए भी खतरा है। हमें हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह वीडियो सच है?
नहीं, यह वीडियो एआई जनरेटेड और फर्जी है।
पीआईबी ने इस वीडियो के बारे में क्या कहा है?
पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि डॉ. एसडी सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
डिपफेक वीडियो क्या होते हैं?
डीपफेक वीडियो एआई तकनीक द्वारा बनाए जाते हैं और ये आम जनता को गुमराह करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
हमें क्या करना चाहिए यदि हमें ऐसे वीडियो मिले?
ऐसे वीडियो को बिना पुष्टि के साझा न करें और तुरंत रिपोर्ट करें।
क्या यह वीडियो अन्य प्लेटफार्मों पर भी है?
हां, इसका असली वर्जन आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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