25 सितंबर 2026
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पश्चिम बंगाल में ₹60,000 करोड़ की 33 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित, 62 हजार रोजगार का अनुमान

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पश्चिम बंगाल में ₹60,000 करोड़ की 33 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित, 62 हजार रोजगार का अनुमान

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 33 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ₹60,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के साथ जमीन आवंटन पूरा होने का ऐलान किया। सेमीकंडक्टर से लेकर ईवी तक के क्षेत्रों में 62,000 रोजगार का अनुमान है — साथ ही किसानों के लिए बिजली सब्सिडी और MSP की गारंटी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 25 सितंबर 2026 को घोषणा की कि 33 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
इन परियोजनाओं में कुल ₹60,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 62,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर, रक्षा, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।
राज्य के करीब 4 लाख किसानों को बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट सब्सिडी और पीएम-किसान राशि ₹6,000 से ₹9,000 करने की घोषणा।
धान खरीद पर ₹2,700 प्रति क्विंटल MSP सुनिश्चित करने का वादा।
भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ वसूली और जेल की कड़ी चेतावनी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 25 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने 33 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिनमें कुल ₹60,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से लगभग 62,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह जानकारी पूर्व बर्धमान जिले के बर्धमान में एक जनसभा के दौरान दी। इससे पहले उन्होंने गुरुवार को एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी।

अधिकारी ने कहा, '33 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटन से जुड़े दस्तावेज सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हमारे अनुमान के अनुसार इन परियोजनाओं में करीब ₹60,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 62,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।'

किन क्षेत्रों में होगा निवेश

इन परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर, रक्षा, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और एमएसएमई से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बना रही है, जिससे राज्य-स्तरीय पहलों को अतिरिक्त बल मिल सकता है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन आवंटन के बाद परियोजनाओं का काम रुके नहीं, इसके लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम शुरू करने की शर्त रखी गई है — जो पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए उठाया गया व्यावहारिक कदम प्रतीत होता है।

किसान और कृषि राहत की घोषणाएँ

प्रशासनिक समीक्षा बैठक में अधिकारी ने राज्य के करीब 4 लाख किसानों के लिए बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट की सब्सिडी देने की घोषणा भी की। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली सहायता राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि किसान जितना धान बेचना चाहेंगे, सरकार उसकी खरीद करेगी और ₹2,700 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया जाएगा।

भ्रष्टाचार पर कड़ी चेतावनी

अधिकारी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, 'इस तरह के भ्रष्टाचार में शामिल हर व्यक्ति का पता लगाया जाएगा, उनसे पैसा वसूला जाएगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में औद्योगिक परियोजनाओं में पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार के इस कदम से निवेशकों के बीच बंगाल की पहचान एक व्यवसाय-अनुकूल राज्य के रूप में मजबूत करने की कोशिश स्पष्ट है। निवेश के दृष्टिकोण से सेमीकंडक्टर और ईवी जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रवेश महत्वपूर्ण संकेत है। अब नज़र इस बात पर रहेगी कि इन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में ज़मीन पर उतारा जाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह निवेश अनुमान आकर्षक है, लेकिन असली सवाल यह है कि 'प्रस्तावित निवेश' और 'वास्तविक निवेश' के बीच की खाई कितनी गहरी होगी — पश्चिम बंगाल में औद्योगिक घोषणाओं और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच ऐतिहासिक अंतर किसी से छुपा नहीं है। निर्धारित समय-सीमा में काम शुरू करने की शर्त सही दिशा में कदम है, लेकिन इसके सत्यापन का कोई स्वतंत्र तंत्र घोषित नहीं हुआ। किसान-केंद्रित घोषणाएँ — MSP गारंटी और बिजली सब्सिडी — चुनावी राजनीति की परछाईं भी रखती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में 33 औद्योगिक परियोजनाओं में कितना निवेश होगा?
इन 33 परियोजनाओं में कुल करीब ₹60,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जैसा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 25 सितंबर 2026 को बर्धमान में जनसभा के दौरान बताया। इनसे लगभग 62,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
बंगाल की इन परियोजनाओं में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
इन परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर, रक्षा, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और एमएसएमई क्षेत्र शामिल हैं। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जमीन आवंटन के बाद काम निर्धारित समय-सीमा में शुरू हो।
पीएम-किसान सम्मान निधि की राशि बंगाल में कितनी बढ़ेगी?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली सहायता ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 वार्षिक की जाएगी। साथ ही राज्य के करीब 4 लाख किसानों को बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट की सब्सिडी दिए जाने की भी घोषणा हुई।
धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्या होगा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार किसानों से ₹2,700 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी और किसान जितना धान बेचना चाहें, सरकार उसकी खरीद सुनिश्चित करेगी।
जमीन आवंटन के बाद परियोजनाओं के क्रियान्वयन की क्या गारंटी है?
राज्य सरकार ने यह शर्त रखी है कि आवंटित जमीन पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम शुरू करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ वसूली और जेल की कड़ी चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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