पश्चिम बंगाल बजट 2026-27: भाजपा सरकार ने उद्योग और निवेश पर लगाया बड़ा दांव, वाणिज्य विभाग का बजट दोगुना
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार का पहला बजट 2026-27 के लिए राज्य में औद्योगिक विकास और बड़े निवेश को आकर्षित करने पर केंद्रित है। विभिन्न विभागों को दिए गए बजट आवंटन से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार उद्योगों के लिए मज़बूत बुनियादी ढाँचा तैयार करने के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी प्राथमिकता दे रही है, जिससे बड़े निवेशकों को कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में लाया जा सके।
क्षेत्रीय विकास विभागों को सबसे बड़ी बढ़ोतरी
इस बजट में सर्वाधिक वृद्धि दो क्षेत्रीय विकास विभागों को मिली है। उत्तर बंगाल विकास विभाग का बजट लगभग दोगुना करते हुए ₹920.13 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,821.52 करोड़ किया गया है। इसी तरह पश्चिमांचल उन्नयन कार्य विभाग (PUA) का बजट ₹810.04 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,610.85 करोड़ कर दिया गया है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार इन दोनों विभागों के ज़रिए सामाजिक विकास और उद्योगों के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचे का निर्माण एक साथ किया जा सकता है।
उत्तर बंगाल और पश्चिमांचल में औद्योगिक संभावनाएँ
उत्तर बंगाल में बड़ी आदिवासी आबादी निवास करती है और यह क्षेत्र पहाड़ों व घने जंगलों से घिरा है। यहाँ चाय, पर्यटन, लकड़ी और औषधीय पौधों के क्षेत्र में उद्योगों की व्यापक संभावनाएँ हैं। वहीं, PUA विभाग के अंतर्गत बाँकुड़ा, बीरभूम, झारग्राम, पश्चिम बर्दवान, पश्चिम मेदिनीपुर और पुरुलिया जैसे जिले आते हैं। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक पर्यटन के साथ-साथ कोयला और अन्य खनिज संसाधनों की उपलब्धता औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल मानी जाती है। पश्चिम बर्दवान लंबे समय से राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र रहा है।
राजनीतिक विश्लेषण: आर्थिक और चुनावी दोनों लक्ष्य
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों विभागों के बजट में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी के पीछे केवल आर्थिक कारण नहीं हैं। हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP को इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय समर्थन मिला था और कई जिलों में पार्टी ने सभी विधानसभा सीटें जीती थीं। आलोचकों का कहना है कि इसे भाजपा-समर्थक क्षेत्रों को विकास के ज़रिए और मज़बूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है।
वाणिज्य विभाग और सिंगल विंडो नीति
वाणिज्य और उद्योग विभाग के बजट में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है — यह ₹1,483.97 करोड़ से बढ़कर ₹3,266.59 करोड़ हो गया है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने अपने बजट भाषण में कारोबार को आसान बनाने के लिए एक नई नीति की घोषणा की, जिसके तहत ₹100 करोड़ या उससे अधिक के निवेश प्रस्तावों को राज्य सरकार की सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक मंजूरियाँ एक ही जगह से दी जाएंगी। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आईटी क्षेत्र पर विशेष ध्यान
सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का बजट ₹217.16 करोड़ से बढ़ाकर ₹506.18 करोड़ कर दिया गया है, जो पिछले आवंटन से दोगुने से भी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पश्चिम बंगाल को IT और IT-आधारित सेवाओं के नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। कुल मिलाकर, यह बजट औद्योगिक विकास, क्षेत्रीय संतुलन, रोज़गार सृजन और निवेश आकर्षण की दिशा में एक सुनियोजित प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।