पश्चिम बंगाल बजट सत्र: राज्यपाल आर.एन. रवि ने घुसपैठ से जनसांख्यिकी बदलाव पर जताई गंभीर चिंता
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने 18 जून को विधानसभा के बजट सत्र के उद्घाटन अभिभाषण में कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ के कारण कुछ इलाकों की जनसांख्यिकी में उल्लेखनीय बदलाव आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार की घुसपैठ-विरोधी कार्रवाइयों की सराहना की और कहा कि सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्यपाल के अभिभाषण के मुख्य बिंदु
राज्यपाल रवि ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि नई सरकार उन असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कदम उठा रही है जिन्हें पिछली सरकार के दौर में कथित संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने कहा, "नई राज्य सरकार ने उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्हें पिछली सरकार में संरक्षण मिला हुआ था। साथ ही घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।"
राज्यपाल ने यह भी बताया कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा के उन हिस्सों पर, जहाँ अब तक तारबंदी नहीं हुई थी, बाड़ लगाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा, "नई सरकार किसी भी कीमत पर सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने और घुसपैठ रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।"
पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार पर टिप्पणी
राज्यपाल ने मौजूदा पुलिस प्रशासन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि वह लंबे समय से भ्रष्टाचार और वसूली में लिप्त तत्वों के विरुद्ध सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक सुधार की प्रक्रिया जारी है।
पिछली सरकार पर आरोप और मेट्रो परियोजना
राज्यपाल ने अपने भाषण में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कोलकाता मेट्रो रेलवे विस्तार कार्य में कथित ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "कोलकाता मेट्रो का विस्तार कार्य लंबे समय तक रोक कर रखा गया था, जिसे अब नई सरकार ने शुरू कर दिया है।" गौरतलब है कि कोलकाता मेट्रो का विस्तार शहर की यातायात व्यवस्था के लिए एक दीर्घकालीन मांग रही है।
बजट सत्र और वित्तीय कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल विधानसभा का यह बजट सत्र 18 जून से प्रारंभ होकर 25 जून तक चलेगा। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता 22 जून को वित्त वर्ष 2026-27 का पूर्ण राज्य बजट विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।
उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को तत्कालीन वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में अंतरिम बजट (वोट ऑन अकाउंट) प्रस्तुत किया था। अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पूर्ण बजट नहीं पेश किया जा सका था। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हुए और तत्पश्चात नई सरकार का गठन हुआ।
वित्त मंत्री का लक्ष्य
वित्त विभाग का प्रभार मिलने के बाद स्वपन दासगुप्ता ने कहा था कि उनका प्रमुख लक्ष्य राज्य की कर राजस्व आय में वृद्धि करना है, परंतु इसके लिए जनता पर कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं डाला जाएगा। आगामी 22 जून को पेश होने वाला पूर्ण बजट इस दिशा में सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा।