लेड पॉइज़निंग का खतरा: पेंट, खिलौने और बर्तनों में छिपा जहर, WHO ने जताई चिंता
सारांश
मुख्य बातें
लेड (सीसा) — एक जहरीली धातु — आपके घर की रोज़मर्रा की चीजों में चुपचाप मौजूद हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दीवारों का पुराना पेंट, खिलौने, कॉस्मेटिक्स, नकली गहने और कुछ सिरेमिक बर्तन लेड के संपर्क के प्रमुख स्रोत हैं। WHO के आँकड़ों के अनुसार, लेड विषाक्तता से दुनिया भर में हर साल 35 लाख से अधिक मौतें होती हैं।
लेड के संभावित स्रोत कहाँ हैं?
लेड यानी सीसा एक ऐसी जहरीली धातु है जिसका उपयोग अतीत में कई उत्पादों में बड़े पैमाने पर होता था। आज भी इसके संपर्क में आने के कई रास्ते बचे हुए हैं। पुराने या खराब होते पेंट से निकलने वाली बारीक धूल, दूषित मिट्टी और पानी, कुछ सिरेमिक बर्तन, असुरक्षित नकली गहने, मानक-विहीन कॉस्मेटिक्स और खिलौने इसके प्रमुख ज़रिए हैं।
गौरतलब है कि कुछ मसालों और पारंपरिक दवाओं में भी मिलावट या संदूषण के चलते लेड की मौजूदगी कथित तौर पर पाई जाती है। यह ऐसे समय में और अधिक चिंताजनक है जब घरेलू उत्पादों में गुणवत्ता नियंत्रण की जाँच अक्सर अपर्याप्त रहती है।
बच्चों पर सबसे गहरा असर
लेड का प्रभाव हर आयु वर्ग पर पड़ता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह विशेष रूप से घातक है। बच्चों का मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र अभी विकास की अवस्था में होते हैं, इसलिए लेड के अल्प संपर्क से भी उनकी मानसिक वृद्धि, सीखने की क्षमता और व्यवहार पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
बच्चे अक्सर ज़मीन पर खेलते हैं, विभिन्न सतहों को हाथ लगाते हैं और फिर उन्हीं हाथों को मुँह में डालते हैं। यदि उनके आसपास लेड-दूषित धूल या मिट्टी मौजूद हो, तो वह उनके शरीर में प्रवेश कर सकती है। गर्भावस्था के दौरान भी लेड का संपर्क माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
वयस्कों के लिए भी कम नहीं है जोखिम
लेड का खतरा सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, वयस्कों में लंबे समय तक लेड के संपर्क में रहने से किडनी और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाता है। यह शरीर के कई अंगों को एक साथ प्रभावित कर सकता है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि लेड के संपर्क में आने पर तत्काल लक्षण हमेशा सामने नहीं आते। कई बार नुकसान काफी बाद में — और अपरिवर्तनीय रूप में — प्रकट होता है, जिससे समय पर पहचान और इलाज मुश्किल हो जाता है।
WHO की थीम और बचाव के उपाय
WHO ने इंटरनेशनल लीड पॉइज़निंग प्रिवेंशन वीक 2026 की थीम 'पहचान से बचाव की ओर' रखी है, जिसका उद्देश्य लेड के स्रोतों की पहचान और उन्हें समूल खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करना है।
घर में धूल को नियमित रूप से गीले कपड़े या पोछे से साफ करें ताकि कण हवा में न फैलें। पुराने पेंट को स्वयं खुरचने से बचें, इससे जहरीली धूल वातावरण में फैलती है। बच्चों को टूटे-फूटे या मानक-विहीन खिलौनों से दूर रखें। यदि पीने के पानी के दूषित होने की आशंका हो, तो उसकी जाँच करवाएं। कॉस्मेटिक्स, बर्तन और अन्य घरेलू उत्पाद खरीदते समय उनके गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की पुष्टि अवश्य करें।
आगे का रास्ता
विशेषज्ञ मानते हैं कि लेड विषाक्तता से बचाव के लिए सरकारी नीति और व्यक्तिगत सतर्कता — दोनों ज़रूरी हैं। उत्पाद सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना और जन-जागरूकता अभियान इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।