दिल्ली के 8 वर्षीय एआई जीनियस रणवीर सिंह सचदेवा की एलजी टीएस संधू ने की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने रविवार, 24 मई 2026 को नई दिल्ली के 8 वर्षीय बाल प्रतिभा रणवीर सिंह सचदेवा की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से सराहा। रणवीर ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में सबसे कम उम्र के वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की असाधारण समझ से विशेषज्ञों को चौंका दिया है।
एलजी की एक्स पोस्ट और मुलाकात का विवरण
उपराज्यपाल टीएस संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रणवीर की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'कुछ दिन पहले ऋषिकेश में युवा रणवीर सिंह सचदेवा से मिलकर बहुत अच्छा लगा।' उन्होंने आगे कहा कि महज आठ साल की उम्र में इस दिल्ली के असाधारण बच्चे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जबरदस्त समझ विकसित कर ली है।
संधू ने यह भी जोड़ा, 'यह देखना बहुत प्रेरणादायक है कि हमारे सबसे कम उम्र के बच्चे भविष्य की तकनीकों के साथ कितने आत्मविश्वास से जुड़ रहे हैं, और साथ ही जिम्मेदार इनोवेशन और डिजिटल साक्षरता के मूल्यों को भी अपना रहे हैं।' उन्होंने रणवीर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रणवीर की उपलब्धि क्यों है खास
गौरतलब है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 देश के प्रमुख एआई मंचों में से एक है, जहाँ आमतौर पर अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता वक्ता के रूप में शामिल होते हैं। ऐसे में 8 वर्षीय रणवीर का सबसे कम उम्र के वक्ता के रूप में इस मंच पर उपस्थित होना भारत में बाल प्रतिभाओं के उभरते परिदृश्य को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार स्कूल स्तर पर एआई शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत कदम उठा रही है।
एलजी संधू का तकनीक के प्रति दृष्टिकोण
उपराज्यपाल टीएस संधू तकनीक-आधारित 'जीवन की सुगमता' और 'व्यापार की सुगमता' के प्रबल समर्थक रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित नैसकॉम ग्लोबल कॉन्फ्लुएंस 2026 में 'राष्ट्र निर्माण में टेक्नोलॉजी की भूमिका' विषय पर मुख्य भाषण दिया था। उन्होंने उस अवसर पर इनोवेशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और जिम्मेदार तकनीक की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर दिया था।
प्रशासनिक सुधारों पर संधू के निर्देश
हाल ही में संधू ने दिल्ली के अधिकारियों को 'जीवन की सुगमता' को बेहतर बनाने के लिए सुधारों में तेजी लाने और 'जब तक मना न हो, तब तक अनुमति' वाली व्यवस्था की ओर बढ़ने का निर्देश दिया। इसके तहत 30 जून 2026 तक सभी कानूनी अवरोधों को दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रक्रियागत सुधार से दिल्ली के नागरिकों के लिए अधिक दक्षता, पारदर्शिता और अवसर सुनिश्चित होने चाहिए। संधू ने यह भी संकेत दिया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026' को शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा ताकि अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके।
आगे क्या
रणवीर सिंह सचदेवा की इस पहचान से भारत में बाल एआई प्रतिभाओं पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रतिभाओं को संस्थागत समर्थन मिले तो भारत वैश्विक एआई नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उपराज्यपाल की इस सार्वजनिक सराहना से रणवीर की कहानी राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।