नशा मुक्त पंजाब यात्रा: लुधियाना में महिला का आरोप — '10 साल से ड्रग्स बेच रहा पति, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई'
सारांश
मुख्य बातें
लुधियाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के दौरान 25 सितंबर 2026 को मनोहर नगर निवासी महिला वर्षा ने गंभीर आरोप लगाए कि उसका पति पिछले 10 वर्षों से नशीली दवाओं का सेवन कर रहा है और उन्हें बेचता भी है। उसने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने उसके पति के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
महिला के गंभीर आरोप
वर्षा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मेरा पति पिछले 10 वर्षों से नशीली दवाओं का सेवन कर रहा है और उन्हें बेचता भी है।' उन्होंने बताया कि जब भी उन्होंने पति के खिलाफ आवाज़ उठाई, परिवार के सदस्य ही उनके विरुद्ध हो गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें थाने तो बुलाया, लेकिन पति के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया — जो कि आलोचकों के अनुसार पंजाब में नशा-विरोधी अभियानों की एक व्यापक विफलता को दर्शाता है।
पीड़ित परिवारों की दर्दनाक दास्तान
'मावन मंगदियन जवाब' (माताओं की मांग) के बैनर तले आयोजित इस मीडिया वार्ता में लुधियाना और पास के कस्बे जगराओं से 17 परिवार शामिल हुए। मंजीत नगर निवासी बलविंदर कौर ने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले में नशीले पदार्थों के सेवन से करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह पत्रकारों को इलाके में ले जाकर नशीले पदार्थों की बिक्री का प्रत्यक्ष अनुभव करा सकती हैं।
मनोहर नगर के एक अन्य निवासी ने बताया कि उनके इलाके में नशे के कारण 10 से 12 लोगों की जान जा चुकी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने नशे के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई की, जबकि तस्करों को छोड़ दिया गया — एक ऐसा दावा जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कार्यक्रम में शामिल शिंदो बाई ने बताया कि उन्होंने नशीली दवाओं के कारण अपने चार बेटे खो दिए हैं — एक ऐसी त्रासदी जो उपस्थित परिवारों की साझा पीड़ा का प्रतीक बन गई। खाली कुर्सियों पर रखी तस्वीरें और अखबारों की कतरनें उन जीवनों की याद दिलाती रहीं जो, आयोजकों के अनुसार, प्रभावी कार्रवाई से बचाए जा सकते थे।
BJP का राजनीतिक रुख और यात्रा का उद्देश्य
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शब्दों में बयां करना असंभव है। उन्होंने बताया कि पार्टी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। ढिल्लों ने यह भी बताया कि भुचो मंडी कस्बे में निवासियों ने उनके काफिले को रोककर कहा कि यह अभियान नहीं रुकना चाहिए।
ढिल्लों ने पंजाब में नक्सलवाद और उत्तर प्रदेश में गैंगस्टरवाद से निपटने में BJP के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी नशा समस्या का समाधान करने में सक्षम है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह कोई राजनीतिक कवायद नहीं, बल्कि जन आंदोलन है।'
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है। राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने नशा उन्मूलन के लिए कई वादे किए हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों का आरोप है कि ज़मीनी हकीकत अभी भी बदली नहीं है। गौरतलब है कि पंजाब की नशा समस्या को लेकर देश के कई न्यायिक और प्रशासनिक आयोग चिंता जता चुके हैं।
BJP द्वारा आयोजित यह यात्रा एक विपक्षी दल का नशा-विरोधी अभियान है, जिसे आलोचक राजनीतिक रूप से प्रेरित बता सकते हैं — हालांकि पीड़ित परिवारों की पीड़ा निर्विवाद रूप से वास्तविक है।
आगे क्या होगा
ढिल्लों ने कहा कि BJP का यह अभियान 30 सितंबर के बाद भी जारी रहेगा और पंजाब भर के लोगों से इसमें जुड़ने की अपील की गई है। परिवारों ने माँग की है कि नशा तस्करी के विरुद्ध ठोस कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिजनों को न्याय मिले।