18 अक्टूबर 2026
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लव कुश रामलीला में LG तरनजीत सिंह संधू बोले — युवा रामायण के मूल्यों से लें प्रेरणा

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लव कुश रामलीला में LG तरनजीत सिंह संधू बोले — युवा रामायण के मूल्यों से लें प्रेरणा

सारांश

लाल किला मैदान में 100 से अधिक वर्षों से चली आ रही लव कुश रामलीला में इस बार दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहुँचे। संधू ने दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी को राम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 अक्टूबर 2026 को लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला में भाग लिया।
संधू ने कहा कि भारत के युवाओं को रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर 'राम राज्य' की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
अभिनेता मनीष चतुर्वेदी ने भी युवाओं से रामलीला में आने और भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
लाल किले के पास यह रामलीला 100 से अधिक वर्षों से श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा आयोजित की जा रही है।
वर्ष 2008 में यूनेस्को ने रामलीला को 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' का दर्जा दिया।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 अक्टूबर 2026 को लाल किला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक लव कुश रामलीला में शिरकत की। इस अवसर पर संधू ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी को रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उपराज्यपाल का संदेश

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा, 'यह लाल किले की रामलीला है, और हम रामायण से तथा भगवान राम द्वारा स्थापित राम राज्य की अवधारणा से बहुत प्रेरणा लेते हैं।' उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों की समस्याओं को हल करने की कोशिश जारी है और यह यात्रा 'राम राज्य' की अवधारणा की दिशा में है।

संधू ने जोर देकर कहा, 'हमारे युवा, जो दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हैं, उन्हें रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।' उनके अनुसार रामायण और भगवान राम की प्रेरणा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सदियों पहले थी।

अभिनेता मनीष चतुर्वेदी की अपील

इस अवसर पर अभिनेता मनीष चतुर्वेदी ने भी युवाओं से रामलीला में आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'हमारे युवाओं में अपार क्षमता और ऊर्जा है। उनमें देश के लिए बहुत कुछ करने का जुनून और काबिलियत है, उन्हें सिर्फ सही दिशा और मार्गदर्शन की जरूरत है, जो रामलीलाओं और भगवान राम के चरित्र के माध्यम से मिल सकता है।'

चतुर्वेदी ने जंतर-मंतर पर हाल के प्रदर्शनों के दौरान अश्लील भाषा के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम के आदर्श युवाओं को सही राह दिखा सकते हैं।

लव कुश रामलीला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

लाल किला के निकट मैदानों में यह रामलीला 100 से अधिक वर्षों से श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा आयोजित की जा रही है। यह परंपरा मूल रूप से यमुना के रेतीले किनारों पर मुगल काल के दौरान हिंदू सैनिकों द्वारा शुरू हुई थी और बाद में लाल किले के पास के मैदानों में स्थानांतरित हुई।

गौरतलब है कि वर्ष 2008 में यूनेस्को ने रामलीला को 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता दी। यह आयोजन हर वर्ष बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करता है और भगवान श्रीराम के त्याग, सत्य और धर्म की विजय का जीवंत प्रतीक माना जाता है।

सांस्कृतिक महत्व और आगे की राह

यह आयोजन ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है जब समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और युवा पीढ़ी की दिशा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों की उपस्थिति इस आयोजन को राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है। आने वाले दिनों में यह रामलीला और अधिक भव्य रूप ग्रहण करेगी, जिसमें हज़ारों दर्शकों के जुटने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दिल्ली की राजनीतिक जमीन पर भी असर रखती है। ध्यान देने योग्य है कि जंतर-मंतर के हालिया प्रदर्शनों का अप्रत्यक्ष संदर्भ एक सांस्कृतिक मंच से राजनीतिक टिप्पणी की तरह ध्वनित होता है। यूनेस्को-मान्यता प्राप्त इस विरासत उत्सव की व्यापकता निर्विवाद है, लेकिन इसे 'सही दिशा बनाम गलत राह' की बहस में खींचना इसके सांस्कृतिक महत्व को संकुचित करने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लव कुश रामलीला क्या है और यह कहाँ होती है?
लव कुश रामलीला नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक सांस्कृतिक उत्सव है, जो 100 से अधिक वर्षों से श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा संचालित है। यूनेस्को ने 2008 में इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' घोषित किया है।
18 अक्टूबर 2026 को रामलीला में कौन-कौन शामिल हुए?
18 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लाल किला मैदान की लव कुश रामलीला में शामिल हुए। अभिनेता मनीष चतुर्वेदी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
LG तरनजीत सिंह संधू ने युवाओं को क्या संदेश दिया?
उपराज्यपाल संधू ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी, जो दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, उसे रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने भगवान राम के आदर्शों को आज भी प्रासंगिक बताया।
लाल किले की रामलीला की परंपरा कितनी पुरानी है?
यह परंपरा मुगल काल के दौरान यमुना के रेतीले किनारों पर हिंदू सैनिकों द्वारा शुरू हुई थी और बाद में लाल किले के पास के मैदानों में आई। श्री धार्मिक लीला कमेटी 100 से अधिक वर्षों से इसका संचालन कर रही है।
अभिनेता मनीष चतुर्वेदी ने युवाओं से क्या आग्रह किया?
मनीष चतुर्वेदी ने युवाओं से रामलीला में आने और भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा है और उन्हें सही दिशा की जरूरत है जो रामलीला से मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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