मध्य प्रदेश में आयुर्वेद-होम्योपैथी को बढ़ावा: सीएम मोहन यादव ने धनतेरस पर धन्वंतरि पूजन किया
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 नवंबर 2026 को धनतेरस और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती के अवसर पर भोपाल स्थित प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।
पारंपरिक चिकित्सा को नई पहचान
मुख्यमंत्री यादव ने धनतेरस की बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को जोड़कर भारत की पारंपरिक चिकित्सा को बल दिया है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'हमारे लिए सबसे बड़ा धन निरोग रहना है, इसीलिए सबसे बड़ा सुख निरोगी काया माना जाता है।'
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष विभाग के माध्यम से प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को राष्ट्रीय स्तर पर नया सम्मान और संस्थागत पहचान मिल रही है। गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय की स्थापना के बाद से पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज हुए हैं।
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को राहत
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री यादव ने स्वामित्व योजना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बनाने में लाखों रुपये की पूंजी लगाने वाले लोगों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के तहत आवास की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों ने गाँव में गोचर भूमि या सरकारी ज़मीन पर जो मकान बनाए हैं, उनके पंजीकरण का कार्य राज्य सरकार ने अभियान के रूप में शुरू किया है। इस दस्तावेज़ के आधार पर संबंधित व्यक्ति बैंक से गृह ऋण अथवा व्यावसायिक ऋण प्राप्त कर सकता है।
पार्टी पदाधिकारियों की उपस्थिति
धनतेरस पूजन कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम पाँच दिवसीय दीपोत्सव पर्व के पहले दिन आयोजित किया गया।
आम जनता पर असर
स्वामित्व योजना के तहत निःशुल्क रजिस्ट्री से ग्रामीण परिवारों को अपने आवास का कानूनी स्वामित्व प्रमाण मिलेगा, जो बैंक ऋण प्राप्त करने में सहायक होगा। पारंपरिक चिकित्सा को प्रोत्साहन देने की नीति से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथी सेवाओं की पहुँच बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार इन दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा देने की संभावना है।