मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस 28-29 सितंबर को MP में निर्वाचन आयोग और कलेक्टर कार्यालयों का करेगी घेराव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 24 सितंबर 2026 को भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए ऐलान किया कि राज्य की मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस निर्णायक आंदोलन करेगी। इसके तहत 28 सितंबर 2026 को राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय और 29 सितंबर 2026 को प्रदेशभर के जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
पटवारी ने कहा कि पिछले करीब दो वर्षों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश में लोकतंत्र, मतदाता के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल लगातार उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है तो इसका सीधा प्रभाव उसके संवैधानिक मताधिकार पर पड़ता है।
मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 के तहत मतदाता सूची, नाम खोजने और संबंधित प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्य आँकड़े और कांग्रेस के सवाल
पटवारी के अनुसार, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर दिसंबर 2025 में प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में 42,74,160 नामों से संबंधित फॉर्म उपलब्ध न होने की बात सामने आई थी। इसके बाद दावे-आपत्तियों और सत्यापन की प्रक्रिया चली।
रिपोर्टेड आँकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मध्य प्रदेश में कुल 5,39,81,065 मतदाता दर्ज हैं और 34,25,078 नाम हटाए गए, जबकि ड्राफ्ट सूची की तुलना में लगभग 8.49 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि भी दर्ज हुई। कांग्रेस की माँग है कि ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच हुए इन बड़े बदलावों का विधानसभा क्षेत्रवार और बूथवार पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
निर्वाचन आयोग पर निशाना
पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग को सरकार या सत्तारूढ़ दल के प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र रहकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग स्वयं एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो मतदाता सूची की तैयारी, संशोधन और सुधार की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाती है। इस जिम्मेदारी को निष्पक्ष रूप से निभाया जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
पटवारी ने स्पष्ट किया कि 28-29 सितंबर 2026 का घेराव अभियान एक लंबी श्रृंखला की अगली कड़ी है। आने वाले दिनों में कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय के बाद इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा।
यह आंदोलन ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों की सक्रियता बढ़ रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य बना हुआ है।