इंदौर जल संकट: जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, BJP विधायकों की नाराज़गी का भी उठाया मुद्दा

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इंदौर जल संकट: जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, BJP विधायकों की नाराज़गी का भी उठाया मुद्दा

सारांश

देश की पहली वॉटर प्लस सिटी इंदौर में जल संकट — और भाजपा के अपने विधायकों का सार्वजनिक आक्रोश — कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए CM मोहन यादव पर निशाना साधने का सबसे धारदार हथियार बन गया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 18 मई 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इंदौर के जल संकट पर जवाब माँगा।
देश की पहली वॉटर प्लस सिटी इंदौर में जनता पानी के लिए सड़कों पर, भाजपा विधायक भी सार्वजनिक कार्यक्रम छोड़कर आक्रोश जता रहे हैं।
प्रभारी मंत्री ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि अलीराजपुर में विधायक नागर सिंह चौहान का शराब कारोबार शासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि शराब माफिया सत्ता के संरक्षण में पनप रहे हैं और प्रशासनिक नियंत्रण कमज़ोर पड़ा है।
राज्य सरकार की ओर से पत्र पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 18 मई 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर देश की पहली वॉटर प्लस सिटी इंदौर में गहराते जल संकट पर कड़े सवाल उठाए हैं। पटवारी ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्रियों का असली रिपोर्ट कार्ड बंद कमरों की समीक्षा बैठकों में नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश और भाजपा विधायकों की खुली नाराज़गी में दिख रहा है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि इंदौर में स्थिति इतनी गंभीर है कि भाजपा के अपने विधायक सार्वजनिक कार्यक्रम छोड़कर जल संकट पर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रभारी मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया है कि अलीराजपुर में विधायक नागर सिंह चौहान के कथित शराब कारोबार से शासन व्यवस्था और समन्वय पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल

पटवारी के अनुसार, जहाँ जनता पानी के लिए सड़कों पर उतरी है, वहाँ सरकार प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि मंत्री समीक्षा की 'स्क्रिप्ट' पढ़ रहे हैं जबकि विधायक खुद जलसंकट के चलते सरकारी कार्यक्रम छोड़ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि शराब माफिया सत्ता के संरक्षण में पनप रहे हैं और प्रशासन बेबस नज़र आता है।

जनता से जुड़े सवाल

पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सरकार की समीक्षा बैठकों में यह नहीं पूछा जाता कि कितने घरों तक पानी पहुँचा, कितनी बेटियाँ शराब और अपराध के भय से सुरक्षित हैं, और कितने युवाओं का भविष्य नशे से बचाया जा सका। उन्होंने माँग की कि यदि वास्तव में समीक्षा करनी है तो किसानों, पानी के लिए भटकती महिलाओं और बेरोज़गार युवाओं से की जाए।

विपक्ष का रुख और राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति की समस्या कई शहरों में विकराल रूप ले चुकी है। गौरतलब है कि इंदौर को लगातार कई वर्षों तक देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा मिला है और वॉटर प्लस सिटी का तमगा भी इसी शहर के पास है — ऐसे में वहाँ जल संकट की खबरें सरकार के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं।

आगे क्या

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस पत्र के बाद राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में यह मुद्दा और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्तारूढ़ दल के अपने विधायकों की नाराज़गी इसे ज़्यादा विश्वसनीय बनाती है। असली सवाल यह है कि स्वच्छता और जल प्रबंधन के राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाला शहर गर्मी के हर सीज़न में आपूर्ति संकट में क्यों फँसता है — और इसका जवाब केवल विपक्ष के पत्रों से नहीं, बल्कि बुनियादी ढाँचे की ऑडिट से मिलेगा। अलीराजपुर के शराब कारोबार वाले आरोप को प्रभारी मंत्री की कथित स्वीकृति के साथ जोड़कर देखें तो यह स्पष्ट होता है कि मध्य प्रदेश में शासन की चुनौतियाँ अब भीतर से भी उठ रही हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव को पत्र क्यों लिखा?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 18 मई 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इंदौर के जल संकट, अलीराजपुर में कथित शराब कारोबार से जुड़े शासन सवालों और भाजपा विधायकों की नाराज़गी पर जवाब माँगा। उन्होंने सरकार की समीक्षा प्रक्रिया को 'नौटंकी' बताते हुए जनता से सीधे संवाद की माँग की।
इंदौर में जल संकट की स्थिति क्या है?
देश की पहली वॉटर प्लस सिटी इंदौर में इस वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की गंभीर कमी की खबरें सामने आई हैं। स्थिति इतनी विकट बताई जा रही है कि भाजपा के अपने विधायक सार्वजनिक कार्यक्रम छोड़कर जलसंकट पर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
अलीराजपुर में विधायक नागर सिंह चौहान पर क्या आरोप हैं?
पटवारी के पत्र के अनुसार, प्रभारी मंत्री ने कथित तौर पर स्वयं स्वीकार किया है कि अलीराजपुर में विधायक नागर सिंह चौहान का शराब कारोबार समन्वय और शासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। यह आरोप कांग्रेस की ओर से नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल के भीतर से उठा बताया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार ने पटवारी के पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय ने कोई बयान जारी नहीं किया है।
कांग्रेस ने सरकार से क्या माँग की है?
पटवारी ने माँग की है कि मंत्रियों की औपचारिक समीक्षा बैठकें बंद कर किसानों, पानी के लिए भटकती महिलाओं, बेरोज़गार युवाओं और आम नागरिकों से सीधे संवाद किया जाए। उनका कहना है कि जनता का गुस्सा ही सरकार का असली रिपोर्ट कार्ड है।
राष्ट्र प्रेस
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