मध्य प्रदेश में कुपोषण से बच्चों की मौत, अनाज सड़ रहा: विपक्षी नेता उमंग सिंघार का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 29 सितंबर 2026 को राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर प्रदेश में अनाज सड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुपोषण के कारण बच्चों की मौत हो रही है। सिंघार ने भोपाल में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि राज्य के वंचित तबकों तक खाद्यान्न की समुचित आपूर्ति नहीं हो पा रही, जो बच्चों में बढ़ते कुपोषण का प्रमुख कारण है।
मुख्य आरोप और बालाघाट का मामला
सिंघार ने आरोप लगाया कि बालाघाट जिले में कुपोषण से बच्चों की मौत का मामला सबके सामने है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एथेनॉल संयंत्रों के लिए जानबूझकर अनाज को खराब होने दिया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि यह अनाज जरूरतमंद बच्चों तक पहुँच पाता, तो कुपोषण की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
सरकार की नीतियों पर कांग्रेस का हमला
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) आम जनता की आवाज़ है और हर वर्ग के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक तरीके से नहीं कर रही और जनता को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
ईवीएम पर सिंघार का बयान
सिंघार ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस दिन ईवीएम से चुनाव होना बंद हो जाएगा, उस दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) सीमित हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि ईवीएम पर यह विवाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की पुरानी माँगों में से एक रहा है।
आगे की राह
सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आने वाले समय में जनता से जुड़े इन मुद्दों को तब तक उठाती रहेगी जब तक इनका समाधान नहीं हो जाता। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में कुपोषण के आँकड़े राष्ट्रीय औसत से ऊपर बने हुए हैं और खाद्य वितरण व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।