'विकसित महाराष्ट्र 2047': MMR में रेलवे, मेट्रो और RRTS विस्तार के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने शहरी परिवहन को आधुनिक और सुसंगत बनाने की दिशा में 15 अक्टूबर 2026 को एक सरकारी संकल्प (जीआर) जारी कर उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है, जो मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों में रेलवे नेटवर्क, मेट्रो कॉरिडोर और क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (RRTS) के विस्तार हेतु व्यापक ढाँचा तैयार करेगा। यह पहल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'विकसित महाराष्ट्र 2047' परिकल्पना का अभिन्न हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अगले दो दशकों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी, एकीकृत और भविष्योन्मुखी बनाना है।
टास्क फोर्स के गठन की पृष्ठभूमि
यह टास्क फोर्स 7 अक्टूबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास-1) की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अस्तित्व में आई है। राज्य सरकार के अनुसार, मुंबई और अन्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और यात्री दबाव को देखते हुए एकीकृत परिवहन योजना की तत्काल आवश्यकता थी।
गौरतलब है कि MMR में प्रतिदिन लगभग 75 लाख यात्री उपनगरीय रेल से सफर करते हैं, और मेट्रो नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार हो रहा है — ऐसे में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एक बड़ी चुनौती बन गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई के बुनियादी ढाँचे पर यात्री भार लगातार बढ़ रहा है और एकाधिक परियोजनाएँ समानांतर रूप से चल रही हैं।
टास्क फोर्स की संरचना और सदस्यता
मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता करेंगे, जबकि MRVC के मुख्य प्रबंधक (योजना) सदस्य सचिव होंगे। मुख्य सदस्यों में शामिल हैं — शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव (यूडी-7), नागपुर स्थित महाराष्ट्र मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (महा-मेट्रो) के निदेशक (योजना/परियोजनाएँ), पुणे स्थित महा-मेट्रो के निदेशक (परियोजनाएँ), मुंबई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (MMRCL) के निदेशक (योजना) और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के परिवहन एवं संचार प्रमुख।
आमंत्रित प्रतिनिधियों में CIDCO (नवी मुंबई), पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, नासिक महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, छत्रपति संभाजीनगर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और महा मुंबई मेट्रो संचालन निगम लिमिटेड के योजना प्रमुख शामिल हैं।
टास्क फोर्स की प्रमुख जिम्मेदारियाँ
टास्क फोर्स को छह महीने के भीतर अपनी रणनीतिक सिफारिशें और रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी होगी। इसकी मुख्य जिम्मेदारियों में तीन प्रमुख क्षेत्र हैं:
पहला — 'विकसित महाराष्ट्र 2047' के लक्ष्यों के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के सुचारू एकीकरण के लिए नीतिगत सिफारिशें और समन्वय उपाय तैयार करना। दूसरा — विशिष्ट क्षेत्रों में व्यवहार्यता, उपयुक्तता और आर्थिक दक्षता के आधार पर यह तय करना कि कहाँ कौन-सी परिवहन प्रणाली लागू की जाए। तीसरा — रेलवे विस्तार, मेट्रो कॉरिडोर, RRTS और प्रमुख शहरों को अर्ध-उच्च गति रेल से जोड़ने की संभावनाओं का गहन मूल्यांकन करना।
मुंबई का परिवहन परिदृश्य: एक नज़र
मुंबई का उपनगरीय रेल नेटवर्क 435 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है और एशिया के सबसे पुराने एवं व्यस्ततम रेल तंत्रों में गिना जाता है। यह मुख्यतः वेस्टर्न लाइन, सेंट्रल लाइन और हार्बर लाइन पर आधारित है, जो दक्षिण मुंबई से लेकर विस्तारित उपनगरों और पड़ोसी जिलों तक फैली हैं।
सेंट्रल रेलवे, वेस्टर्न रेलवे और MRVC द्वारा क्षमता उन्नयन, स्टेशन सुधार और रोलिंग स्टॉक आधुनिकीकरण — जिसमें वातानुकूलित लोकल ट्रेन सेवाओं का विस्तार शामिल है — के अंतर्गत निरंतर कार्य जारी है। मेट्रो लाइनों का भी तेज़ी से विस्तार हो रहा है, जो उपनगरीय नेटवर्क पर यात्री भार कम करने में सहायक है।
आगे क्या होगा
टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार भविष्य की परिवहन परियोजनाओं की प्राथमिकता और वित्त पोषण तय करेगी। यदि सिफारिशें समय पर आती हैं, तो RRTS विस्तार और नए मेट्रो कॉरिडोर की रूपरेखा 2027 की शुरुआत तक स्पष्ट हो सकती है। यह टास्क फोर्स न केवल मुंबई, बल्कि पुणे, नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे उभरते महानगरों के लिए भी दीर्घकालिक परिवहन दृष्टिकोण तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।