एसआईआर के खिलाफ पटना में महागठबंधन का मार्च: तेजस्वी यादव बैरिकेड फाँदे, राज्यपाल से मिलेंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर महागठबंधन ने 8 अक्टूबर 2026 को पटना में बड़ा विरोध मार्च निकाला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और वामपंथी दलों के नेता व कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। मार्च के दौरान पुलिस की बैरिकेडिंग पर तेजस्वी यादव के चढ़कर आगे बढ़ने की घटना ने प्रदर्शन को नया मोड़ दे दिया।
मार्च का रूट और पुलिस की तैयारी
महागठबंधन का यह मार्च शहीद स्मारक से शुरू होकर लोकभवन और सप्तमूर्ति की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी पहली दो बैरिकेडिंग पार कर गए, जिसके बाद तीसरी बैरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसी दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेड पर चढ़कर आगे बढ़ गए, जिसके बाद उन्हें तथा प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य नेताओं को पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया। VIP प्रमुख मुकेश सहनी भी इस प्रदर्शन में तेजस्वी के साथ अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे।
राज्यपाल से मुलाकात की अनुमति
पुलिस के अनुसार, महागठबंधन नेताओं को राजभवन जाने की अनुमति दे दी गई है। उन्हें पुलिस व्यवस्था के तहत राजभवन ले जाया जा रहा है, जहाँ वे राज्यपाल के समक्ष एसआईआर, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल रखेंगे। नेताओं ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा उनकी प्रमुख माँग है।
विपक्ष के आरोप और एसआईआर विवाद
विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को भी बिहार के विभिन्न प्रखंडों में महागठबंधन की ओर से आक्रोश मार्च और प्रदर्शन किए गए थे।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
महागठबंधन ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च के दौरान चुनाव आयोग तथा एसआईआर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पटना में मार्च को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।