7 अक्टूबर 2026
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पटना में महागठबंधन का आक्रोश मार्च, 8 अक्टूबर को तेजस्वी के नेतृत्व में राजभवन तक कूच

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पटना में महागठबंधन का आक्रोश मार्च, 8 अक्टूबर को तेजस्वी के नेतृत्व में राजभवन तक कूच

सारांश

बिहार में एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर महागठबंधन सड़कों पर उतरा। 7 अक्टूबर को 534 प्रखंडों में एक साथ प्रदर्शन हुए। अब 8 अक्टूबर को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना के शहीद स्मारक से राजभवन तक बड़ा मार्च निकाला जाएगा।

मुख्य बातें

महागठबंधन ने 7 अक्टूबर 2026 को पटना में इनकम टैक्स गोलंबर पर आक्रोश मार्च निकाला।
मार्च में राजद, सीपीआईएमएल और सीपीआई समेत इंडिया गठबंधन के घटक दल शामिल हुए।
बिहार के सभी 534 प्रखंडों में एक साथ आक्रोश मार्च और पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर की वापसी की माँग की।
8 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में शहीद स्मारक से राजभवन तक बड़ा मार्च प्रस्तावित।

बिहार में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध को लेकर इंडिया गठबंधन के आह्वान पर बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को पटना में महागठबंधन ने जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा पहले से घोषित इस प्रदर्शन में राजद, सीपीआईएमएल और सीपीआई समेत महागठबंधन के कई घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।

मार्च का रूट और प्रमुख घटनाक्रम

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर यह मार्च वीरचंद पटेल पथ होते हुए इनकम टैक्स गोलंबर तक पहुँचा, जहाँ बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए। मार्च के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूँके गए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मार्च के दौरान लगाए गए प्रमुख नारों में 'ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ', 'वोट चोर गद्दी छोड़' और 'लोकतंत्र को कमजोर करने वाली नीति नहीं चलेगी' शामिल रहे।

इंडिया गठबंधन के आरोप और माँगें

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने बिहार से शुरू किए गए एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग की। गठबंधन के नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई।

राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन

राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि बुधवार को बिहार के सभी 534 प्रखंडों में आक्रोश मार्च निकाले गए और पुतले फूँके गए। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर भी इंडिया गठबंधन के घटक दलों की ओर से धरना और आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह आंदोलन महज पटना तक सीमित न रहकर राज्यभर में एक साथ फैला रहा, जो इसकी व्यापक संगठनात्मक पहुँच को दर्शाता है।

8 अक्टूबर को राजभवन मार्च की तैयारी

एजाज अहमद ने बताया कि 8 अक्टूबर 2026 को पटना के शहीद स्मारक से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में राजभवन तक एक बड़ा मार्च निकाला जाएगा। इस प्रस्तावित मार्च में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, विधान पार्षद और पूर्व विधान पार्षद समेत विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भाग लेंगे। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

आगे क्या

यह आंदोलन ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया विवादों के घेरे में है। गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि इससे कुछ वर्गों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। 8 अक्टूबर का राजभवन मार्च इस आंदोलन का अगला और अधिक प्रतीकात्मक चरण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दरअसल यह बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता की लड़ाई है। गौरतलब है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रियाएँ अतीत में भी विवादों में रही हैं, और हाशिये पर खड़े वर्गों के नाम कटने की आशंकाएँ सिरे से खारिज नहीं की जा सकतीं। महागठबंधन का 534 प्रखंडों में एकसाथ प्रदर्शन निकालना संगठनात्मक ताकत का संकेत है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि वह इस आंदोलन को चुनावी एजेंडे से जोड़ने में कितना सफल रहता है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और केंद्र का रवैया आने वाले हफ्तों में इस विवाद की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में महागठबंधन का आक्रोश मार्च क्यों निकाला गया?
यह मार्च मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और बिहार में लागू विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में निकाला गया। इंडिया गठबंधन ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची की समीक्षा की एक प्रक्रिया है जिसे चुनाव आयोग बिहार में लागू कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से कुछ वर्गों के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं, जो चुनावी पारदर्शिता के लिए खतरा है।
8 अक्टूबर को राजभवन मार्च में कौन-कौन शामिल होगा?
8 अक्टूबर को पटना के शहीद स्मारक से राजभवन तक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में मार्च निकाला जाएगा। इसमें सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, विधान पार्षद, पूर्व विधान पार्षद और महागठबंधन के विभिन्न दलों के नेता व कार्यकर्ता भाग लेंगे।
7 अक्टूबर का आक्रोश मार्च कहाँ-कहाँ हुआ?
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद के अनुसार 7 अक्टूबर को बिहार के सभी 534 प्रखंडों में एक साथ आक्रोश मार्च निकाले गए और पुतले फूँके गए। पटना में यह मार्च राजद के प्रदेश कार्यालय से इनकम टैक्स गोलंबर तक पहुँचा।
महागठबंधन का यह आंदोलन आगे कहाँ तक जाएगा?
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया और एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। 8 अक्टूबर का राजभवन मार्च इस अभियान का अगला बड़ा चरण है, जिसके बाद सभी जिला मुख्यालयों पर भी धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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