तेजस्वी यादव का ऐलान: 7 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हर प्रखंड में आक्रोश मार्च
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने 5 अक्टूबर 2026 को पटना में हुई महागठबंधन की बैठक के बाद चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने घोषणा की कि इंडिया अलायंस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। इस बैठक में घटक दलों ने विरोध कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया।
आंदोलन का खाका
तेजस्वी यादव ने संयुक्त प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि इंडिया अलायंस की दिल्ली बैठक में 2 से 8 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। इसी कड़ी में 7 अक्टूबर को बिहार के हर प्रखंड में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध 'आक्रोश मार्च' निकाला जाएगा। 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा, और पटना में विधायक, पूर्व विधायक, विधान पार्षद तथा वरिष्ठ नेता विधानसभा के पास से राजभवन तक मार्च करते हुए राज्यपाल से मिलने का प्रयास करेंगे।
इसके अलावा गठबंधन के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से भी मिलने की कोशिश करेगा। चार-पाँच प्रमुख स्थानों पर बड़ी जनसभाएं और रैलियाँ आयोजित करने की योजना है, और तेजस्वी यादव ने प्रस्ताव रखा कि इनमें से एक बड़ी रैली पटना में हो।
चुनाव आयोग पर आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि कथित चुनावी धांधली की शुरुआत बिहार से ही हुई। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से जीवित लोगों के नाम काटकर उन्हें मृत घोषित किया गया — राघोपुर से जुड़ा एक ऐसा मामला उनकी पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय में भी उठाया था, ऐसा उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि को एक वर्ष से घटाकर 45 दिन कर दिया गया, जिससे कथित अनियमितताओं के साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं।
तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाने और उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कथित तौर पर पैसे बाँटे गए और मतदाताओं के खातों में राशि भेजी गई, परंतु चुनाव आयोग ने इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। ये सभी आरोप तेजस्वी यादव के दावों पर आधारित हैं; चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बैठक में शामिल प्रमुख नेता
पटना में हुई इस संयुक्त प्रेस वार्ता में वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक मुकेश सहनी, सीपीआई (एमएल) के धीरेंद्र झा, आईपी पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता, सीपीआई के सेक्रेटरी रामनरेश पांडे, सीपीआई (एम) के विधायक अजय कुमार और कांग्रेस से कपिल देव प्रसाद शामिल रहे। यह बैठक इंडिया अलायंस के साझा कार्यक्रमों को बिहार में प्रभावी ढंग से लागू करने और सभी घटक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण रही।
बिहार के मुद्दों पर हमला
तेजस्वी यादव ने चुनावी मुद्दों के अलावा बिहार में बेरोज़गारी, महँगाई, गरीबी और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिक माँग निष्पक्ष चुनाव और सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर की है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया अलायंस राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि आने वाले दिनों में बिहार में महागठबंधन की गतिविधियाँ तेज़ होंगी और गठबंधन राष्ट्रपति से मुलाकात का प्रयास भी करेगा। इंडिया अलायंस के भीतर एकजुटता और बिहार इकाई की सक्रियता, अगले चुनावी चक्र से पहले विपक्ष की रणनीति की परीक्षा होगी।