तेजस्वी के 'लोक भवन मार्च' पर JDU के श्याम रजक का तंज: 'कसरत के लिए सड़क पर निकलें'
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के महासचिव श्याम रजक ने बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के 8 अक्टूबर को प्रस्तावित 'लोक भवन मार्च' पर तीखा व्यंग्य कसा है। रजक ने कहा कि यदि तेजस्वी यादव के पास करने के लिए कोई ठोस काम नहीं है, तो वे अपनी सेहत सुधारने के लिए सड़कों पर टहल सकते हैं। पटना में 6 अक्टूबर 2026 को दिए गए इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
मार्च पर जदयू का पलटवार
जदयू महासचिव श्याम रजक ने कहा कि दिनभर बैठे रहने और खाने-पीने से तेजस्वी यादव का वज़न बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें कसरत की ज़रूरत है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि सड़क पर टहलने से तेजस्वी की सेहत में सुधार होगा और कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी राहत मिल सकती है। यह बयान स्पष्ट रूप से विपक्षी मार्च को राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक बताने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
रजक ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव का एकमात्र उद्देश्य अपने परिवार और भ्रष्टाचार को मज़बूत करना है। उन्होंने दावा किया कि जनता पहले ही ऐसे नेताओं को नकार चुकी है और वह उनके 'बहकावे' में नहीं आएगी।
जदयू के आंतरिक विवाद पर सफाई
जदयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं एमएलसी नीरज कुमार के बीच कथित मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि यह मामला अब सुलझा लिया गया है। उनके अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दोनों पक्षों से जुड़े सभी मुद्दों का निराकरण कर दिया है, इसलिए इस विषय पर आगे टिप्पणी करने का कोई औचित्य नहीं बचा।
मणिशंकर अय्यर की टिप्पणियों पर निशाना
पड़ोसी देशों को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की कथित टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए श्याम रजक ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आतंकवादी सीमाओं के ज़रिए भारत में घुसपैठ करते हैं, और यदि उनके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की जाती, तो क्या देश यह स्वीकार कर लेगा कि आतंकवादी आएँ, लोगों को मारें और ज़मीन पर कब्ज़ा करें? रजक ने आरोप लगाया कि कुछ नेता 'पाकिस्तान के प्रति प्रेम की भाषा' बोल रहे हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी अस्वीकार्य है।
सपा-कांग्रेस तालमेल पर सवाल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच कथित खींचतान पर टिप्पणी करते हुए श्याम रजक ने कहा कि दोनों दल बैठकें तो बहुत करते हैं, लेकिन चुनाव के समय उनका असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने बिहार विधान परिषद चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि गठबंधन की बैठक के अगले ही दिन सभी दल अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर देते हैं — जो यह साबित करता है कि बैठकों और ज़मीनी चुनावी रणनीति के बीच कोई तालमेल नहीं है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने 8 अक्टूबर को लोक भवन मार्च का आह्वान किया है, जिसे वे सरकार की कथित विफलताओं के विरोध में एक जन-आंदोलन बताते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन विपक्ष की हर पहल को काटने की रणनीति पर काम कर रहा है।