महाकुंभ 2025 डॉक्यूमेंट्री घोटाला: ₹7 करोड़ की धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी मुंबई से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री निर्माण के नाम पर ₹7 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी को 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वर्सोवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। घटना के बाद से फरार चल रहे इस आरोपी की गिरफ्तारी को ईओडब्ल्यू की इस जटिल आर्थिक अपराध जाँच में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, मैसर्स आईक्यू की निदेशक पुनीत सिक्का ने 2 जनवरी 2025 को मैसर्स इन्क पिक्चर्स और एमकोड वेंचर्स एलएलपी के साथ महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने का अनुबंध किया था। इस परियोजना के लिए ₹5 करोड़ 60 लाख 21 हजार 304 रुपए (जीएसटी सहित) का भुगतान किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने वादिनी संस्था और संबंधित कंपनी का विश्वास जीतकर फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए करोड़ों रुपए का दुरुपयोग किया और डॉक्यूमेंट्री तैयार नहीं की।
धोखाधड़ी के तरीके
जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों के भोजन और कैटरिंग के नाम पर करीब ₹75 लाख के हस्तलिखित फर्जी बिल पेश करके भुगतान वसूल किया। इसके अलावा, काम पूरा न करने की धमकी देकर करीब ₹20 लाख की जबरन वसूली भी की गई। शूटिंग और स्टूडियो किराए के नाम पर अतिरिक्त धनराशि भी माँगी गई।
ईओडब्ल्यू की विवेचना के दौरान मौखिक, दस्तावेज़ी, डिजिटल और परिस्थितिजन्य — सभी प्रकार के साक्ष्यों की कानूनी जाँच और समीक्षा की गई। जाँच में पाया गया कि नामजद आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी और 5 अन्य आरोपियों ने मिलकर आपराधिक साजिश रची।
आरोपों का दायरा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शासन-प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय महत्व की इस ऐतिहासिक परियोजना में धोखाधड़ी, फर्जी बिल और कूटरचित अनुबंध तैयार कर उन्हें असली के रूप में प्रस्तुत किया। आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और 50 टीबी से अधिक फुटेज की चोरी सहित कुल ₹7 करोड़ से अधिक का गबन किया गया।
गिरफ्तारी का विवरण
मुख्य आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी (पुत्र बालाचंद्रा), निवासी रत्नाकर बिल्डिंग के सामने, अंधेरी वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र को ईओडब्ल्यू की टीम ने थाना क्षेत्र वर्सोवा, अंधेरी वेस्ट से गिरफ्तार किया। घटना के बाद से वह फरार था और उसकी तलाश लंबे समय से जारी थी।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में इंद्रजीत नट्टोजी के अलावा 5 अन्य आरोपी भी हैं, जिनकी स्थिति के बारे में पुलिस ने अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। गौरतलब है कि महाकुंभ जैसे राष्ट्रीय-धार्मिक आयोजनों की आड़ में इस प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी की घटनाएँ बढ़ती चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ईओडब्ल्यू के इस कदम से आर्थिक अपराधियों पर कसते शिकंजे का संकेत मिलता है।