क्या महाराष्ट्र में 4.4 करोड़ रुपए के चीनी पटाखों की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या महाराष्ट्र में 4.4 करोड़ रुपए के चीनी पटाखों की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

राजस्व खुफिया निदेशालय ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर 4.4 करोड़ रुपए के चीनी पटाखों की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई ने अवैध व्यापार के खिलाफ सख्ती और सुरक्षा को मजबूत किया है। जानिए इस सफल अभियान के बारे में।

मुख्य बातें

4.4 करोड़ रुपए के चीनी पटाखों की तस्करी का भंडाफोड़ किया गया।
डीआरआई की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका।
अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ।
जनता की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए निरंतर प्रयास ।

लखनऊ, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने अपनी चल रही पहल, 'ऑपरेशन फायर ट्रेल', के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारत में अवैध चीनी मूल के पटाखों की तस्करी के प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है।

इस अभियान के परिणामस्वरूप न्हावा शेवा बंदरगाह (जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह) पर अनुमानित 4.4 करोड़ रुपए मूल्य का प्रतिबंधित सामान जब्त किया गया।

विस्तृत खुफिया जानकारी एकत्र करने के बाद, डीआरआई अधिकारियों ने एक संदिग्ध 40 फुट लंबे कंटेनर की पहचान की, जिसके बारे में बताया गया कि उसमें चीन से 'कांच की बोतलें' लाई जा रही थीं।

शिपमेंट के आगे के विश्लेषण से खतरे की घंटी बजी, जिससे माल के भीतर खतरनाक सामान छिपाने की कोशिश का संकेत मिला।

डीआरआई टीम ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर कंटेनर की जांच की, जिसके परिणामस्वरूप कांच की बोतलों की एक ऊपरी परत के पीछे छिपे 29,340 चीनी पटाखे बरामद हुए।

यह भ्रामक छिपाने की रणनीति पता लगने से बचने के लिए बनाई गई थी, जिसमें पटाखों को वैध माल के रूप में छिपाया गया था। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4.4 करोड़ रुपए है।

विदेश व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत पटाखों का आयात 'प्रतिबंधित' है, जिसके लिए विस्फोटक नियम, 2008 के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) दोनों से विशिष्ट लाइसेंसिंग आवश्यकताएं हैं।

खतरनाक सामग्रियों का अवैध आयात सार्वजनिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है।

केवल अक्टूबर 2025 में, डीआरआई एमजेडयू ने लगभग 16 करोड़ रुपए मूल्य के अवैध रूप से आयातित पटाखे जब्त किए हैं।

यह सफल अभियान अवैध व्यापार गतिविधियों से निपटने, तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने और भारत की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीआरआई की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि देश की सुरक्षा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए, डीआरआई का यह अभियान अवैध तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई का 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' क्या है?
यह एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य अवैध व्यापार और तस्करी को रोकना है।
न्हावा शेवा बंदरगाह पर क्या मिला?
यहां 4.4 करोड़ रुपए के चीनी पटाखे जब्त किए गए।
पटाखों का आयात क्यों प्रतिबंधित है?
ये खतरनाक सामग्रियां हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
डीआरआई का यह अभियान कितना सफल रहा?
यह अभियान अवैध व्यापार गतिविधियों को रोकने में अत्यंत सफल रहा है।
क्या इससे आगे भी कोई कार्रवाई होगी?
हां, डीआरआई अवैध तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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