महाराष्ट्र-ब्रिटेन द्विपक्षीय बैठक: एआई, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण में सहयोग पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 13 अक्टूबर 2026 को मुंबई में ब्रिटेन के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेतृत्व के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वच्छ प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में निवेश एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। यह फडणवीस की ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ दूसरी द्विपक्षीय बैठक थी, जो महाराष्ट्र सरकार के वैश्विक औद्योगिक साझेदारियों को मज़बूत करने के प्रयासों की कड़ी में अहम मानी जा रही है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
ब्रिटेन की ओर से बैठक में व्यापार एवं व्यापार राज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स, ग्रेटर मैनचेस्टर की मेयर बेव क्रेग, लिवरपूल सिटी रीजन के मेयर स्टीव रोदरम और नॉर्थ ईस्ट की मेयर किम मैकगिनेस सम्मिलित हुए। महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्री जयकुमार रावल भी इस महत्त्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
किन क्षेत्रों में सहयोग पर हुई चर्चा
बैठक में ग्रेटर मैनचेस्टर की जीवन विज्ञान और उन्नत सामग्री के क्षेत्र में विशेषज्ञता को महाराष्ट्र के औषधि, जैव प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग उद्योगों के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया गया। मुंबई और लिवरपूल की समुद्री तथा वाणिज्यिक गतिविधियों में समानता को देखते हुए बंदरगाहों, माल परिवहन और तटीय क्षेत्रों के पुनर्विकास में साझा काम की संभावनाएं भी उभरीं।
ब्रिटेन के नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की वाहन उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में क्षमताओं को महाराष्ट्र की औद्योगिक प्राथमिकताओं के अनुकूल बताया गया। विशेष रूप से सुंदरलैंड और पुणे के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने तथा दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति बनी।
महाराष्ट्र की प्रतिबद्धता और आमंत्रण
महाराष्ट्र सरकार ने ब्रिटिश कंपनियों को राज्य में अनुसंधान केंद्र, इंजीनियरिंग हब और वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centres) स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। सरकार ने स्पष्ट किया कि ब्रिटिश कंपनियों को राज्य में कारोबार विस्तार के लिए स्थानीय साझेदारियों तथा मानव संसाधन से जुड़ी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र देश का प्रमुख औद्योगिक राज्य बने रहने की होड़ में अन्य राज्यों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार हाल के महीनों में कई देशों के साथ निवेश समझौतों पर बातचीत कर रही है।
आगे क्या होगा
सीएमओ के अनुसार, दोनों पक्षों ने इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने और प्रस्तावित सहयोग को समयबद्ध तरीके से ठोस रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है। महाराष्ट्र सरकार ने ब्रिटेन के साथ औद्योगिक, तकनीकी और निवेश संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा व्यक्त की है। अगले चरण में दोनों पक्षों के बीच क्षेत्र-विशेष कार्यसमूहों के गठन की संभावना है जो समझौतों को व्यावहारिक धरातल पर उतारेंगे।