महासमुंद: शिवालिक इंजीनियरिंग कर्मचारी रमेश जांगड़े की मौत पर परिजनों का धरना, फैक्ट्री प्रबंधन से मिला मुआवज़ा
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम मुढेना स्थित शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कार्यरत कर्मचारी रमेश जांगड़े की 22 जून को उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों ने शव को फैक्ट्री के सामने रखकर धरना-प्रदर्शन किया। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उचित क्षतिपूर्ति की माँग की।
कैसे हुई घटना
मृतक के भाई राम नारायण जांगड़े के अनुसार, 22 मार्च को रात की ड्यूटी के दौरान रमेश जांगड़े की आँख में लोहे का एक टुकड़ा पड़ गया, जिससे सूजन आ गई। फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें राम कृष्ण केयर हॉस्पिटल में उपचार के लिए भेजा। कुछ दिनों बाद आँख में संक्रमण फैल गया और रमेश लकवाग्रस्त हो गए। लंबे उपचार के बावजूद 22 जून को उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों का आक्रोश और धरना
रमेश परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी और चार बच्चे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव को फैक्ट्री के सामने रखकर धरने पर बैठ गए और क्षतिपूर्ति की माँग करने लगे।
प्रशासन का हस्तक्षेप
माहौल बिगड़ता देख प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल और तहसीलदार जुगल किशोर पटेल को भेजा। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हुई।
समझौते की शर्तें
तहसीलदार जुगल किशोर पटेल ने बताया कि प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता हो गया है। इसके तहत फैक्ट्री प्रबंधन रमेश जांगड़े की पत्नी को आजीवन उनका वेतन देगा और बच्चों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी भी उठाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि किसी कारणवश पत्नी की भी मृत्यु हो जाती है, तो बच्चों को 24 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। समझौते के बाद परिजन शव लेकर अपने गाँव रवाना हो गए, जहाँ विधिवत अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुरक्षा जाँच और आगे की कार्रवाई
तहसीलदार पटेल ने बताया कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोपों को लेकर संबंधित विभाग को औपचारिक रूप से अवगत करा दिया गया है। एक टीम फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की विधिवत जाँच करेगी। यह मामला औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सुरक्षा की अनदेखी के व्यापक सवाल को एक बार फिर सामने लाता है।