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माजबत रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास: असम CM हिमंता ने PM मोदी को दिया धन्यवाद, 117 साल पुराने स्टेशन को मिली आधुनिक सुविधाएँ

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माजबत रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास: असम CM हिमंता ने PM मोदी को दिया धन्यवाद, 117 साल पुराने स्टेशन को मिली आधुनिक सुविधाएँ

सारांश

117 साल पुराना माजबत रेलवे स्टेशन अब नए रूप में — अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उदलगुरी का यह ऐतिहासिक स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस हो गया है। असम CM हिमंता ने PM मोदी का आभार जताया और बताया कि राज्य के 50 स्टेशनों का उन्नयन इसी योजना के तहत किया जा रहा है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 17 जुलाई को PM नरेंद्र मोदी को माजबत रेलवे स्टेशन के लोकार्पण के लिए धन्यवाद दिया।
स्टेशन लगभग 117 वर्ष पुराना है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में 1909 में हुई थी।
पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत किया गया है, जो केंद्र सरकार की प्रमुख रेल आधुनिकीकरण परियोजना है।
इस पहल के तहत पूरे असम में 50 स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है।
स्टेशन उदलगुरी जिले में स्थित है और उत्तरी असम के चाय उत्पादक क्षेत्रों को वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उदलगुरी जिले के माजबत रेलवे स्टेशन के पुनर्विकसित स्वरूप का लोकार्पण किया। यह स्टेशन लगभग 117 वर्ष पुराना है और केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत इसे आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पुनर्विकसित माजबत रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं। उन्होंने लिखा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस 117 साल पुराने स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल के अंतर्गत पूरे असम में 50 स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है।

सरमा के अनुसार, यह पुनर्विकास पूर्वोत्तर में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

माजबत स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व

असम के उदलगुरी जिले में स्थित माजबत रेलवे स्टेशन की स्थापना ब्रिटिश काल में लगभग 1909 में हुई थी। यह राज्य के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में से एक है और एक सदी से भी अधिक समय से इस क्षेत्र का प्रमुख परिवहन केंद्र रहा है।

गौरतलब है कि यह स्टेशन उत्तरी असम के चाय उत्पादक क्षेत्रों को प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ने में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। चाय, लकड़ी, कृषि उत्पादों और यात्रियों की आवाजाही इसी मार्ग से सुगम होती थी। दशकों में यह स्टेशन माजबत और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच की एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक जीवनरेखा बन गया।

अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है

अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) केंद्र सरकार की एक प्रमुख परियोजना है, जिसका उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करना है। इस योजना के तहत यात्री सुविधाओं, सुगम्यता और बुनियादी ढाँचे में सुधार के साथ-साथ स्थानीय स्थापत्य विशेषताओं को भी स्टेशनों के डिज़ाइन में शामिल किया जाता है।

उन्नत माजबत स्टेशन को बेहतर यात्री सुविधाओं, आधुनिक बुनियादी ढाँचे और उन्नत अमेनिटीज़ से सुसज्जित किया गया है, ताकि यात्रियों को एक बेहतर अनुभव मिल सके।

पूर्वोत्तर में रेल अवसंरचना का विस्तार

यह लोकार्पण ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत में रेल संपर्क को प्राथमिकता दे रही है। असम में 50 स्टेशनों का उन्नयन इस व्यापक रणनीति का हिस्सा है। माजबत स्टेशन की रणनीतिक स्थिति राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों और देश के शेष भाग के बीच संपर्क को और मज़बूत करेगी।

आने वाले समय में शेष 49 स्टेशनों का उन्नयन पूर्ण होने पर असम की रेल अवसंरचना में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 50 में से कितने स्टेशन तय समयसीमा में पूर्ण होंगे और स्थानीय आर्थिक गतिविधि पर इसका मापने योग्य असर कब दिखेगा। ऐतिहासिक स्टेशनों के नवीनीकरण में स्थानीय स्थापत्य पहचान को बनाए रखना एक चुनौती रहती है, जिस पर सरकार का दावा है कि ABSS इसे सुनिश्चित करती है — पर स्वतंत्र मूल्यांकन अभी सामने नहीं आया है। पूर्वोत्तर में रेल संपर्क की दीर्घकालिक कमी को देखते हुए यह कदम सही दिशा में है, बशर्ते क्रियान्वयन घोषणाओं जितना दमदार हो।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माजबत रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किस योजना के तहत हुआ?
माजबत रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत हुआ है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर बुनियादी ढाँचे और स्थानीय स्थापत्य विशेषताओं के साथ उन्नत करना है।
माजबत रेलवे स्टेशन कहाँ स्थित है और यह कितना पुराना है?
माजबत रेलवे स्टेशन असम के उदलगुरी जिले में स्थित है और इसकी स्थापना ब्रिटिश काल में लगभग 1909 में हुई थी, यानी यह करीब 117 साल पुराना है। यह असम के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में से एक है।
असम में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कितने स्टेशनों का उन्नयन होगा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरे असम में 50 स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है। माजबत इस श्रृंखला में लोकार्पित होने वाले स्टेशनों में शामिल है।
माजबत रेलवे स्टेशन का ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व क्या है?
माजबत रेलवे स्टेशन उत्तरी असम के चाय उत्पादक क्षेत्रों को प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ने में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। यह स्टेशन दशकों से माजबत और आसपास के निवासियों के लिए व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच की सामाजिक-आर्थिक जीवनरेखा रहा है।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने PM मोदी को धन्यवाद क्यों दिया?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी को पुनर्विकसित माजबत रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह पुनर्विकास पूर्वोत्तर में रेलवे अवसंरचना को मज़बूत करने के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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