मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज अदा करने पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर
सारांश
Key Takeaways
- मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज पढ़ने के लिए तीन लोगों पर एफआईआर।
- वायरल वीडियो के कारण मामला सामने आया।
- रेलवे पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की।
- भाजपा नेता किरिट सोमैया की सख्त प्रतिक्रिया।
- जांच जारी है, अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई संभव।
मुंबई, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज अदा करने के आरोप में रेलवे पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला तब सामने आया जब स्टेशन परिसर में नमाज पढ़ने का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसके चलते लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। इस वीडियो के प्रकाश में आते ही भाजपा नेता किरिट सोमैया ने इस मुद्दे पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई। स्टेशन मास्टर की शिकायत पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मिलकर आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की। जिन व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, उनमें मुश्ताक बाबू लोन (35), सोहेब सदाकत शाह (25) और बिस्मिल्लाह दीन अंसारी (43) शामिल हैं। ये सभी मलाड क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके अलावा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी मामले में संलिप्त बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि रेलवे परिसर में इस तरह की गतिविधियां नियमों के विरुद्ध हैं और इससे यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसलिए रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने कार्रवाई की है। वहीं, सरकारी रेलवे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 168 के तहत भी मामला दर्ज किया है।
यह मामला तब और ज्यादा चर्चा में आया जब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस मामले में लिखित शिकायत भी की है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन एक सार्वजनिक स्थान है और वहां इस तरह की गतिविधियां नियमों के खिलाफ हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन परिसर में नियमों का पालन करें ताकि व्यवस्था और सुरक्षा बनी रहे।
किरिट सोमैया ने कहा था कि रेलवे परिसर या सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह से नमाज पढ़ना नियमों के खिलाफ है और इसमें शामिल व्यक्तियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई का इस्लामीकरण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या शहर में विभिन्न तरीकों से सक्रिय हैं और सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।