सलीम कुमार को राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई, केरल सरकार उठाएगी पूरा खर्च
सारांश
मुख्य बातें
मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार के निधन पर केरल सरकार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी समस्त व्यवस्थाओं का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
सरकारी आदेश में क्या कहा गया
सामान्य प्रशासन (प्रोटोकॉल) विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि सरकार को सलीम कुमार के निधन का समाचार सुनकर अत्यंत दुख हुआ। आदेश में उनके लंबे फिल्मी करियर में अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और उनके द्वारा अर्जित प्रतिष्ठित पुरस्कारों का विशेष उल्लेख किया गया है।
पुरस्कार और विरासत
सलीम कुमार को वर्ष 2010 में फिल्म 'अदामिन्ते मकान अबू' में उनके असाधारण अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान प्रदान किया गया था। इसके अतिरिक्त वर्ष 2005 की फिल्म 'अचनुरंगथा वीडु' के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित किया गया था। गौरतलब है कि वे मलयालम फिल्म उद्योग के उन विरले कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने हास्य भूमिकाओं से लेकर गंभीर और संवेदनशील किरदारों तक हर रंग में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की व्यवस्था
सरकारी आदेश के अनुसार, रविवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक दिवंगत अभिनेता के पार्थिव शरीर को पारावुर टाउन हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहाँ प्रशंसक, फिल्म जगत की हस्तियाँ और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम जिले के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
प्रशासनिक और पुलिस निर्देश
केरल सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर को राज्य सरकार की ओर से पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं एर्नाकुलम (ग्रामीण) के जिला पुलिस प्रमुख को अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस सम्मान प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत बिगुल सलामी के साथ दिवंगत अभिनेता को अंतिम विदाई दी जाएगी।
सिनेमा जगत में शोक
सलीम कुमार के निधन से केरल ही नहीं, समूचे भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर है। यह राजकीय सम्मान उनके कला और सिनेमा जगत में अतुलनीय योगदान के प्रति राज्य सरकार की विनम्र श्रद्धांजलि है।